- विज्ञापन (Article Top Ad) -
हमीरपुर, 28 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! मुख्यमंत्री द्वारा होली उत्सव पर सुजानपुर का अपना प्रस्तावित दौरा स्थगित किए जाने को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इससे यहां की जनता के साथ धोखा करार दिया है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह आभास हो गया था कि यदि वह राष्ट्रीय होली मेले के आगाज पर सुजानपुर पहुंचते तो जनता उनसे अधूरे वादों का हिसाब मांगती। इसलिए विरोध से बचने के लिए उन्होंने अपना दौरा ही स्थगित कर दिया। राणा ने कहा कि वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री ने होली मेले के शुभारंभ अवसर पर मुरली मनोहर मंदिर में पूजा अर्चना की और बड़े मंच से सुजानपुर की जनता के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन एक-दो घोषणाओं को छोड़कर शेष सभी वादे आज तक अधूरे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने छह बड़े वादे किए थे—टोनी देवी में डिग्री कॉलेज खोलने का, सुजानपुर सिविल अस्पताल को 50 से 100 बेड करने का, जल शक्ति एवं विद्युत विभाग का डिवीजन खोलने का, बस अड्डे के निर्माण का, डिग्री कॉलेज में अंग्रेजी व अर्थशास्त्र में एमए कक्षाएं शुरू करने का तथा राष्ट्रीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने का—लेकिन इन पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। राजेंद्र राणा ने कहा कि “मुख्यमंत्री के मुख से निकली बात कभी पत्थर की लकीर मानी जाती थी, परंतु सुजानपुर के संदर्भ में वह भरोसा टूट गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री स्वयं को सुजानपुर का मुख्यमंत्री और विधायक बताते रहे, किंतु चुनाव के बाद क्षेत्र की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। यहां तक कि सुजानपुर के विधायक को भी उपेक्षित छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के सहयोगी गांव-गांव जाकर लोगों को अपने मोबाइल नंबर देकर गए थे और हर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, किंतु आज वे नंबर बंद मिल रहे हैं और जनता अपने प्रतिनिधियों को ढूंढ रही है। टोनी देवी में डिग्री कॉलेज के मुद्दे पर राणा ने दावा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत प्रयासों से लगभग 55 कनाल भूमि स्थानांतरित करवाई थी, परंतु सरकार केवल एक कमरे में कॉलेज खोलने का प्रयास कर रही थी, जो क्षेत्र की आवश्यकताओं के साथ मजाक है। राणा ने आरोप लगाया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं। बमसन क्षेत्र के ऊहल में आईटीआई भवन का निर्माण कार्य बंद है और ठेकेदार सामान समेटकर जा चुका है। सुजानपुर में टाउन हॉल, जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय के निर्माण कार्य भी रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री जनता के बीच आकर जवाब देने का साहस नहीं जुटा पा रहे, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। सुजानपुर की जनता अब घोषणाओं नहीं, बल्कि जमीनी विकास और जवाबदेही चाहती है।
हमीरपुर, 28 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! मुख्यमंत्री द्वारा होली उत्सव पर सुजानपुर का अपना प्रस्तावित दौरा स्थगित किए जाने को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इससे यहां की जनता के साथ धोखा करार दिया है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह आभास हो गया था कि यदि वह राष्ट्रीय होली मेले के आगाज पर सुजानपुर पहुंचते तो जनता उनसे अधूरे वादों का हिसाब मांगती। इसलिए विरोध से बचने के लिए उन्होंने अपना दौरा ही स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
राणा ने कहा कि वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री ने होली मेले के शुभारंभ अवसर पर मुरली मनोहर मंदिर में पूजा अर्चना की और बड़े मंच से सुजानपुर की जनता के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन एक-दो घोषणाओं को छोड़कर शेष सभी वादे आज तक अधूरे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने छह बड़े वादे किए थे—टोनी देवी में डिग्री कॉलेज खोलने का, सुजानपुर सिविल अस्पताल को 50 से 100 बेड करने का, जल शक्ति एवं विद्युत विभाग का डिवीजन खोलने का, बस अड्डे के निर्माण का, डिग्री कॉलेज में अंग्रेजी व अर्थशास्त्र में एमए कक्षाएं शुरू करने का तथा राष्ट्रीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने का—लेकिन इन पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
राजेंद्र राणा ने कहा कि “मुख्यमंत्री के मुख से निकली बात कभी पत्थर की लकीर मानी जाती थी, परंतु सुजानपुर के संदर्भ में वह भरोसा टूट गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री स्वयं को सुजानपुर का मुख्यमंत्री और विधायक बताते रहे, किंतु चुनाव के बाद क्षेत्र की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। यहां तक कि सुजानपुर के विधायक को भी उपेक्षित छोड़ दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के सहयोगी गांव-गांव जाकर लोगों को अपने मोबाइल नंबर देकर गए थे और हर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, किंतु आज वे नंबर बंद मिल रहे हैं और जनता अपने प्रतिनिधियों को ढूंढ रही है।
टोनी देवी में डिग्री कॉलेज के मुद्दे पर राणा ने दावा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत प्रयासों से लगभग 55 कनाल भूमि स्थानांतरित करवाई थी, परंतु सरकार केवल एक कमरे में कॉलेज खोलने का प्रयास कर रही थी, जो क्षेत्र की आवश्यकताओं के साथ मजाक है।
राणा ने आरोप लगाया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं। बमसन क्षेत्र के ऊहल में आईटीआई भवन का निर्माण कार्य बंद है और ठेकेदार सामान समेटकर जा चुका है। सुजानपुर में टाउन हॉल, जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय के निर्माण कार्य भी रुके हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री जनता के बीच आकर जवाब देने का साहस नहीं जुटा पा रहे, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। सुजानपुर की जनता अब घोषणाओं नहीं, बल्कि जमीनी विकास और जवाबदेही चाहती है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -