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सिरमौर , 19 फरवरी [ विशाल सूद ] - नाहन में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट में प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों को आर्थिक सहायता दिए जाने का उल्लेख है, लेकिन नाहन मेडिकल कॉलेज का नाम पूरी तरह से गायब है। डॉ. बिंदल ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार चंबा मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, टांडा मेडिकल कॉलेज, चमियाना सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और आईजीएमसी शिमला को विभिन्न मदों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को अपेक्षाकृत अधिक धनराशि दी गई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य ठप होने के बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के लिए पूरा धन केंद्र की भारत सरकार, यानी नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन यह धनराशि आखिर कहां खर्च हुई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा पढ़ी गई रिपोर्ट सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट है और वे उसी के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना था कि नाहन एक बार फिर विकास की दौड़ में पीछे धकेला जा रहा है, जबकि अब तक 11-11 मंजिला दो भवन तैयार होकर 500 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल शुरू हो जाना चाहिए था। डॉ. बिंदल ने मांग की कि नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र पुनः शुरू किया जाए और परियोजना की वित्तीय स्थिति को सार्वजनिक किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सिरमौर , 19 फरवरी [ विशाल सूद ] - नाहन में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट में प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों को आर्थिक सहायता दिए जाने का उल्लेख है, लेकिन नाहन मेडिकल कॉलेज का नाम पूरी तरह से गायब है।
डॉ. बिंदल ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार चंबा मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, टांडा मेडिकल कॉलेज, चमियाना सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और आईजीएमसी शिमला को विभिन्न मदों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को अपेक्षाकृत अधिक धनराशि दी गई है।
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उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य ठप होने के बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के लिए पूरा धन केंद्र की भारत सरकार, यानी नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन यह धनराशि आखिर कहां खर्च हुई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा पढ़ी गई रिपोर्ट सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट है और वे उसी के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना था कि नाहन एक बार फिर विकास की दौड़ में पीछे धकेला जा रहा है, जबकि अब तक 11-11 मंजिला दो भवन तैयार होकर 500 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल शुरू हो जाना चाहिए था।
डॉ. बिंदल ने मांग की कि नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र पुनः शुरू किया जाए और परियोजना की वित्तीय स्थिति को सार्वजनिक किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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