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शिमला , 19 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार किया है.राजस्व मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार झूठ बोल रहे हैं. राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है. राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है. सदन में जब भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे. यह हिमाचल प्रदेश का हक है. राज्य सरकार अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी और इसमें लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है. भाजपा नेताओं से उन्होंने आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने साथ चलना चाहिए. जगत सिंह नेगी ने कहा कि कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच साल में 70 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया. अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता, तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां नहीं होती. पूर्व भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर 54,000 करोड़ रुपये और जीएसटी मुआवजे के तौर पर 16,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मौजूदा राज्य सरकार को अब तक राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर सिर्फ 17,000 करोड़ रुपये मिले हैं. संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत राजस्व घाटा अनुदान राज्यों का एक सांविधानिक अधिकार है, जिसका उद्देश्य राजस्व और व्यय के बीच के अंतर को कम करना है. यह व्यवस्था 1952 से चली आ रही है.
शिमला , 19 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार किया है.राजस्व मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार झूठ बोल रहे हैं. राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है. राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है.
सदन में जब भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे. यह हिमाचल प्रदेश का हक है. राज्य सरकार अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी और इसमें लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है. भाजपा नेताओं से उन्होंने आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने साथ चलना चाहिए.
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जगत सिंह नेगी ने कहा कि कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच साल में 70 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया. अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता, तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां नहीं होती.
पूर्व भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल के दौरान राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर 54,000 करोड़ रुपये और जीएसटी मुआवजे के तौर पर 16,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मौजूदा राज्य सरकार को अब तक राजस्व घाटा अनुदान के तौर पर सिर्फ 17,000 करोड़ रुपये मिले हैं. संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत राजस्व घाटा अनुदान राज्यों का एक सांविधानिक अधिकार है, जिसका उद्देश्य राजस्व और व्यय के बीच के अंतर को कम करना है. यह व्यवस्था 1952 से चली आ रही है.
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