केवल सरकार का विरोध जताने के लिए गलत तथ्य पेश कर रहे हैं, सरकारी कर्मियों को ड्रेस कोड का मतलब वर्दी नहीं बल्कि शालीन कपड़ों से,,,मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
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शिमला , 18 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के बहाने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा, तो अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने सदन के बाहर जयराम ठाकुर पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि भाजपा की आंतरिक गुटबाजी के चलते नेता विपक्ष तनाव में है और केवल सरकार का विरोध जताने के लिए गलत तथ्य पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रकृति खेती योजना के तहत सरकार ने इस वर्ष फसलों की खरीद शुरू की है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं पर भी तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने हिमकेयर में 1000 करोड़ और सहारा योजना में 202 करोड़ खर्च किए, जबकि पूर्व सरकार ने हिमकेयर में में केवल 202 करोड़ खर्च किए। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण विपक्ष प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा और नेता प्रतिपक्ष तनाव में हैं। साथ ही, पूर्व सरकार पर 1000 करोड़ रुपये की लागत से अनुपयोगी भवन बनाने और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगाए। आर्थिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार को 70,000 करोड़ रुपये RDG और GST मुआवजे के रूप में मिले, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17,000 करोड़ मिले हैं। राजनीतिक दृष्टि से मुकदमे दर्ज करने के विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी की आय 10 लाख है और कमाई एक करोड़ दिखाई जाती है, तो उसके स्रोत की जांच जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों (ODI) की अहम सरकारी पदों से छुटी होगी। इसको लेकर कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती द्वारा पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री की ओर से ये कार्रवाई की गई है। सुखविन्द्र सिंह ने कहा, सदन में आश्वासन नहीं दूंगा, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को सीधा हटा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में ड्रेस कोड लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार ने किसी विशेष प्रकार की ड्रेस अनिवार्य नहीं की है, बल्कि शालीन कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि 2021 के पुराने निर्देशों को ही लागू किया गया है और अधिकारियों को सोशल मीडिया पर अनावश्यक गतिविधियों से बचने को कहा गया है।
शिमला , 18 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के बहाने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा, तो अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने सदन के बाहर जयराम ठाकुर पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर तंज करते हुए कहा कि भाजपा की आंतरिक गुटबाजी के चलते नेता विपक्ष तनाव में है और केवल सरकार का विरोध जताने के लिए गलत तथ्य पेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रकृति खेती योजना के तहत सरकार ने इस वर्ष फसलों की खरीद शुरू की है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं पर भी तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने हिमकेयर में 1000 करोड़ और सहारा योजना में 202 करोड़ खर्च किए, जबकि पूर्व सरकार ने हिमकेयर में में केवल 202 करोड़ खर्च किए। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण विपक्ष प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा और नेता प्रतिपक्ष तनाव में हैं। साथ ही, पूर्व सरकार पर 1000 करोड़ रुपये की लागत से अनुपयोगी भवन बनाने और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगाए। आर्थिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार को 70,000 करोड़ रुपये RDG और GST मुआवजे के रूप में मिले, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17,000 करोड़ मिले हैं।
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राजनीतिक दृष्टि से मुकदमे दर्ज करने के विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी की आय 10 लाख है और कमाई एक करोड़ दिखाई जाती है, तो उसके स्रोत की जांच जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों (ODI) की अहम सरकारी पदों से छुटी होगी। इसको लेकर कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती द्वारा पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री की ओर से ये कार्रवाई की गई है। सुखविन्द्र सिंह ने कहा, सदन में आश्वासन नहीं दूंगा, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को सीधा हटा रहे हैं।
सरकारी दफ्तरों में ड्रेस कोड लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार ने किसी विशेष प्रकार की ड्रेस अनिवार्य नहीं की है, बल्कि शालीन कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि 2021 के पुराने निर्देशों को ही लागू किया गया है और अधिकारियों को सोशल मीडिया पर अनावश्यक गतिविधियों से बचने को कहा गया है।
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