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चम्बा , 11 जनवरी [ शिवानी ] ! केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नियमों और नाम में किए गए बदलावों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाया जा रहा “मनरेगा बचाओ संग्राम” लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में शनिबार को कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों द्वारा प्रेस वार्ताओं एवं विरोध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में आज चम्बा मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप कांग्रेस की विभिन्न फ्रंटियर संगठनों ने एकदिवसीय उपवास रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और मजदूरों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर भाजपा की नीतियों से तंग आकर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम कांग्रेस पार्टी जॉइन की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने माला पहनकर उनका कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर पर कांग्रेस जिंदाबाद की जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष ललित ठाकुर भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर “जी राम जी” करना और इसकी संरचना में बदलाव करना ग्रामीण मजदूरों के संवैधानिक रोजगार अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। ललित ठाकुर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी है, और इसे कमजोर करने का मतलब गांवों में बेरोजगारी और पलायन को बढ़ावा देना है। वहीं नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरजीत शर्मा ने बताया कि इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में पंचायतों के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं और अब यह तय करने का अधिकार केंद्र सरकार अपने हाथ में ले रही है कि किस क्षेत्र में कौन-से कार्य होंगे, जिससे स्थानीय स्वायत्तता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा से जुड़े फैसलों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चम्बा , 11 जनवरी [ शिवानी ] ! केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नियमों और नाम में किए गए बदलावों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाया जा रहा “मनरेगा बचाओ संग्राम” लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में शनिबार को कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों द्वारा प्रेस वार्ताओं एवं विरोध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इसी कड़ी में आज चम्बा मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप कांग्रेस की विभिन्न फ्रंटियर संगठनों ने एकदिवसीय उपवास रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और मजदूरों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
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इस अवसर पर भाजपा की नीतियों से तंग आकर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम कांग्रेस पार्टी जॉइन की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने माला पहनकर उनका कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर पर कांग्रेस जिंदाबाद की जमकर नारेबाजी की गई।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष ललित ठाकुर भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर “जी राम जी” करना और इसकी संरचना में बदलाव करना ग्रामीण मजदूरों के संवैधानिक रोजगार अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। ललित ठाकुर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी है, और इसे कमजोर करने का मतलब गांवों में बेरोजगारी और पलायन को बढ़ावा देना है।
वहीं नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरजीत शर्मा ने बताया कि इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में पंचायतों के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं और अब यह तय करने का अधिकार केंद्र सरकार अपने हाथ में ले रही है कि किस क्षेत्र में कौन-से कार्य होंगे, जिससे स्थानीय स्वायत्तता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा से जुड़े फैसलों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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