घुसपैठियों के वोट पर राजनीति राष्ट्रहित के खिलाफ, सभी दल एसआईआर का करें समर्थन
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शिमला , 17 जनवरी [ विशाल सूद ] ! शिमला संसदीय क्षेत्र के एक कार्यक्रम में बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतंत्र को सशक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर चुनाव प्रक्रियाओं में सुधार करती रही है। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आज़ादी के बाद से यह निरंतर होती आ रही है, ऐसे में इस विषय पर अनावश्यक हो-हल्ला करना सर्वथा अनुचित है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत गणराज्य भारतीय नागरिकों के लिए है और संविधान ने मतदान का अधिकार केवल भारतीयों को दिया है। लेकिन पिछले 4–5 दशकों में करोड़ों की संख्या में अनाधिकृत रूप से घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिकों ने गलत तरीकों से अपने वोट और आधार कार्ड बनवा लिए हैं। ऐसे लोग अपनी वोट की ताकत से चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान का कार्य चुनाव आयोग एसआईआर के माध्यम से कर रहा है, जो पूरी तरह राष्ट्रहित में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक के लालच में राष्ट्रहित के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। घुसपैठियों को संरक्षण देना, उनकी वोट बनवाने में सहायता करना और उनके आधार पर चुनाव जीतने की कोशिश करना देशद्रोह के समान है। डॉ. बिंदल ने कहा कि घुसपैठिए भारत की संपदा और संसाधनों का उपयोग करते हैं, जिससे भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर सीधा डाका पड़ता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश इस बात पर दृढ़ विश्वास रखती है कि केवल अधिकृत भारतीय नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए और अनाधिकृत व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में नहीं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग दें और सभी राजनीतिक दल प्रदेश व राष्ट्रहित में इस अभियान के समर्थन में एकजुट होकर खड़े हों।
शिमला , 17 जनवरी [ विशाल सूद ] ! शिमला संसदीय क्षेत्र के एक कार्यक्रम में बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतंत्र को सशक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक प्रक्रिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर चुनाव प्रक्रियाओं में सुधार करती रही है। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आज़ादी के बाद से यह निरंतर होती आ रही है, ऐसे में इस विषय पर अनावश्यक हो-हल्ला करना सर्वथा अनुचित है।
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डॉ. बिंदल ने कहा कि भारत गणराज्य भारतीय नागरिकों के लिए है और संविधान ने मतदान का अधिकार केवल भारतीयों को दिया है। लेकिन पिछले 4–5 दशकों में करोड़ों की संख्या में अनाधिकृत रूप से घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिकों ने गलत तरीकों से अपने वोट और आधार कार्ड बनवा लिए हैं। ऐसे लोग अपनी वोट की ताकत से चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान का कार्य चुनाव आयोग एसआईआर के माध्यम से कर रहा है, जो पूरी तरह राष्ट्रहित में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक के लालच में राष्ट्रहित के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। घुसपैठियों को संरक्षण देना, उनकी वोट बनवाने में सहायता करना और उनके आधार पर चुनाव जीतने की कोशिश करना देशद्रोह के समान है। डॉ. बिंदल ने कहा कि घुसपैठिए भारत की संपदा और संसाधनों का उपयोग करते हैं, जिससे भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर सीधा डाका पड़ता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश इस बात पर दृढ़ विश्वास रखती है कि केवल अधिकृत भारतीय नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए और अनाधिकृत व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में नहीं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग दें और सभी राजनीतिक दल प्रदेश व राष्ट्रहित में इस अभियान के समर्थन में एकजुट होकर खड़े हों।
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