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शिमला , 19 मार्च [ विशाल सूद ] !हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है. इस दौरान जब ने डिप्टी सीएम ने अपना वक्तव्य रखा तो सदन में तीखी नोक झोंक देखने को मिली. इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के दौरान कांग्रेस विधायकों पर दर्ज किए के मामलों का मुद्दा उठाया. इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष से प्रदेश की वित्तीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष जब सत्ता में था तब भी राज्यपाल बिना पूरा अभिभाषण पढ़े कुछ ही मिनटों में सदन से चले गए थे। उपमुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस विधायक राज्यपाल के समक्ष बात रखने गए तो उन मुकदमे दर्ज कर दिए गए. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधायकों के खिलाफ देशद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज किए गए. कांग्रेस के 6 विधायकों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हुई. उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि सदन के भीतर दिए गए वक्तव्यों पर बाहर मानहानि के मामले नहीं बन सकते, फिर भी ऐसे कदम उठाए गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों को सदन से बाहर निकालने का अधिकार केवल अध्यक्ष के पास होता है, लेकिन उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में स्पीकर से “स्पीकिंग ऑर्डर” देने की मांग की है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और विधायकों के अधिकारों की रक्षा हो सके. राज्यपाल अभिभाषण के मुख्य बिंदुओं पर बोलते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि RDG (राजस्व घाटा अनुदान) इसका प्रमुख मुद्दा था. उन्होंने कहा कि यह पहला राज्य है जहां प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा पूरी नहीं हुई. भाजपा इस पूरे मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे. इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य को उसका उचित हिस्सा नहीं मिला. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने भी कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं किया. उन्होंने बिहार में चुनाव थे तो तीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की घोषणा कर दी गई. लेकिन हिमाचल को एयरपोर्ट और रेलवे जैसी आधारभूत सुविधाओं में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा. नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मिशन लोटस के वक्त कहा था कि सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता, अब वे “शाप” देने की बात कर रहे हैं. उन्होंने विपक्ष से वित्तीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा.
शिमला , 19 मार्च [ विशाल सूद ] !हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है. इस दौरान जब ने डिप्टी सीएम ने अपना वक्तव्य रखा तो सदन में तीखी नोक झोंक देखने को मिली. इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के दौरान कांग्रेस विधायकों पर दर्ज किए के मामलों का मुद्दा उठाया. इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष से प्रदेश की वित्तीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष जब सत्ता में था तब भी राज्यपाल बिना पूरा अभिभाषण पढ़े कुछ ही मिनटों में सदन से चले गए थे। उपमुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस विधायक राज्यपाल के समक्ष बात रखने गए तो उन मुकदमे दर्ज कर दिए गए. मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधायकों के खिलाफ देशद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज किए गए.
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कांग्रेस के 6 विधायकों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हुई. उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकारों का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि सदन के भीतर दिए गए वक्तव्यों पर बाहर मानहानि के मामले नहीं बन सकते, फिर भी ऐसे कदम उठाए गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों को सदन से बाहर निकालने का अधिकार केवल अध्यक्ष के पास होता है, लेकिन उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करना उचित नहीं है.
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में स्पीकर से “स्पीकिंग ऑर्डर” देने की मांग की है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और विधायकों के अधिकारों की रक्षा हो सके. राज्यपाल अभिभाषण के मुख्य बिंदुओं पर बोलते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि RDG (राजस्व घाटा अनुदान) इसका प्रमुख मुद्दा था. उन्होंने कहा कि यह पहला राज्य है जहां प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा पूरी नहीं हुई. भाजपा इस पूरे मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे.
इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य को उसका उचित हिस्सा नहीं मिला. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने भी कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं किया. उन्होंने बिहार में चुनाव थे तो तीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की घोषणा कर दी गई. लेकिन हिमाचल को एयरपोर्ट और रेलवे जैसी आधारभूत सुविधाओं में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा.
नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मिशन लोटस के वक्त कहा था कि सरकार को भगवान भी नहीं बचा सकता, अब वे “शाप” देने की बात कर रहे हैं. उन्होंने विपक्ष से वित्तीय मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा.
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