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शिमला , 23 फरवरी [ शिवानी ] ! आज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) शिमला जिला इकाई द्वारा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों संजौली , आरकेएमवी , कोटशेरा , संध्याकालीन विभाग , रामपुर , ठियोग , आनी , कोटि, धामी , करसोग में छात्र-छात्राओं की लंबित मांगों को लेकर प्रधानाचार्यों को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना तथा प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा।1. मुफ्त बस सुविधा की व्यवस्था:**दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को प्रतिदिन आवागमन में भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है। बढ़ते किरायों के कारण कई विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। एसएफआई ने मांग की कि छात्रों के लिए मुफ्त या रियायती बस पास की सुविधा तुरंत लागू की जाए, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने। 2. महाविद्यालय कैंटीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि कैंटीन की रेट लिस्ट प्रशासन द्वारा निर्धारित की जाए, उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए तथा समय-समय पर निगरानी कर उचित दरें सुनिश्चित की जाएं। 3. कई विद्यार्थियों को पर्याप्त हॉस्टल सुविधा न होने के कारण निजी आवासों में महंगे किराए पर रहना पड़ता है। एसएफआई ने छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुलभ और किफायती हॉस्टल व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। साथ ही, मौजूदा हॉस्टलों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। 4. महाविद्यालय परिसरों में शौचालयों की साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जिससे छात्र-छात्राओं को असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संगठन ने नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता और स्वच्छता की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की। एसएफआई द्वारा यह मांग उठाई है कि ये मांगें छात्रों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं और इनका समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एसएफआई ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जिला भर में सभी छात्रों को संगठित करते हुए छात्र मांगो को लेकर आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अंत में एसएफआई ने महाविद्यालय प्रशासन से अपील की, कि छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मांगों पर त्वरित निर्णय लिया जाए, ताकि शिक्षा का वातावरण सुचारू और सुविधाजनक बनाया जा सके। प्रशासन जल्द से जल्द इन मांगो पर कार्यवाही करे ताकि किसी भी छात्र को महाविद्यालय में दिक्कतों का सामना न करना पड़े ।
शिमला , 23 फरवरी [ शिवानी ] ! आज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) शिमला जिला इकाई द्वारा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों संजौली , आरकेएमवी , कोटशेरा , संध्याकालीन विभाग , रामपुर , ठियोग , आनी , कोटि, धामी , करसोग में छात्र-छात्राओं की लंबित मांगों को लेकर प्रधानाचार्यों को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना तथा प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा।
1. मुफ्त बस सुविधा की व्यवस्था:**
दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को प्रतिदिन आवागमन में भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है। बढ़ते किरायों के कारण कई विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। एसएफआई ने मांग की कि छात्रों के लिए मुफ्त या रियायती बस पास की सुविधा तुरंत लागू की जाए, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने।
2. महाविद्यालय कैंटीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि कैंटीन की रेट लिस्ट प्रशासन द्वारा निर्धारित की जाए, उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए तथा समय-समय पर निगरानी कर उचित दरें सुनिश्चित की जाएं।
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3. कई विद्यार्थियों को पर्याप्त हॉस्टल सुविधा न होने के कारण निजी आवासों में महंगे किराए पर रहना पड़ता है। एसएफआई ने छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुलभ और किफायती हॉस्टल व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। साथ ही, मौजूदा हॉस्टलों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
4. महाविद्यालय परिसरों में शौचालयों की साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जिससे छात्र-छात्राओं को असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संगठन ने नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता और स्वच्छता की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की।
एसएफआई द्वारा यह मांग उठाई है कि ये मांगें छात्रों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं और इनका समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एसएफआई ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन जिला भर में सभी छात्रों को संगठित करते हुए छात्र मांगो को लेकर आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अंत में एसएफआई ने महाविद्यालय प्रशासन से अपील की, कि छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मांगों पर त्वरित निर्णय लिया जाए, ताकि शिक्षा का वातावरण सुचारू और सुविधाजनक बनाया जा सके। प्रशासन जल्द से जल्द इन मांगो पर कार्यवाही करे ताकि किसी भी छात्र को महाविद्यालय में दिक्कतों का सामना न करना पड़े ।
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