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शिमला 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी सरकार से मांग करती है कि तुरन्त कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पद से हटाए और इनके खिलाफ चेस्टर हिल सोलन के मामले मे पद के दुरुपयोग कर प्रदेश के विभिन्न कानूनों का उल्लंघन कर इस कंपनी को अनुचित लाभ देने के लिए एफआईआर कर मुकदमा चलाया जाए। इसके साथ ही प्रदेश में भू माफिया व रियल एस्टेट माफिया द्वारा गैर कानूनी रूप से भूमि खरीद की जांच के लिए एसआईटी गठित करे और जो भी अधिकारी इसमें संलिप्त है उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाए। सीपीआईएम ने 30 मार्च, 2026 को एक प्रेसवार्ता कर कार्यवाहक मुख्य सचिव पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ाई और उपायुक्त, सोलन को उनके कानूनी दायित्व के निर्वहन से रोकने के लिए 6.12. 2025 को गैर कानूनी रूप से पत्र लिखकर कानून की अवहेलना की गई। उपायुक्त, सोलन को लोगो द्वारा शिकायत दी गई थी कि चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा सोलन में जो जमीन की खरीद की गई है उसमें इनके द्वारा हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 का उल्लंघन किया गया है इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। इसको लेकर उपायुक्त सोलन ने जांच उपमंडल अधिकारी(SDM) सोलन को सौंपी थी और उन्होंने अपनी जांच में पाया कि चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा बेनामी संपत्ति के रूप में ज़मीन की खरीद की गई और अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप धारा 118 की अवहेलना बताई और इनके खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की थी। परन्तु इसको लेकर कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग कर गैर कानूनी रूप से 6.12. 2025 को उपायुक्त सोलन को पत्र लिखा जिसमें उपमंडल अधिकारी(SDM) सोलन की रिपोर्ट को नकारा गया और उपायुक्त सोलन पर गैर कानूनी रूप से कानूनी कार्यवाही करने से रोकने का दबाव बनाया गया। ये पत्र स्पष्ट रूप से अनाधिकृत रूप से लिखा गया था क्योंकि मुख्य सचिव को कोई भी कानूनी अधिकार हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 में हस्तक्षेप का किसी भी रूप में है। *अब सरकार के अतिरिक्त सचिव(राजस्व) ने भी उपायुक्त सोलन को मुख्य सचिव द्वारा 6.12.2025 को लिखे पत्र को निरस्त कर दिया है और चेस्टर हिल के मालिकों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 में कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।* इसमें अब चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा खरीद की गई बेनामी भूमि सरकार अपने कब्जे में ले लेगी। सीपीआईएम ने इसी के साथ मांग की थी कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कमिश्नर द्वारा नगर निगम, सोलन द्वारा चेस्टर हिल द्वारा गैर कानूनी निर्माण को गिराने के आदेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 253 व धारा 254 के तहत पारित किए थे उन पर भी रोक लगाने की गैर रूप से सुनवाई कर रोक लगाई। इसमें मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा 1.11.2025 व 6.11.2025 को एक ही मामले में दो आदेश पारित किए। जबकि हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 253 की सुनवाई के लिए सचिव या मुख्य सचिव अधिकृत ही नहीं है और इसकी सुनवाई के लिए जिला न्यायधीश ही कर सकते हैं। कानून की स्पष्ट रूप से उल्लंघन के कारण जो सुनवाई मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने की है और आदेश पारित कर कमिश्नर नगर निगम, सोलन के आदेशों पर गैर कानूनी रूप से रोक लगाई है उस पर भी सरकार इनके खिलाफ तुरन्त कानूनी कार्यवाही करे। इन दोनों मामलों में स्पष्ट है कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग कर कानून का उल्लंघन कर चेस्टर हिल के मालिकों को अनुचित लाभ देने का काम किया है। इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही की जानी जरूरी है।यदि सरकार तुरन्त कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पद से नहीं हटाती और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मुकदमा दर्ज नहीं करती तो पार्टी इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन तब तक चलाएगी जब तक कि सरकार इन पर कार्यवाही नहीं करती है।
शिमला 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी सरकार से मांग करती है कि तुरन्त कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पद से हटाए और इनके खिलाफ चेस्टर हिल सोलन के मामले मे पद के दुरुपयोग कर प्रदेश के विभिन्न कानूनों का उल्लंघन कर इस कंपनी को अनुचित लाभ देने के लिए एफआईआर कर मुकदमा चलाया जाए।
इसके साथ ही प्रदेश में भू माफिया व रियल एस्टेट माफिया द्वारा गैर कानूनी रूप से भूमि खरीद की जांच के लिए एसआईटी गठित करे और जो भी अधिकारी इसमें संलिप्त है उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाए।
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सीपीआईएम ने 30 मार्च, 2026 को एक प्रेसवार्ता कर कार्यवाहक मुख्य सचिव पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ाई और उपायुक्त, सोलन को उनके कानूनी दायित्व के निर्वहन से रोकने के लिए 6.12. 2025 को गैर कानूनी रूप से पत्र लिखकर कानून की अवहेलना की गई। उपायुक्त, सोलन को लोगो द्वारा शिकायत दी गई थी कि चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा सोलन में जो जमीन की खरीद की गई है उसमें इनके द्वारा हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 का उल्लंघन किया गया है इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही की जाए।
इसको लेकर उपायुक्त सोलन ने जांच उपमंडल अधिकारी(SDM) सोलन को सौंपी थी और उन्होंने अपनी जांच में पाया कि चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा बेनामी संपत्ति के रूप में ज़मीन की खरीद की गई और अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप धारा 118 की अवहेलना बताई और इनके खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की थी। परन्तु इसको लेकर कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग कर गैर कानूनी रूप से 6.12. 2025 को उपायुक्त सोलन को पत्र लिखा जिसमें उपमंडल अधिकारी(SDM) सोलन की रिपोर्ट को नकारा गया और उपायुक्त सोलन पर गैर कानूनी रूप से कानूनी कार्यवाही करने से रोकने का दबाव बनाया गया।
ये पत्र स्पष्ट रूप से अनाधिकृत रूप से लिखा गया था क्योंकि मुख्य सचिव को कोई भी कानूनी अधिकार हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 में हस्तक्षेप का किसी भी रूप में है। *अब सरकार के अतिरिक्त सचिव(राजस्व) ने भी उपायुक्त सोलन को मुख्य सचिव द्वारा 6.12.2025 को लिखे पत्र को निरस्त कर दिया है और चेस्टर हिल के मालिकों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश किरायेदारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 में कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।* इसमें अब चेस्टर हिल के मालिकों द्वारा खरीद की गई बेनामी भूमि सरकार अपने कब्जे में ले लेगी।
सीपीआईएम ने इसी के साथ मांग की थी कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कमिश्नर द्वारा नगर निगम, सोलन द्वारा चेस्टर हिल द्वारा गैर कानूनी निर्माण को गिराने के आदेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 253 व धारा 254 के तहत पारित किए थे उन पर भी रोक लगाने की गैर रूप से सुनवाई कर रोक लगाई। इसमें मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा 1.11.2025 व 6.11.2025 को एक ही मामले में दो आदेश पारित किए। जबकि हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 253 की सुनवाई के लिए सचिव या मुख्य सचिव अधिकृत ही नहीं है और इसकी सुनवाई के लिए जिला न्यायधीश ही कर सकते हैं।
कानून की स्पष्ट रूप से उल्लंघन के कारण जो सुनवाई मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने की है और आदेश पारित कर कमिश्नर नगर निगम, सोलन के आदेशों पर गैर कानूनी रूप से रोक लगाई है उस पर भी सरकार इनके खिलाफ तुरन्त कानूनी कार्यवाही करे। इन दोनों मामलों में स्पष्ट है कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग कर कानून का उल्लंघन कर चेस्टर हिल के मालिकों को अनुचित लाभ देने का काम किया है। इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही की जानी जरूरी है।
यदि सरकार तुरन्त कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पद से नहीं हटाती और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मुकदमा दर्ज नहीं करती तो पार्टी इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन तब तक चलाएगी जब तक कि सरकार इन पर कार्यवाही नहीं करती है।
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