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धर्मशाला , 09 मार्च, [ विशाल सूद ] ! भाजपा उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता अब जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को बने तीन साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक प्रदेश की जनता को उनके अधिकार और किए गए वादों का लाभ नहीं मिला है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि चुनावों के समय कांग्रेस ने बड़े-बड़े वादे किए थे। प्रदेश की जनता को पारदर्शी शासन, आर्थिक मजबूती और विकास की नई दिशा देने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने अधिकतर समय केवल भाषण देने और बड़े-बड़े दावे करने में ही बिताया है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता को राहत देने वाले ठोस कदम बहुत कम दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है, जिससे हिमाचल की प्रगति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों, युवाओं और किसानों की उम्मीदें भी अधूरी रह गई हैं। रोजगार के नए अवसर सृजित नहीं हो पाए हैं और महंगाई तथा प्रशासनिक अव्यवस्था ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। परमार ने कहा कि हिमाचल की जनता अब यह समझ चुकी है कि केवल आश्वासन और भाषणों से प्रदेश का विकास नहीं हो सकता। सरकार को अपने वादों पर गंभीरता से काम करना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट नीति दिखाई नहीं देती, जिससे जनता में निराशा का माहौल बन रहा है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश का हर वर्ग—कर्मचारी, किसान, युवा और व्यापारी—सरकार से जवाब मांग रहा है। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर वह दिन कब आएगा जब उन्हें उनका हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी तरह केवल बयानबाजी में व्यस्त रही तो प्रदेश की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि तीन साल का लंबा समय बीत चुका है और अब जनता को केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। हिमाचल की जनता ने जिस विश्वास के साथ कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, उस विश्वास को निभाने की जिम्मेदारी सरकार की है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और यदि जनता को लगे कि उसके साथ किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं, तो वह अपने निर्णय लेने में भी सक्षम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का पूरा हिसाब लेगी और सच को पहचानकर अपना फैसला करेगी।
धर्मशाला , 09 मार्च, [ विशाल सूद ] ! भाजपा उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता अब जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को बने तीन साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक प्रदेश की जनता को उनके अधिकार और किए गए वादों का लाभ नहीं मिला है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि चुनावों के समय कांग्रेस ने बड़े-बड़े वादे किए थे। प्रदेश की जनता को पारदर्शी शासन, आर्थिक मजबूती और विकास की नई दिशा देने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने अधिकतर समय केवल भाषण देने और बड़े-बड़े दावे करने में ही बिताया है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता को राहत देने वाले ठोस कदम बहुत कम दिखाई देते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है, जिससे हिमाचल की प्रगति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों, युवाओं और किसानों की उम्मीदें भी अधूरी रह गई हैं। रोजगार के नए अवसर सृजित नहीं हो पाए हैं और महंगाई तथा प्रशासनिक अव्यवस्था ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
परमार ने कहा कि हिमाचल की जनता अब यह समझ चुकी है कि केवल आश्वासन और भाषणों से प्रदेश का विकास नहीं हो सकता। सरकार को अपने वादों पर गंभीरता से काम करना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट नीति दिखाई नहीं देती, जिससे जनता में निराशा का माहौल बन रहा है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश का हर वर्ग—कर्मचारी, किसान, युवा और व्यापारी—सरकार से जवाब मांग रहा है। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर वह दिन कब आएगा जब उन्हें उनका हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी तरह केवल बयानबाजी में व्यस्त रही तो प्रदेश की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि तीन साल का लंबा समय बीत चुका है और अब जनता को केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। हिमाचल की जनता ने जिस विश्वास के साथ कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी, उस विश्वास को निभाने की जिम्मेदारी सरकार की है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और यदि जनता को लगे कि उसके साथ किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं, तो वह अपने निर्णय लेने में भी सक्षम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का पूरा हिसाब लेगी और सच को पहचानकर अपना फैसला करेगी।
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