कांगड़ा घाटी रेलवे को यूनेस्को टेंटेटिव हेरिटेज सूची में शामिल: अनुराग सिंह ठाकुर
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कांगड़ा , 18 मार्च [ विशाल सूद ] ! पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में हिमाचल प्रदेश और कांगड़ा घाटी क्षेत्र के लोगों से जुड़ी महत्वपूर्ण चक्की नदी रेलवे पुल से जुड़े प्रश्न पर रेल मंत्रालय ने बताया कि 20 अगस्त 2022 को भारी बारिश में बह गए महत्वपूर्ण चक्की खड ब्रिज नंबर 32 का पुनर्निर्माण का कार्य पूरी तरह से पूरा हो गया है। अब ट्रैक को पठानकोट से जोगिंदर नगर तक पूरे खंड में ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त घोषित कर दिया गया है। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और हमीरपुर सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर इस महत्वपूर्ण रेल लिंक की बहाली के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। विगत वर्षों में श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस विषय पर उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक और जम्मू डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ लगातार संवाद कर चक्की ब्रिज पुनर्निर्माण और कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर पूर्ण ट्रेन सेवाओं की बहाली का सार्थक प्रयास किया है। क्षेत्र के लोगों की ओर से उनकी लगातार पैरवी ने इस परियोजना को रेलवे की प्राथमिकता सूची में बनाए रखने और बहाली कार्यों को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कांगड़ा घाटी रेलवे भारत की सबसे सुंदर और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रेल लाइनों में से एक है, जो धौलाधार पर्वतमाला से होकर गुजरती है, हरे-भरे घाटियों, सीढ़ीदार खेतों, घने चीड़ के जंगलों और हिमालय की तलहटी में बसे प्राचीन मंदिरों से गुजरती है। श्री अनुराग सिंह ठाकुर के प्रश्न पर रेल मंत्रालय ने संसद में यह बताया कि यूनेस्को ने कांगड़ा घाटी रेलवे को ‘माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया’ विश्व धरोहर स्थल के विस्तार के रूप में अपनी टेंटेटिव हेरिटेज सूची में शामिल कर लिया है। इससे कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका -शिमला रेलवे और नीलगिरि माउंटेन रेलवे की प्रतिष्ठित श्रेणी में सम्मिलित हो गई है। टेंटेटिव सूची में शामिल होना पूर्ण यूनेस्को नामांकन की ओर पहला औपचारिक कदम है। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इन विकासों पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है और हिमाचल प्रदेश के लोगों को विश्व स्तरीय रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विशेष स्नेह के कारण हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं के विस्तार को पिछले 12 वर्षों में नई गति मिली है। नए प्रोजेक्टों की मंजूरी से लेकर पुराने प्रोजेक्टों की फंडिंग बढ़ाने में मोरी सरकार का विशेष योगदान रहा है। हिमाचल प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी पर अगस्त 2022 में बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित चक्की नदी रेलवे पुल बह जाने पर बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ रहा था। इस पुल के पुनर्निर्माण की मजबूत मांग को मैंने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जिस पर त्वरित कार्यवाई करते हुए पुल के निर्माण का कार्य रेल मंत्रालय द्वारा शुरू कराया गया। यह हर्ष का विषय है कि पठानकोट और जोगिंद्रनगर के बीच नैरोगेज ट्रेन सेवा (कांगड़ा घाटी रेल) को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। कांगड़ा क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित और अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है जिसके शुरू होने से हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी को बल मिलेगा। श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी कहा “चक्की ब्रिज की बहाली और पूर्ण ट्रेन सेवाओं का पुनरारंभ केवल शुरुआत है, कांगड़ा घाटी रेलवे को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनाना है, जो हिमाचल प्रदेश को वैश्विक विरासत पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा और घाटी भर में हजारों परिवारों के लिए आजीविका उत्पन्न करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक लाइन पर ब्रॉड गेज रूपांतरण और ट्रेन सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार के साथ उसी उत्साह से प्रयास जारी रखने की वचनबद्धता दोहराई” वर्तमान में रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 52472/52473 बैजनाथ पपरोला-जोगिंदर नगर पैसेंजर, 52465/52466 बैजनाथ पपरोला-कांगड़ा पैसेंजर, और 52475/52476 बैजनाथ पपरोला-कांगड़ा पैसेंजर के रूप में कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर तीन जोड़ी ट्रेन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। चक्की ब्रिज के पुनर्निर्माण और ट्रैक के पूर्ण रूप से उपयुक्त घोषित होने के साथ, इस लाइन पर ट्रेन सेवाओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिसका लाभ कांगड़ा घाटी में यात्रियों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा। कांगड़ा घाटी रेलवे के भविष्य को और मजबूत करते हुए, रेल मंत्रालय ने मौजूदा पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज खंड (लगभग 200 किलोमीटर) को ब्रॉड गेज में बदलने के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी दी है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए फील्ड सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है।
कांगड़ा , 18 मार्च [ विशाल सूद ] ! पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में हिमाचल प्रदेश और कांगड़ा घाटी क्षेत्र के लोगों से जुड़ी महत्वपूर्ण चक्की नदी रेलवे पुल से जुड़े प्रश्न पर रेल मंत्रालय ने बताया कि 20 अगस्त 2022 को भारी बारिश में बह गए महत्वपूर्ण चक्की खड ब्रिज नंबर 32 का पुनर्निर्माण का कार्य पूरी तरह से पूरा हो गया है। अब ट्रैक को पठानकोट से जोगिंदर नगर तक पूरे खंड में ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त घोषित कर दिया गया है।
पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और हमीरपुर सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर इस महत्वपूर्ण रेल लिंक की बहाली के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। विगत वर्षों में श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस विषय पर उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक और जम्मू डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ लगातार संवाद कर चक्की ब्रिज पुनर्निर्माण और कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर पूर्ण ट्रेन सेवाओं की बहाली का सार्थक प्रयास किया है। क्षेत्र के लोगों की ओर से उनकी लगातार पैरवी ने इस परियोजना को रेलवे की प्राथमिकता सूची में बनाए रखने और बहाली कार्यों को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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कांगड़ा घाटी रेलवे भारत की सबसे सुंदर और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रेल लाइनों में से एक है, जो धौलाधार पर्वतमाला से होकर गुजरती है, हरे-भरे घाटियों, सीढ़ीदार खेतों, घने चीड़ के जंगलों और हिमालय की तलहटी में बसे प्राचीन मंदिरों से गुजरती है। श्री अनुराग सिंह ठाकुर के प्रश्न पर रेल मंत्रालय ने संसद में यह बताया कि यूनेस्को ने कांगड़ा घाटी रेलवे को ‘माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया’ विश्व धरोहर स्थल के विस्तार के रूप में अपनी टेंटेटिव हेरिटेज सूची में शामिल कर लिया है। इससे कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका -शिमला रेलवे और नीलगिरि माउंटेन रेलवे की प्रतिष्ठित श्रेणी में सम्मिलित हो गई है। टेंटेटिव सूची में शामिल होना पूर्ण यूनेस्को नामांकन की ओर पहला औपचारिक कदम है।
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इन विकासों पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है और हिमाचल प्रदेश के लोगों को विश्व स्तरीय रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विशेष स्नेह के कारण हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं के विस्तार को पिछले 12 वर्षों में नई गति मिली है। नए प्रोजेक्टों की मंजूरी से लेकर पुराने प्रोजेक्टों की फंडिंग बढ़ाने में मोरी सरकार का विशेष योगदान रहा है।
हिमाचल प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी पर अगस्त 2022 में बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित चक्की नदी रेलवे पुल बह जाने पर बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ रहा था। इस पुल के पुनर्निर्माण की मजबूत मांग को मैंने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जिस पर त्वरित कार्यवाई करते हुए पुल के निर्माण का कार्य रेल मंत्रालय द्वारा शुरू कराया गया। यह हर्ष का विषय है कि पठानकोट और जोगिंद्रनगर के बीच नैरोगेज ट्रेन सेवा (कांगड़ा घाटी रेल) को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। कांगड़ा क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित और अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है जिसके शुरू होने से हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी को बल मिलेगा।
श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी कहा “चक्की ब्रिज की बहाली और पूर्ण ट्रेन सेवाओं का पुनरारंभ केवल शुरुआत है, कांगड़ा घाटी रेलवे को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनाना है, जो हिमाचल प्रदेश को वैश्विक विरासत पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा और घाटी भर में हजारों परिवारों के लिए आजीविका उत्पन्न करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक लाइन पर ब्रॉड गेज रूपांतरण और ट्रेन सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार के साथ उसी उत्साह से प्रयास जारी रखने की वचनबद्धता दोहराई”
वर्तमान में रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 52472/52473 बैजनाथ पपरोला-जोगिंदर नगर पैसेंजर, 52465/52466 बैजनाथ पपरोला-कांगड़ा पैसेंजर, और 52475/52476 बैजनाथ पपरोला-कांगड़ा पैसेंजर के रूप में कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर तीन जोड़ी ट्रेन सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
चक्की ब्रिज के पुनर्निर्माण और ट्रैक के पूर्ण रूप से उपयुक्त घोषित होने के साथ, इस लाइन पर ट्रेन सेवाओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिसका लाभ कांगड़ा घाटी में यात्रियों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा।
कांगड़ा घाटी रेलवे के भविष्य को और मजबूत करते हुए, रेल मंत्रालय ने मौजूदा पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज खंड (लगभग 200 किलोमीटर) को ब्रॉड गेज में बदलने के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी दी है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए फील्ड सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है।
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