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शिमला , 17 फरवरी [ विशाल सूद ] ! जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष हिमाचल प्रदेश ने आज मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रही है और प्रदेश के हितों की अनदेखी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा केंद्र सरकार पर हिमाचल के धन को रुकवाने के लगाए गए आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण है तो सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना गंभीर विषय है और यह विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है, जिस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के मुद्दे का समाधान नहीं, बल्कि उसे राजनीतिक रंग देकर भ्रम की स्थिति पैदा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश का पक्ष केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विपक्ष सक्षम है और प्रदेश के हित सर्वोपरि हैं। अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अधिकारी कांग्रेस के अधिकारक्षेत्र से बाहर हो चुके हैं और वे कांग्रेस नेताओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। यह स्थिति सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती है। मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आगामी चुनावों में लड़ने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिलेगा और स्वयं मुख्यमंत्री चुनाव लड़ने के लिए सीट तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में दो शीर्ष नेताओं के बीच आपसी असंतोष और फ्रस्ट्रेशन की लड़ाई स्पष्ट दिखाई दे रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सीपीएस मामले में सरकार ने एक ही पेशी के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अनुचित है।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से निराश है और सरकार की विदाई का समय निकट है।
शिमला , 17 फरवरी [ विशाल सूद ] ! जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष हिमाचल प्रदेश ने आज मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रही है और प्रदेश के हितों की अनदेखी कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा केंद्र सरकार पर हिमाचल के धन को रुकवाने के लगाए गए आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण है तो सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना गंभीर विषय है और यह विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के मुद्दे का समाधान नहीं, बल्कि उसे राजनीतिक रंग देकर भ्रम की स्थिति पैदा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश का पक्ष केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विपक्ष सक्षम है और प्रदेश के हित सर्वोपरि हैं।
अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अधिकारी कांग्रेस के अधिकारक्षेत्र से बाहर हो चुके हैं और वे कांग्रेस नेताओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। यह स्थिति सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आगामी चुनावों में लड़ने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिलेगा और स्वयं मुख्यमंत्री चुनाव लड़ने के लिए सीट तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में दो शीर्ष नेताओं के बीच आपसी असंतोष और फ्रस्ट्रेशन की लड़ाई स्पष्ट दिखाई दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सीपीएस मामले में सरकार ने एक ही पेशी के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अनुचित है।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से निराश है और सरकार की विदाई का समय निकट है।
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