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शिमला , 06 जनवरी [ विशाल सूद ] ! उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि आगामी सेब सीजन के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी उपमंडल दण्डाधिकारी स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उपायुक्त आज यहां वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जिला के सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, बागवानी विभाग, एचपीएमसी आदि विभागों के अधिकारियों के साथ सेब सीजन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मकसद गत सेब सीजन में आई समस्याओं को ध्यान में रख कर आगामी सेब सीजन की तैयारी करना है ताकि उस समय किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान कुल 1,36,60,824 पेटियां सेब की पैदावार हुई। इसके अतिरिक्त, 92,539 मीट्रिक टन सेब एमआईएस के तहत एमएसपी पर ख़रीदा गया। यह भी बताया गया कि सेब का आकार छोटा रहने और बरसात के मौसम में हुए नुकसान की वजह से ज्यादा सेब खरीद नहीं हो पाई। उपायुक्त ने कहा कि गत वर्ष काफी मात्रा में सेब एमएसपी पर ख़रीदा गया है और काफी मात्रा में सेब न उठने के कारण करोड़ों रुपए का सेब ख़राब भी हुआ था जोकि बागवानी के लिए अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी सेब सीजन में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए एचपीएमसी और हिमफैड से समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा की बागवानों को नुकसान न हो। गत सेब सीजन के दौरान एचपीएमसी ने प्रदेश सरकार को लगभग 76 करोड़ रुपए की राशि का दावा प्रस्तुत किया था जबकि इस सेब सीजन की लगभग 122 करोड़ रुपए की राशि सरकार से प्राप्त होनी है। *ग्रेडिंग की समस्या से यूनिवर्सल कार्टन में भरा जा रहा ज्यादा सेब*बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू हो चुकी है परन्तु ग्रेडिंग सेंटर की जांच न होने से यूनिवर्सल कार्टन में भी 20 किलोग्राम से ज्यादा सेब भरा जा रहा है। कई जगह यूनिवर्सल कार्टन में 22 से 27 किलोग्राम तक सेब भरा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बागवानों द्वारा सेब के बगीचों में अवशेष जलाए जा रहे हैं जिससे जंगलों में आग लगने की घटनाओं के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी फैल रहा है। इस दिशा में बागवानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। यह भी बताया गया कि एचपीएमसी द्वारा सेब का वजन करने के लिए जिन लोगों को कांटे जारी किये थे, उन्होंने कांटे आगे किसी और को सबलेट कर दिए हैं, जिन्हें इस काम की पूरी जानकारी भी नहीं है। *सड़क और पुल को प्राथमिकता में रखें सभी एसडीएम *उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को सड़कों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि सेब यातायात किसी भी सूरत में प्रभावित न हो। उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों और पुलों को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए खासकर उन मार्गों को जहाँ से अधिकतम सेब यातायात होता है। उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को आगामी सेब सीजन से पूर्व स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सेब सीजन में आने वाली परेशानियों से निपटने के लिए सभी तैयार रहे और सबकी जान की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। *अनुग्रह राशि का जल्द हो भुगतान*उपायुक्त ने उपमंडल दण्डाधिकारी कोटखाई को पिछले सेब सीजन के दौरान पिकअप दुर्घटना में मारे गए मजदूरों के परिजनों को तुरंत अनुग्रह राशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में सेब कारोबार बाहर से आये हुए मजदूरों के सहयोग से ही चलता है इसलिए उनकी सुरक्षा भी जिला प्रशासन की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी दुर्घटना घटित होती है तो उस स्थिति में अनुग्रह राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को मुहैया करवाई जाए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी कुपवी अमन कुमार राणा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्व मोहन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिमला , 06 जनवरी [ विशाल सूद ] ! उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि आगामी सेब सीजन के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी उपमंडल दण्डाधिकारी स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उपायुक्त आज यहां वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जिला के सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, बागवानी विभाग, एचपीएमसी आदि विभागों के अधिकारियों के साथ सेब सीजन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस बैठक का मकसद गत सेब सीजन में आई समस्याओं को ध्यान में रख कर आगामी सेब सीजन की तैयारी करना है ताकि उस समय किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
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बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान कुल 1,36,60,824 पेटियां सेब की पैदावार हुई। इसके अतिरिक्त, 92,539 मीट्रिक टन सेब एमआईएस के तहत एमएसपी पर ख़रीदा गया। यह भी बताया गया कि सेब का आकार छोटा रहने और बरसात के मौसम में हुए नुकसान की वजह से ज्यादा सेब खरीद नहीं हो पाई।
उपायुक्त ने कहा कि गत वर्ष काफी मात्रा में सेब एमएसपी पर ख़रीदा गया है और काफी मात्रा में सेब न उठने के कारण करोड़ों रुपए का सेब ख़राब भी हुआ था जोकि बागवानी के लिए अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी सेब सीजन में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए एचपीएमसी और हिमफैड से समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा की बागवानों को नुकसान न हो। गत सेब सीजन के दौरान एचपीएमसी ने प्रदेश सरकार को लगभग 76 करोड़ रुपए की राशि का दावा प्रस्तुत किया था जबकि इस सेब सीजन की लगभग 122 करोड़ रुपए की राशि सरकार से प्राप्त होनी है।
*ग्रेडिंग की समस्या से यूनिवर्सल कार्टन में भरा जा रहा ज्यादा सेब*
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू हो चुकी है परन्तु ग्रेडिंग सेंटर की जांच न होने से यूनिवर्सल कार्टन में भी 20 किलोग्राम से ज्यादा सेब भरा जा रहा है। कई जगह यूनिवर्सल कार्टन में 22 से 27 किलोग्राम तक सेब भरा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बागवानों द्वारा सेब के बगीचों में अवशेष जलाए जा रहे हैं जिससे जंगलों में आग लगने की घटनाओं के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी फैल रहा है। इस दिशा में बागवानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। यह भी बताया गया कि एचपीएमसी द्वारा सेब का वजन करने के लिए जिन लोगों को कांटे जारी किये थे, उन्होंने कांटे आगे किसी और को सबलेट कर दिए हैं, जिन्हें इस काम की पूरी जानकारी भी नहीं है।
*सड़क और पुल को प्राथमिकता में रखें सभी एसडीएम *
उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को सड़कों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि सेब यातायात किसी भी सूरत में प्रभावित न हो। उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों और पुलों को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए खासकर उन मार्गों को जहाँ से अधिकतम सेब यातायात होता है। उन्होंने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को आगामी सेब सीजन से पूर्व स्थानीय स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सेब सीजन में आने वाली परेशानियों से निपटने के लिए सभी तैयार रहे और सबकी जान की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
*अनुग्रह राशि का जल्द हो भुगतान*
उपायुक्त ने उपमंडल दण्डाधिकारी कोटखाई को पिछले सेब सीजन के दौरान पिकअप दुर्घटना में मारे गए मजदूरों के परिजनों को तुरंत अनुग्रह राशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में सेब कारोबार बाहर से आये हुए मजदूरों के सहयोग से ही चलता है इसलिए उनकी सुरक्षा भी जिला प्रशासन की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी दुर्घटना घटित होती है तो उस स्थिति में अनुग्रह राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को मुहैया करवाई जाए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, उपमंडल दण्डाधिकारी कुपवी अमन कुमार राणा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्व मोहन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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