- विज्ञापन (Article Top Ad) -
शिमला , 17 फरवरी [ विशाल सूद ] ! विधानसभा में भाजपा विधायक रणधीर ठाकुर ने आरडीजी (राज्य विकास ग्रांट) बंद होने के मामले पर सरकार को कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके लिए सरकारी संकल्प और इच्छा शक्ति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधान की किताब सदन में आ सकती है, लेकिन वास्तविक जानकारी और राजस्व ग्रांट (Article 275) का सही जिक्र होना जरूरी है। रणधीर ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्यों को मिलने वाले करों में हिस्सेदारी, पंचायती राज संस्थाओं के लिए 2000 करोड़ रुपये की ग्रांट और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए मिलने वाले धन का सही आंकलन होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने 10 वर्षों के लिए उद्योग पैकेज दिया था, लेकिन यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उद्योग पैकेज क्यों कम किए गए, इस पर कांग्रेस नेता क्यों चुप रहे। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार थी और उस दौरान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक ग्रांट उपलब्ध थी, जबकि 2010 में 7800 करोड़ रुपये की ग्रांट दी गई। यह स्पष्ट है कि यह व्यवस्था परमानेंट नहीं है, लेकिन इसे लागू करने की इच्छा शक्ति ही महत्वपूर्ण है। रणधीर ने यह भी कहा कि यदि माइनिंग और उद्योग क्षेत्र को सुचारू रूप से चलाया जाए तो प्रदेश आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर के सुझाव का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य के लिए ग्रांट और उद्योग पैकेज की मांग की जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बचत और प्रावधान हैं, लेकिन काम करने की इच्छा शक्ति जरूरी है।
शिमला , 17 फरवरी [ विशाल सूद ] ! विधानसभा में भाजपा विधायक रणधीर ठाकुर ने आरडीजी (राज्य विकास ग्रांट) बंद होने के मामले पर सरकार को कटाक्ष करते हुए कहा कि इसके लिए सरकारी संकल्प और इच्छा शक्ति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधान की किताब सदन में आ सकती है, लेकिन वास्तविक जानकारी और राजस्व ग्रांट (Article 275) का सही जिक्र होना जरूरी है।
रणधीर ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्यों को मिलने वाले करों में हिस्सेदारी, पंचायती राज संस्थाओं के लिए 2000 करोड़ रुपये की ग्रांट और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए मिलने वाले धन का सही आंकलन होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने 10 वर्षों के लिए उद्योग पैकेज दिया था, लेकिन यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उद्योग पैकेज क्यों कम किए गए, इस पर कांग्रेस नेता क्यों चुप रहे।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार थी और उस दौरान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक ग्रांट उपलब्ध थी, जबकि 2010 में 7800 करोड़ रुपये की ग्रांट दी गई। यह स्पष्ट है कि यह व्यवस्था परमानेंट नहीं है, लेकिन इसे लागू करने की इच्छा शक्ति ही महत्वपूर्ण है।
रणधीर ने यह भी कहा कि यदि माइनिंग और उद्योग क्षेत्र को सुचारू रूप से चलाया जाए तो प्रदेश आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर के सुझाव का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य के लिए ग्रांट और उद्योग पैकेज की मांग की जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बचत और प्रावधान हैं, लेकिन काम करने की इच्छा शक्ति जरूरी है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -