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हमीरपुर , 18 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर] ! राजपूत महासभा की बैठकें हमीरपुर ब्लॉक की झनियारा पंचायत के विभिन्न गाँवो मे महासचिव जोगिंदर ठाकुर, जिला सचिव और पंचायत उप प्रधान ॐ प्रकाश ठाकुर , जिला कार्यकारिणी सदस्य वासु देव ठाकुर, महिंदर भारद्वाज, सुदेश डढ़वाल और मुख्य सलाहकार कृष्ण कुमार की उपस्थिति मे सम्पन्न हुईं । जिसमे राजपूत समुदाय के साथ साथ सामान्य वर्ग की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार विमर्श करते हुए वर्तमान मे केंद्र सरकार द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों मे यूजीसी के द्वारा लागू सामान्य वर्ग विरोधी नियमों का जोर शोर से विरोध करने की रणनीति तय की गई कि ज़ब तक केंद्र सरकार in नियमों को वापिस नहीं लेती है तब तक इसका और केंद्र सरकार का बहिष्कार किया जायेगा सभी बैठकों मे इन नियमों को सामाजिक एकता और सौहार्द को तोड़ने का एक राजनितिक षड्यंत्र बताया गया। इस से पूर्व भी बीजेपी समार्थित वी पी सिंह सरकार ने 1990 मे मंडल आयोग कि शिफ़ारिशों को लागू करके जो जाति आधारित तुस्टीकरण कि नीति अपनाकर समाजिक विभाजन करके आपसी द्वैश और शत्रुता पैदा कि थी उसमे हजारों नौजवानो ने अपनी जान कि आहुति दी थी। वर्तमान केंद्र सरकार जातिविहीन समाज के निर्माण के वादों के साथ सत्ता मे आने के वावजूद मंडल आयोग के समय हुए सामाजिक और जातिगत भेदभाव से भी बड़ा नुकसान यूजीसी एक्ट लागू करके करने जा रही है इस एक्ट के लागू होने के बाद देश भर मे समाज दिन प्रतिदिन जातीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है जोकि एक चिंतनीय विषय है। जहां देश और समाज अब आजादी के लगभग 80साल होने पर जातिविहीन समाज और जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने वाली नीतियों की उम्मीद कर रहा था वहीं केंद्र ने इसके विपरीत एक्ट लागू करके सामान्य वर्ग के साथ अन्याय तो किया ही है मगर समाज के सभी वर्गों के आपसी भाईचारे को भी छिन्न भिन्न कर दिया। इस मामले मे केंद्र सरकार द्वारा गठित जेपीसी मे स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर को सम्मिलित करने से सामान्य वर्ग उम्मीद कर रहा है कि इन नियमों को सरकार वापिस लेगी अन्यथा इस एक्ट के एकतरफा स्वरुप को खत्म करके सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व और न्याय के अवसर प्रदान करके सामान्य वर्ग के छात्रों और कर्मचारियों को समानता का अधिकार शिक्षण संस्थानों मे प्रदान करेगी क्योंकि पहले ही देश भर मे जातीय आरक्षण के कारण प्रतिभाओं का दमन हो रहा है और जातियों को प्रमुखता दी जा रही है जबकि जाति किसी भी व्यक्ति का निजी मामला है सरकारों का किसी की जाति से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। इस मौक़े पर बैठकों मे सामान्य वर्ग के अन्य संगठनों के साथ भी तालमेल बढ़ाकर इस अभियान को गति देने का भी निर्णय लिया गया स्थानीय पंचायत के निवासियों मे सत्या देवी, शीतल राणा, पुष्पा, सरोज, ध्यान सिंह, आशा, गुरदेव, सरुप, रघुबीर, शक्ति, लाल चाँद, हरदेव , ज्ञान, विजय, सुशील, मंजू, रेनू, अंजना, सुशील, कार्तिक सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया.राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर ने व्यान जारी करके ये जानकारी दी।
हमीरपुर , 18 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर] ! राजपूत महासभा की बैठकें हमीरपुर ब्लॉक की झनियारा पंचायत के विभिन्न गाँवो मे महासचिव जोगिंदर ठाकुर, जिला सचिव और पंचायत उप प्रधान ॐ प्रकाश ठाकुर , जिला कार्यकारिणी सदस्य वासु देव ठाकुर, महिंदर भारद्वाज, सुदेश डढ़वाल और मुख्य सलाहकार कृष्ण कुमार की उपस्थिति मे सम्पन्न हुईं ।
जिसमे राजपूत समुदाय के साथ साथ सामान्य वर्ग की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार विमर्श करते हुए वर्तमान मे केंद्र सरकार द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों मे यूजीसी के द्वारा लागू सामान्य वर्ग विरोधी नियमों का जोर शोर से विरोध करने की रणनीति तय की गई कि ज़ब तक केंद्र सरकार in नियमों को वापिस नहीं लेती है तब तक इसका और केंद्र सरकार का बहिष्कार किया जायेगा सभी बैठकों मे इन नियमों को सामाजिक एकता और सौहार्द को तोड़ने का एक राजनितिक षड्यंत्र बताया गया।
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इस से पूर्व भी बीजेपी समार्थित वी पी सिंह सरकार ने 1990 मे मंडल आयोग कि शिफ़ारिशों को लागू करके जो जाति आधारित तुस्टीकरण कि नीति अपनाकर समाजिक विभाजन करके आपसी द्वैश और शत्रुता पैदा कि थी उसमे हजारों नौजवानो ने अपनी जान कि आहुति दी थी।
वर्तमान केंद्र सरकार जातिविहीन समाज के निर्माण के वादों के साथ सत्ता मे आने के वावजूद मंडल आयोग के समय हुए सामाजिक और जातिगत भेदभाव से भी बड़ा नुकसान यूजीसी एक्ट लागू करके करने जा रही है इस एक्ट के लागू होने के बाद देश भर मे समाज दिन प्रतिदिन जातीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है जोकि एक चिंतनीय विषय है।
जहां देश और समाज अब आजादी के लगभग 80साल होने पर जातिविहीन समाज और जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने वाली नीतियों की उम्मीद कर रहा था वहीं केंद्र ने इसके विपरीत एक्ट लागू करके सामान्य वर्ग के साथ अन्याय तो किया ही है मगर समाज के सभी वर्गों के आपसी भाईचारे को भी छिन्न भिन्न कर दिया।
इस मामले मे केंद्र सरकार द्वारा गठित जेपीसी मे स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर को सम्मिलित करने से सामान्य वर्ग उम्मीद कर रहा है कि इन नियमों को सरकार वापिस लेगी अन्यथा इस एक्ट के एकतरफा स्वरुप को खत्म करके सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व और न्याय के अवसर प्रदान करके सामान्य वर्ग के छात्रों और कर्मचारियों को समानता का अधिकार शिक्षण संस्थानों मे प्रदान करेगी क्योंकि पहले ही देश भर मे जातीय आरक्षण के कारण प्रतिभाओं का दमन हो रहा है और जातियों को प्रमुखता दी जा रही है जबकि जाति किसी भी व्यक्ति का निजी मामला है सरकारों का किसी की जाति से कोई लेना देना नहीं होना चाहिए।
इस मौक़े पर बैठकों मे सामान्य वर्ग के अन्य संगठनों के साथ भी तालमेल बढ़ाकर इस अभियान को गति देने का भी निर्णय लिया गया स्थानीय पंचायत के निवासियों मे सत्या देवी, शीतल राणा, पुष्पा, सरोज, ध्यान सिंह, आशा, गुरदेव, सरुप, रघुबीर, शक्ति, लाल चाँद, हरदेव , ज्ञान, विजय, सुशील, मंजू, रेनू, अंजना, सुशील, कार्तिक सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया.राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर ने व्यान जारी करके ये जानकारी दी।
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