*कैंपस का माहौल बार बार रक्तरंजित करने वाला एक मात्र छात्र संगठन है एसएफआई*
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शिमला , 09 मार्च [ विशाल सूद ] ! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एसएफआई से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा एक आम छात्र के साथ की गई हाथापाई की घटना की कड़ी निंदा की है। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश एसएफआई द्वारा की जा रही है, जिससे पूरे कैंपस का वातावरण खराब हो रहा है और आम छात्र भय व असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि आज विधि विभाग में एसएफआई से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उचित कारण के एक सामान्य छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसके साथ हाथापाई की। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि एसएफआई लगातार विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का काम कर रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह भी कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में कई बार एसएफआई से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री के साथ भी सुनियोजित रूप से दुर्व्यवहार और हमला किया गया था। परिषद का कहना है कि इन घटनाओं में शामिल वही लोग अब फिर से सक्रिय होकर आम छात्रों के साथ हाथापाई जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा समय रहते कड़ी कार्रवाई न होने के कारण इन लोगों के हौसले दिन-प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं। परिषद ने कहा कि एसएफआई का इतिहास हमेशा से हिंसा, धमकी और अराजकता से जुड़ा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से विचार रखने के बजाय यह संगठन बार-बार हिंसक गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालय के माहौल को खराब करने का प्रयास करता रहा है। आज की घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि एसएफआई ही एक ऐसा छात्र संगठन है जो लगातार कैंपस में तनाव और टकराव की स्थिति पैदा करने का काम कर रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा इन घटनाओं में शामिल एसएफआई के गुंडों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विश्वविद्यालय परिसर में कानून व्यवस्था बनी रहे और आम छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। परिषद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।
शिमला , 09 मार्च [ विशाल सूद ] ! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एसएफआई से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा एक आम छात्र के साथ की गई हाथापाई की घटना की कड़ी निंदा की है। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश एसएफआई द्वारा की जा रही है, जिससे पूरे कैंपस का वातावरण खराब हो रहा है और आम छात्र भय व असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि आज विधि विभाग में एसएफआई से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उचित कारण के एक सामान्य छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसके साथ हाथापाई की। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि एसएफआई लगातार विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का काम कर रही है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह भी कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में कई बार एसएफआई से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
हाल ही में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री के साथ भी सुनियोजित रूप से दुर्व्यवहार और हमला किया गया था। परिषद का कहना है कि इन घटनाओं में शामिल वही लोग अब फिर से सक्रिय होकर आम छात्रों के साथ हाथापाई जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा समय रहते कड़ी कार्रवाई न होने के कारण इन लोगों के हौसले दिन-प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं।
परिषद ने कहा कि एसएफआई का इतिहास हमेशा से हिंसा, धमकी और अराजकता से जुड़ा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से विचार रखने के बजाय यह संगठन बार-बार हिंसक गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालय के माहौल को खराब करने का प्रयास करता रहा है। आज की घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि एसएफआई ही एक ऐसा छात्र संगठन है जो लगातार कैंपस में तनाव और टकराव की स्थिति पैदा करने का काम कर रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा इन घटनाओं में शामिल एसएफआई के गुंडों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विश्वविद्यालय परिसर में कानून व्यवस्था बनी रहे और आम छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
परिषद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।
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