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शिमला , 08 जनवरी [ विशाल सूद ] ! पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रामपुर विकासखंड की कुल 36 पंचायतों को आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। यह वितरण पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र योजना के अंतर्गत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति के दौरान पंचायत स्तर पर त्वरित, संगठित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराए गए आपदा प्रबंधन उपकरणों के सुरक्षित, प्रभावी एवं सही उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई, ताकि आपदा की स्थिति में इनका समयबद्ध एवं उचित प्रयोग सुनिश्चित किया जा सके।इस योजना का शुभारंभ पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर किया गया था। योजना के अंतर्गत शिमला जिला की सभी पंचायतों को चरणबद्ध रूप से आपदा प्रबंधन किट उपलब्ध करवाई जा रही हैं। योजना के तहत प्रत्येक पंचायत को सेफ्टी हेलमेट (2), लाइफ जैकेट (2), 50 मीटर रस्सी (1), सर्च लाइट (1), ताला एवं चाबी सहित धातु का ट्रंक (1), सीटी (7), फोल्डिंग स्ट्रेचर (1), तिरपाल (4), दो व्यक्तियों के लिए टेंट (1), गैंती (1), कुल्हाड़ी (1), फावड़ा (1), हथौड़ा (1), एल्युमिनियम की सीढ़ी (1), प्राथमिक उपचार किट (1) तथा मेगाफोन (1) उपलब्ध करवाया गया है। इन उपकरणों के वितरण का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को आपदा प्रबंधन की प्रथम इकाई के रूप में सक्षम बनाना है। आपदा की स्थिति में प्रारंभिक समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें स्थानीय स्तर पर की गई त्वरित कार्रवाई से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्वयंसेवकों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि बाहरी सहायता के पहुंचने से पूर्व ही राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए जा सकें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के प्रलेखन समन्वयक गौरव मेहता ने बताया कि उपलब्ध कराए गए उपकरण खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, अस्थायी आश्रय की व्यवस्था, सूचना प्रसारण तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायक सिद्ध होंगे। यह पहल समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी रामपुर राजेन्द्र नेगी सहित विभिन्न पंचायतों के पंचायत सचिव भी उपस्थित रहे।
शिमला , 08 जनवरी [ विशाल सूद ] ! पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रामपुर विकासखंड की कुल 36 पंचायतों को आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। यह वितरण पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र योजना के अंतर्गत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति के दौरान पंचायत स्तर पर त्वरित, संगठित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराए गए आपदा प्रबंधन उपकरणों के सुरक्षित, प्रभावी एवं सही उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई, ताकि आपदा की स्थिति में इनका समयबद्ध एवं उचित प्रयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इस योजना का शुभारंभ पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर किया गया था। योजना के अंतर्गत शिमला जिला की सभी पंचायतों को चरणबद्ध रूप से आपदा प्रबंधन किट उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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योजना के तहत प्रत्येक पंचायत को सेफ्टी हेलमेट (2), लाइफ जैकेट (2), 50 मीटर रस्सी (1), सर्च लाइट (1), ताला एवं चाबी सहित धातु का ट्रंक (1), सीटी (7), फोल्डिंग स्ट्रेचर (1), तिरपाल (4), दो व्यक्तियों के लिए टेंट (1), गैंती (1), कुल्हाड़ी (1), फावड़ा (1), हथौड़ा (1), एल्युमिनियम की सीढ़ी (1), प्राथमिक उपचार किट (1) तथा मेगाफोन (1) उपलब्ध करवाया गया है।
इन उपकरणों के वितरण का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को आपदा प्रबंधन की प्रथम इकाई के रूप में सक्षम बनाना है। आपदा की स्थिति में प्रारंभिक समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें स्थानीय स्तर पर की गई त्वरित कार्रवाई से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्वयंसेवकों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि बाहरी सहायता के पहुंचने से पूर्व ही राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए जा सकें।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के प्रलेखन समन्वयक गौरव मेहता ने बताया कि उपलब्ध कराए गए उपकरण खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, अस्थायी आश्रय की व्यवस्था, सूचना प्रसारण तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायक सिद्ध होंगे। यह पहल समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी रामपुर राजेन्द्र नेगी सहित विभिन्न पंचायतों के पंचायत सचिव भी उपस्थित रहे।
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