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चम्बा , 08 जनवरी [ शिवानी ] ! जब काम सिर्फ नौकरी न रहकर जुनून बन जाए तो वह असाधारण रूप ले लेता है। ऐसा ही एक अनोखा मामला हिमाचल प्रदेश के भटियात विधानसभा के चम्बा जिले के सिहुंता क्षेत्र में देखने को मिल है। दिल छू लेने वाली एचआरटीसी के एक चालक का नौकरी के प्रति प्रेम और अनोखी रचना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल ककरोटी क्षेत्र के रहने वाले एचआरटीसी चालक श्रीधर ने अपने विभाग और अपनी ड्यूटी के प्रति दीवानगी की एक नई मिसाल पेश की है। श्रीधर ने अपने घर की छत पर लकड़ी और टीन की मदद से एचआरटीसी बस का एक हू-ब-हू मॉडल तैयार करवाया है। दूर से देखने पर यह बिल्कुल असली सरकारी बस जैसी नजर आती है। इस बस को एचआरटीसी के असली हरे-सफेद रंग, सटीक डिजाइन, सीटों, स्टीयरिंग और पहियों से इस तरह सजाया गया है कि कोई भी धोखा खा जाए। श्रीधर बताते हैं कि उनके लिए यह ढांचा सिर्फ लकड़ी और लोहे का खेल नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान का प्रतीक है। जब भी उन्हें छुट्टी मिलती है, वह अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त इसी छत वाली बस में बिताते हैं। वे यहीं बैठकर खाना खाते हैं और सुकून के पल महसूस करते हैं। यह बस उन्हें उस जिम्मेदारी का अहसास कराती है, जिसे वे पिछले कई सालों से निभा रहे हैं। श्रीधर वर्ष 2016 में हिमाचल पथ परिवहन निगम में बतौर चालक भर्ती हुए थे। तब से लेकर आज तक बस का स्टीयरिंग ही उनकी दुनिया है। अपनी इस अनोखी बस पर उन्होंने वही रूट (धर्मशाला से भरमौर) लिखवाया है, जिस पर वे रोज यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाते हैं। अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने एक स्थानीय मैकेनिक की मदद ली और अपनी सोच को छत पर उतार दिया। वर्तमान में श्रीधर का घर पूरे इलाके के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। दूरदराज से लोग इस अनोखी बस को देखने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी ऐसे शख्स को देखा है, जिसने अपनी सरकारी नौकरी को इस कदर दिल से जिया हो। बहरहाल, श्रीधर का यह प्रयास साबित करता है कि अगर दिल में जज्बा हो तो इंसान अपनी कर्मभूमि को ही अपना स्वर्ग बना सकता है।
चम्बा , 08 जनवरी [ शिवानी ] ! जब काम सिर्फ नौकरी न रहकर जुनून बन जाए तो वह असाधारण रूप ले लेता है। ऐसा ही एक अनोखा मामला हिमाचल प्रदेश के भटियात विधानसभा के चम्बा जिले के सिहुंता क्षेत्र में देखने को मिल है। दिल छू लेने वाली एचआरटीसी के एक चालक का नौकरी के प्रति प्रेम और अनोखी रचना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
दरअसल ककरोटी क्षेत्र के रहने वाले एचआरटीसी चालक श्रीधर ने अपने विभाग और अपनी ड्यूटी के प्रति दीवानगी की एक नई मिसाल पेश की है। श्रीधर ने अपने घर की छत पर लकड़ी और टीन की मदद से एचआरटीसी बस का एक हू-ब-हू मॉडल तैयार करवाया है। दूर से देखने पर यह बिल्कुल असली सरकारी बस जैसी नजर आती है।
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इस बस को एचआरटीसी के असली हरे-सफेद रंग, सटीक डिजाइन, सीटों, स्टीयरिंग और पहियों से इस तरह सजाया गया है कि कोई भी धोखा खा जाए। श्रीधर बताते हैं कि उनके लिए यह ढांचा सिर्फ लकड़ी और लोहे का खेल नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान का प्रतीक है। जब भी उन्हें छुट्टी मिलती है, वह अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त इसी छत वाली बस में बिताते हैं।
वे यहीं बैठकर खाना खाते हैं और सुकून के पल महसूस करते हैं। यह बस उन्हें उस जिम्मेदारी का अहसास कराती है, जिसे वे पिछले कई सालों से निभा रहे हैं। श्रीधर वर्ष 2016 में हिमाचल पथ परिवहन निगम में बतौर चालक भर्ती हुए थे। तब से लेकर आज तक बस का स्टीयरिंग ही उनकी दुनिया है।
अपनी इस अनोखी बस पर उन्होंने वही रूट (धर्मशाला से भरमौर) लिखवाया है, जिस पर वे रोज यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाते हैं। अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने एक स्थानीय मैकेनिक की मदद ली और अपनी सोच को छत पर उतार दिया। वर्तमान में श्रीधर का घर पूरे इलाके के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
दूरदराज से लोग इस अनोखी बस को देखने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी ऐसे शख्स को देखा है, जिसने अपनी सरकारी नौकरी को इस कदर दिल से जिया हो। बहरहाल, श्रीधर का यह प्रयास साबित करता है कि अगर दिल में जज्बा हो तो इंसान अपनी कर्मभूमि को ही अपना स्वर्ग बना सकता है।
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