श्री राज माधो राय की प्रथम जलेब में हुए शामिल, प्रदर्शनियों का किया शुभारम्भ और स्मारिका का किया विमोचन
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मंडी, 16 फरवरी [ विशाल सूद ] ! श्री राज माधोराय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब एवं ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण के साथ विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी-2026 का आज औपचारिक शुभारम्भ हुआ। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने पर तैयार विशेष लोगो जारी किया, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा मेला समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया। उप-मुख्यमंत्री मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्री राज माधो राय की पारंपरिक प्रथम जलेब में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस बार 200 से अधिक देवी-देवताओं की महोत्सव में शामिल होने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं। उप-मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और पड्डल में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों तथा जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ साल का इतिहास यहां की समृद्ध विरासत का प्रतीक है और अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल उत्सव नहीं बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने से इन मेलों की प्रतिष्ठा विश्व स्तर तक पहुंची और आज यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुके है। विदेशी कलाकार यहां आ रहे हैं और मंडी के लोगों ने इस देवसमागम की परंपरा को सदियों से सहेज कर रखा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किया जाना उचित नहीं है और यह संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर हिमाचल का अधिकार बहाल करवाने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी तथा विकास कार्य जारी रहेंगे। इससे पहले उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित किए जा रहे अन्य कार्यक्रमों का भी ब्यौरा दिया। उपस्थित गणमान्य। इस अवसर पर विधायक एवं अध्यक्ष महाशिवरात्रि महोत्सव आम सभा चन्द्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, रंगीला राम राव और प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, अनुसूचित जाति जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चम्पा ठाकुर, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, एचपीएमसी निदेशक मंडल सदस्य जोगिन्द्र गुलेरिया, धर्मेंद्र धामी, केशव नायक, पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर व नरेश चौहान, जगदीश रेड्डी, मेयर विरेन्द्र भट्ट, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
मंडी, 16 फरवरी [ विशाल सूद ] ! श्री राज माधोराय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब एवं ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण के साथ विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी-2026 का आज औपचारिक शुभारम्भ हुआ। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने पर तैयार विशेष लोगो जारी किया, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा मेला समिति की स्मारिका का विमोचन भी किया।
उप-मुख्यमंत्री मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्री राज माधो राय की पारंपरिक प्रथम जलेब में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस बार 200 से अधिक देवी-देवताओं की महोत्सव में शामिल होने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं।
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उप-मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और पड्डल में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रदेशवासियों तथा जिला के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ साल का इतिहास यहां की समृद्ध विरासत का प्रतीक है और अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव केवल उत्सव नहीं बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने से इन मेलों की प्रतिष्ठा विश्व स्तर तक पहुंची और आज यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुके है। विदेशी कलाकार यहां आ रहे हैं और मंडी के लोगों ने इस देवसमागम की परंपरा को सदियों से सहेज कर रखा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किया जाना उचित नहीं है और यह संघीय ढांचे के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर हिमाचल का अधिकार बहाल करवाने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी तथा विकास कार्य जारी रहेंगे।
इससे पहले उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित किए जा रहे अन्य कार्यक्रमों का भी ब्यौरा दिया।
उपस्थित गणमान्य।
इस अवसर पर विधायक एवं अध्यक्ष महाशिवरात्रि महोत्सव आम सभा चन्द्रशेखर, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, रंगीला राम राव और प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, अनुसूचित जाति जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चम्पा ठाकुर, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, एचपीएमसी निदेशक मंडल सदस्य जोगिन्द्र गुलेरिया, धर्मेंद्र धामी, केशव नायक, पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर व नरेश चौहान, जगदीश रेड्डी, मेयर विरेन्द्र भट्ट, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सर्वदेवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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