मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों की हाईकोर्ट मॉनिटरिंग में हो निष्पक्ष जांच : रणधीर शर्मा
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शिमला , 05 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने चेस्टर हिल मामले में बेनामी संपत्ति की जांच के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई कांग्रेस सरकार की इच्छाशक्ति नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों और जनदबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को बार-बार प्रमुखता से उठाया, सरकार को घेरा और तथ्यों के साथ भ्रष्टाचार को उजागर किया, जिसके बाद सरकार को मजबूर होकर जांच के आदेश देने पड़े। रणधीर शर्मा ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, जांच को टालने के प्रयास हुए और अधिकारियों द्वारा भी गंभीर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। लेकिन भाजपा के संघर्ष और जनता के दबाव के कारण अब सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस पूरे मामले में शामिल सभी अधिकारियों—चाहे वे मुख्य सचिव हों या अन्य जिम्मेदार अधिकारी—की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। रणधीर शर्मा ने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करवाई जाए, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके और सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है और अब भी यह कार्रवाई “डैमेज कंट्रोल” की कोशिश नजर आती है। भाजपा इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी।
शिमला , 05 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने चेस्टर हिल मामले में बेनामी संपत्ति की जांच के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई कांग्रेस सरकार की इच्छाशक्ति नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों और जनदबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को बार-बार प्रमुखता से उठाया, सरकार को घेरा और तथ्यों के साथ भ्रष्टाचार को उजागर किया, जिसके बाद सरकार को मजबूर होकर जांच के आदेश देने पड़े।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, जांच को टालने के प्रयास हुए और अधिकारियों द्वारा भी गंभीर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया। लेकिन भाजपा के संघर्ष और जनता के दबाव के कारण अब सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी है।
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उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस पूरे मामले में शामिल सभी अधिकारियों—चाहे वे मुख्य सचिव हों या अन्य जिम्मेदार अधिकारी—की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए।
रणधीर शर्मा ने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करवाई जाए, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके और सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है और अब भी यह कार्रवाई “डैमेज कंट्रोल” की कोशिश नजर आती है। भाजपा इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी।
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