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चम्बा , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत चमेंरा जल विद्युत परियोजनाओं द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से पाँच अत्याधुनिक फुली ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइज़र मशीनें स्थापित की गई हैं। इनमें से एक मशीन चम्बा मुख्यालय स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी में, जबकि शेष चार मशीनें सलूणी, डलहौजी, चुवाड़ी और तीसा क्षेत्रों में लगाई गई हैं। इन अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से एक साथ लगभग 40 ब्लड सैंपल और 50 से अधिक प्रकार की जांचें की जा सकती हैं, जिससे मरीजों को त्वरित और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। इससे विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस मौके पर रेड क्रॉस सोसाइटी, चम्बा के कार्यालय में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने इस मशीन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर चमेंरा पावर स्टेशन के हेड ऑफ प्रोजेक्ट अजय श्रीवास सहित परियोजना के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस मौके पर उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि चमेंरा जल विद्युत परियोजना जिला प्रशासन के साथ मिलकर लगातार CSR के माध्यम से चम्बा में विकास कार्यों में सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि इन पाँच फुली ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइज़र मशीनों की सप्लाई एनएचपीसी के माध्यम से की गई है, जिनसे अब स्थानीय स्तर पर ही जांच और रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार द्वारा कृष्णा लैब के माध्यम से निःशुल्क जांच सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन दूरदराज क्षेत्रों से सैंपल लाने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।वहीं चमेंरा जल विद्युत परियोजना के हेड ऑफ प्रोजेक्ट अजय श्रीवास ने बताया कि चमेंरा परियोजना के अंतर्गत कुल 32 पावर स्टेशन कार्यरत हैं और उनकी आय का लगभग दो प्रतिशत CSR के माध्यम से स्थानीय क्षेत्रों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 30 प्रतिशत CSR राशि केवल जिला चम्बा में ही विकास कार्यों पर व्यय की जा चुकी है। अजय श्रीवास ने बताया कि लगभग साढ़े 18 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई ये पाँच आधुनिक मशीनें स्वास्थ्य जांच के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी चमेंरा जल विद्युत परियोजना जिला प्रशासन के साथ मिलकर जनहित में ऐसे अनेक विकास कार्य करती रहेगी। यह पहल न केवल जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि आम जनता को समय पर और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चम्बा , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत चमेंरा जल विद्युत परियोजनाओं द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से पाँच अत्याधुनिक फुली ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइज़र मशीनें स्थापित की गई हैं। इनमें से एक मशीन चम्बा मुख्यालय स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी में, जबकि शेष चार मशीनें सलूणी, डलहौजी, चुवाड़ी और तीसा क्षेत्रों में लगाई गई हैं।
इन अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से एक साथ लगभग 40 ब्लड सैंपल और 50 से अधिक प्रकार की जांचें की जा सकती हैं, जिससे मरीजों को त्वरित और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। इससे विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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इस मौके पर रेड क्रॉस सोसाइटी, चम्बा के कार्यालय में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने इस मशीन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर चमेंरा पावर स्टेशन के हेड ऑफ प्रोजेक्ट अजय श्रीवास सहित परियोजना के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस मौके पर उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने कहा कि चमेंरा जल विद्युत परियोजना जिला प्रशासन के साथ मिलकर लगातार CSR के माध्यम से चम्बा में विकास कार्यों में सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि इन पाँच फुली ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइज़र मशीनों की सप्लाई एनएचपीसी के माध्यम से की गई है, जिनसे अब स्थानीय स्तर पर ही जांच और रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार द्वारा कृष्णा लैब के माध्यम से निःशुल्क जांच सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन दूरदराज क्षेत्रों से सैंपल लाने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
वहीं चमेंरा जल विद्युत परियोजना के हेड ऑफ प्रोजेक्ट अजय श्रीवास ने बताया कि चमेंरा परियोजना के अंतर्गत कुल 32 पावर स्टेशन कार्यरत हैं और उनकी आय का लगभग दो प्रतिशत CSR के माध्यम से स्थानीय क्षेत्रों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 30 प्रतिशत CSR राशि केवल जिला चम्बा में ही विकास कार्यों पर व्यय की जा चुकी है।
अजय श्रीवास ने बताया कि लगभग साढ़े 18 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई ये पाँच आधुनिक मशीनें स्वास्थ्य जांच के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी चमेंरा जल विद्युत परियोजना जिला प्रशासन के साथ मिलकर जनहित में ऐसे अनेक विकास कार्य करती रहेगी।
यह पहल न केवल जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि आम जनता को समय पर और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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