- विज्ञापन (Article Top Ad) -
हमीरपुर , 14 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सैनिक वेलफेयर विभाग द्वारा बैटरन्स डे के उपलक्ष पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे कांग्रेस विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने जहां एक ओर पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया, वहीं दूसरी ओर सेना दिवस के कार्यक्रम को लेकर बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन में कैप्टन रणजीत ने कहा कि बैटरन्स डे सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह उन वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। लेकिन इसी मंच से उन्होंने हाल ही में हुए सेना दिवस कार्यक्रम पर भी गंभीर टिप्पणी की। कैप्टन रणजीत ने कहा कि सेना दिवस किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की ब्रांडिंग का मंच नहीं होना चाहिए। यह दिन देश के जवानों की वीरता, बलिदान और अनुशासन को समर्पित है, न कि किसी के प्रचार का। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सेना दिवस के आयोजन में सेना की गरिमा और परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया? क्या कार्यक्रम पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ हुआ? अगर इसमें कहीं भी राजनीति या दिखावा घुसा है, तो यह सैनिकों के सम्मान के साथ अन्याय है। कैप्टन रणजीत ने स्पष्ट कहा कि वे खुद एक फौजी पृष्ठभूमि से आते हैं और सेना के सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि सेना दिवस के आयोजन से जुड़े सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई देश और प्रदेश की जनता के सामने आ सके। कार्यक्रम के बाद उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और सेना दिवस को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
हमीरपुर , 14 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सैनिक वेलफेयर विभाग द्वारा बैटरन्स डे के उपलक्ष पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे कांग्रेस विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने जहां एक ओर पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया, वहीं दूसरी ओर सेना दिवस के कार्यक्रम को लेकर बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अपने संबोधन में कैप्टन रणजीत ने कहा कि बैटरन्स डे सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह उन वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
लेकिन इसी मंच से उन्होंने हाल ही में हुए सेना दिवस कार्यक्रम पर भी गंभीर टिप्पणी की। कैप्टन रणजीत ने कहा कि सेना दिवस किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की ब्रांडिंग का मंच नहीं होना चाहिए। यह दिन देश के जवानों की वीरता, बलिदान और अनुशासन को समर्पित है, न कि किसी के प्रचार का।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सेना दिवस के आयोजन में सेना की गरिमा और परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया? क्या कार्यक्रम पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ हुआ? अगर इसमें कहीं भी राजनीति या दिखावा घुसा है, तो यह सैनिकों के सम्मान के साथ अन्याय है।
कैप्टन रणजीत ने स्पष्ट कहा कि वे खुद एक फौजी पृष्ठभूमि से आते हैं और सेना के सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि सेना दिवस के आयोजन से जुड़े सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई देश और प्रदेश की जनता के सामने आ सके।
कार्यक्रम के बाद उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और सेना दिवस को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -