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हमीरपुर , 07 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच जिला इकाई हमीरपुर की मासिक बैठक बस अड्डा हमीरपुर में जिलाध्यक्ष नन्द लाल चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर तथा जिला सचिव वलबीर पठानियां विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर ने बैठक को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत किया, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार को वर्ष 2009 से 2019 तक का महंगाई भत्ता कर्मचारियों को तुरंत जारी करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट रूप से माना है कि महंगाई भत्ता कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। न्यायालय ने यह भी साफ किया है कि राज्य सरकारें खजाने की तंगी या वित्तीय संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों और पेंशनरों के हक को नहीं रोक सकतीं। अजमेर ठाकुर ने कहा कि इस फैसले से यह सिद्ध हो गया है कि अदालतें कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका लंबित वकाया दिलाने को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों का लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा अन्य वकाया राशि शीघ्र अतिशीघ्र जारी की जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेंशनरों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो हिमाचल पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश की 20 तारीख को बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
हमीरपुर , 07 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच जिला इकाई हमीरपुर की मासिक बैठक बस अड्डा हमीरपुर में जिलाध्यक्ष नन्द लाल चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर तथा जिला सचिव वलबीर पठानियां विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर ने बैठक को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत किया, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार को वर्ष 2009 से 2019 तक का महंगाई भत्ता कर्मचारियों को तुरंत जारी करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट रूप से माना है कि महंगाई भत्ता कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। न्यायालय ने यह भी साफ किया है कि राज्य सरकारें खजाने की तंगी या वित्तीय संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों और पेंशनरों के हक को नहीं रोक सकतीं।
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अजमेर ठाकुर ने कहा कि इस फैसले से यह सिद्ध हो गया है कि अदालतें कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका लंबित वकाया दिलाने को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों का लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा अन्य वकाया राशि शीघ्र अतिशीघ्र जारी की जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेंशनरों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो हिमाचल पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश की 20 तारीख को बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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