-*कहा, मुख्यमंत्री को सिर्फ अपने मित्रों के काम करने में ही दिलचस्पी,शिमला के माल रोड की सैर से ही खुश, जनता के दुःख दर्द सुनने का नहीं है समय* *बोले, सिरमौर बस हादसा स्थल और अर्की अग्निकांड ने दिखाई मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता*
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शिमला 12 जनवरी [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने योजनाओं के नाम और स्वरूप को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को 'महज एक नौटंकी' करार देते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता केवल अपने दिल्ली स्थित हाईकमान की नजरों में बने रहने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि इन नेताओं को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी 'जी-राम-जी' योजना की जमीनी हकीकत और तथ्यों की जानकारी तक नहीं है। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली मदद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के हितों की रक्षा के लिए केंद्र पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जनता के बीच यह भ्रम फैलाना बंद करें कि प्रदेश को मिलने वाली मदद में कटौती हुई है। हिमाचल को पूर्ववत 90:10 के अनुपात में ही केंद्रीय सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह भी मालूम नहीं है कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी 'जी-राम-जी' में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि क्या मनरेगा का नाम पहले नरेगा नहीं था? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार योजनाओं में पारदर्शिता लाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव कर रही है ताकि जनता को सीधा और अधिक लाभ मिल सके। इन सुधारों से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पात्र लोगों को उनका हक मिलेगा। प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करना छोड़ें और अपने राज्य के बिगड़ते हालातों पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगें। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में विकास के काम पूरी तरह ठप पड़े हैं। मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक के बाद एक बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के पास जनता का दर्द सुनने का समय नहीं है। उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिरमौर में हुए दर्दनाक बस हादसे और अर्की में हुए भयंकर अग्निकांड, जिसमें लोग जिंदा जल गए, जैसी घटनाओं के बाद भी मुख्यमंत्री मौके पर नहीं गए। यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार को जनता के दुख-दर्द से कोई संवेदना नहीं है। ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री को सिर्फ अपने मित्रों के काम करने में दिलचस्पी है और वे शिमला के माल रोड की सैर से ही खुश हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज शेष हिमाचल की जनता विकास न होने और सरकार की बेरुखी से त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के पास प्रदेश की समस्याओं को सुलझाने के लिए समय नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी कि वे केंद्र पर झूठे आरोप लगाने के बजाय अपनी सरकार की विफलताओं का आत्मचिंतन करें।
शिमला 12 जनवरी [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने योजनाओं के नाम और स्वरूप को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को 'महज एक नौटंकी' करार देते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता केवल अपने दिल्ली स्थित हाईकमान की नजरों में बने रहने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि इन नेताओं को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी 'जी-राम-जी' योजना की जमीनी हकीकत और तथ्यों की जानकारी तक नहीं है। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली मदद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के हितों की रक्षा के लिए केंद्र पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जनता के बीच यह भ्रम फैलाना बंद करें कि प्रदेश को मिलने वाली मदद में कटौती हुई है। हिमाचल को पूर्ववत 90:10 के अनुपात में ही केंद्रीय सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह भी मालूम नहीं है कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी 'जी-राम-जी' में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि क्या मनरेगा का नाम पहले नरेगा नहीं था? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार योजनाओं में पारदर्शिता लाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव कर रही है ताकि जनता को सीधा और अधिक लाभ मिल सके। इन सुधारों से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पात्र लोगों को उनका हक मिलेगा।
प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करना छोड़ें और अपने राज्य के बिगड़ते हालातों पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगें। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में विकास के काम पूरी तरह ठप पड़े हैं। मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक के बाद एक बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के पास जनता का दर्द सुनने का समय नहीं है।
उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिरमौर में हुए दर्दनाक बस हादसे और अर्की में हुए भयंकर अग्निकांड, जिसमें लोग जिंदा जल गए, जैसी घटनाओं के बाद भी मुख्यमंत्री मौके पर नहीं गए। यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार को जनता के दुख-दर्द से कोई संवेदना नहीं है। ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री को सिर्फ अपने मित्रों के काम करने में दिलचस्पी है और वे शिमला के माल रोड की सैर से ही खुश हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आज शेष हिमाचल की जनता विकास न होने और सरकार की बेरुखी से त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के पास प्रदेश की समस्याओं को सुलझाने के लिए समय नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी कि वे केंद्र पर झूठे आरोप लगाने के बजाय अपनी सरकार की विफलताओं का आत्मचिंतन करें।
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