- उद्योग विभाग और निटकान के तत्वावधान में महिला उद्यमिता एवं ग्रामीण विकास पर कार्यशाला आयोजित - सब्सिडी की सोच छोड़ मुनाफे और ब्रांडिंग पर ध्यान देने का आह्वान
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चम्बा , 30 मार्च [ विशाल सूद ] ! जिला में महिला स्वयं सहायता समूहों और उभरते उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक बहु-विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला चंबा के कुकरेजा पैलेस में आयोजित की गई। उद्योग विभाग शिमला की ओर से रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफारमेंस' (रैंप) योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन निटकान लिमिटेड की ओर से किया गया। विश्व बैंक समर्थित इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सब्सिडी तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार की चुनौतियों और वित्तीय प्रबंधन के गुर सिखाना था। कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के प्रबंधक गुलाब सिंह ने पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जो नए आइडियाज को धरातल पर उतारने में मदद करेंगे। वहीं, एसबीआई के लीड जिला प्रबंधक डीसी चौहान ने बैंकिंग सेवाओं के सक्रिय उपयोग और सही समय पर ऋण लेकर व्यवसाय को सुदृढ़ करने के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डाला। डीआरडीए के परियोजना अधिकारी तविंदर कुमार चनोड़िया ने महिलाओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि केवल सरकारी मदद के भरोसे न रहें। उन्होंने चंबा से बाहर बीटूबी नेटवर्क विकसित करने और आय सृजन के लिए प्रभावी धन प्रबंधन पर जोर दिया।कार्यशाला का मुख्य आकर्षण सफल उद्यमी रेनू शर्मा रहीं। उन्होंने अपने एचटूओ होमस्टे के सफर को साझा करते हुए बताया कि एक छोटे कदम से आज 50 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना को गेम चेंजर बताया।कौशल विकास और डिजिटल बाजारआरसेटी के सोनू सिंह ने बताया कि संस्थान ने इस वर्ष 866 युवाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में दक्ष किया है। उन्होंने आगाह किया कि 31 मार्च के बाद प्रशिक्षण के लिए शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, आश्रय फाउंडेशन और जागोरी ट्रस्ट ने भी ग्रामीण विकास के अपने नवाचार माडल साझा किए।सोशल मीडिया बनेगा आपका शोरूमविशेषज्ञों ने महिलाओं को पारंपरिक बिक्री से आगे बढ़कर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यशाला में मुद्रा लोन, ईडीपी कार्यक्रम और शी ट्रैवल पॉलिसी जैसी चर्चित योजनाओं पर भी संवाद हुआ।
चम्बा , 30 मार्च [ विशाल सूद ] ! जिला में महिला स्वयं सहायता समूहों और उभरते उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक बहु-विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला चंबा के कुकरेजा पैलेस में आयोजित की गई। उद्योग विभाग शिमला की ओर से रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफारमेंस' (रैंप) योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन निटकान लिमिटेड की ओर से किया गया।
विश्व बैंक समर्थित इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सब्सिडी तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार की चुनौतियों और वित्तीय प्रबंधन के गुर सिखाना था। कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के प्रबंधक गुलाब सिंह ने पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जो नए आइडियाज को धरातल पर उतारने में मदद करेंगे।
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वहीं, एसबीआई के लीड जिला प्रबंधक डीसी चौहान ने बैंकिंग सेवाओं के सक्रिय उपयोग और सही समय पर ऋण लेकर व्यवसाय को सुदृढ़ करने के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डाला। डीआरडीए के परियोजना अधिकारी तविंदर कुमार चनोड़िया ने महिलाओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि केवल सरकारी मदद के भरोसे न रहें। उन्होंने चंबा से बाहर बीटूबी नेटवर्क विकसित करने और आय सृजन के लिए प्रभावी धन प्रबंधन पर जोर दिया।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण सफल उद्यमी रेनू शर्मा रहीं। उन्होंने अपने एचटूओ होमस्टे के सफर को साझा करते हुए बताया कि एक छोटे कदम से आज 50 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना को गेम चेंजर बताया।
कौशल विकास और डिजिटल बाजार
आरसेटी के सोनू सिंह ने बताया कि संस्थान ने इस वर्ष 866 युवाओं को सिलाई, मशरूम उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में दक्ष किया है। उन्होंने आगाह किया कि 31 मार्च के बाद प्रशिक्षण के लिए शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, आश्रय फाउंडेशन और जागोरी ट्रस्ट ने भी ग्रामीण विकास के अपने नवाचार माडल साझा किए।
सोशल मीडिया बनेगा आपका शोरूमविशेषज्ञों ने महिलाओं को पारंपरिक बिक्री से आगे बढ़कर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यशाला में मुद्रा लोन, ईडीपी कार्यक्रम और शी ट्रैवल पॉलिसी जैसी चर्चित योजनाओं पर भी संवाद हुआ।
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