*केंद्र से आए आपदा राहत के 6000 करोड़ रुपये का हिसाब दें मंत्री और मुख्यमंत्री*
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शिमला , 02 जनवरी [ विशाल सूद ] : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने हर्षवर्धन चौहान के बयान पर हमला बोलते हुए कहा है कि अब सुक्खू सरकारक के मंत्रियों में में झूठ बोलने की होड़ लगी हुई है। जिस पार्टी ने ने बिना किसी संवैधानिक पद के अपने पार्टी के युवराज के रैलियो पर प्रदेश के करोड़ों रुपये खर्च करती है उनके मुँह से बाकी बातें अच्छी नहीं लगती है। जिस पार्टी के नेताओं ने आपदाग्रस्त हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत के पैसे से ही जश्न मनाया हो, वह किस मुँह से नैतिकता की बातें कर सकते हैं। इसलिए बीजेपी ज्ञान देने और इधर की बात करने की बजाय उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेजें गए आपदा राहत के 6 हज़ार करोड़ रुपये का हिसाब देना चाहिए। क्योंकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब तक आपदा प्रभावितों को लगभग 500 करोड़ रुपए ही आपदा राहत के रूप में दिए जा सकें हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब सिर्फ झूठ बोलकर केंद्र पर आरोप लगाकर पिछली सरकार के ऊपर अनर्गल बयानबाजी करके अपना वक्त निकालना चाहती हैं लेकिन उन्हें हम अपनी जवाबदेही से भागने नहीं देंगे। आज हिमाचल प्रदेश में जो कुछ हो रहा है वह केंद्र के सहयोग से ही हो रहा है। चाहे शिक्षा विभाग हो, स्वास्थ्य विभाग या फिर लोक निर्माण विभाग में बन रही सड़कें सब केंद्र के सहयोग और पैसे से ही बन रही हैं। लेकिन कांग्रेस के नेताओं में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को कोस कर आलाकमान की नजर में अपने नंबर बढ़ाने की होड़ लगी है। 3 साल के कार्यकाल में सरकार की एकमात्र उपलब्धि रिकॉर्ड तोड़ कर्ज और कर लादना है। प्रदेश में सुख की नहीं कर और कर्ज की सरकार चल रही है। सरकार के पास बताने के लिए 3 साल में एक भी उपलब्धि नहीं है। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बिना उपलब्धियों के ही अपनी नाकामियों पर पहले साल का, दूसरे साल का तीसरे साल का जश्न मनाया उसमें जमकर प्रदेश के लोगों के पैसे की बर्बादी हुई। हैरानी की बात यह हैं कि जश्न के मंच पर भी मंत्रियों ने सिर्फ अपना शक्ति प्रदर्शन किया। अन्य कार्यक्रम भी जो किसी ट्रस्ट के तले होने चाहिए थे उसे भी सरकारी कार्यक्रम घोषित करके कांग्रेस पार्टी आलाकमा की खूब आवभगत और प्रशंसा की गई। हिमाचल प्रदेश में पहले एक सांसद रहे राहुल गाँधी की रैली होती थी और उसमें करोड़ों रुपये खर्च किए जाते थे। कांग्रेस सरकार के द्वारा राहुल गाँधी की रैली में जुटाई गई भीड़ के बसों का किराया जयराम सरकार ने वहन किया। कांग्रेस के सभी नेता यह बताए कि किस हैसियत से हिमाचल प्रदेश के लोगों का पैसा सरकारी कार्यक्रम में राहुल गाँधी के लिए खर्च किया जाता था?
शिमला , 02 जनवरी [ विशाल सूद ] : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने हर्षवर्धन चौहान के बयान पर हमला बोलते हुए कहा है कि अब सुक्खू सरकारक के मंत्रियों में में झूठ बोलने की होड़ लगी हुई है। जिस पार्टी ने ने बिना किसी संवैधानिक पद के अपने पार्टी के युवराज के रैलियो पर प्रदेश के करोड़ों रुपये खर्च करती है उनके मुँह से बाकी बातें अच्छी नहीं लगती है। जिस पार्टी के नेताओं ने आपदाग्रस्त हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत के पैसे से ही जश्न मनाया हो, वह किस मुँह से नैतिकता की बातें कर सकते हैं।
इसलिए बीजेपी ज्ञान देने और इधर की बात करने की बजाय उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेजें गए आपदा राहत के 6 हज़ार करोड़ रुपये का हिसाब देना चाहिए। क्योंकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब तक आपदा प्रभावितों को लगभग 500 करोड़ रुपए ही आपदा राहत के रूप में दिए जा सकें हैं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब सिर्फ झूठ बोलकर केंद्र पर आरोप लगाकर पिछली सरकार के ऊपर अनर्गल बयानबाजी करके अपना वक्त निकालना चाहती हैं लेकिन उन्हें हम अपनी जवाबदेही से भागने नहीं देंगे। आज हिमाचल प्रदेश में जो कुछ हो रहा है वह केंद्र के सहयोग से ही हो रहा है। चाहे शिक्षा विभाग हो, स्वास्थ्य विभाग या फिर लोक निर्माण विभाग में बन रही सड़कें सब केंद्र के सहयोग और पैसे से ही बन रही हैं।
लेकिन कांग्रेस के नेताओं में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को कोस कर आलाकमान की नजर में अपने नंबर बढ़ाने की होड़ लगी है। 3 साल के कार्यकाल में सरकार की एकमात्र उपलब्धि रिकॉर्ड तोड़ कर्ज और कर लादना है। प्रदेश में सुख की नहीं कर और कर्ज की सरकार चल रही है। सरकार के पास बताने के लिए 3 साल में एक भी उपलब्धि नहीं है।
सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बिना उपलब्धियों के ही अपनी नाकामियों पर पहले साल का, दूसरे साल का तीसरे साल का जश्न मनाया उसमें जमकर प्रदेश के लोगों के पैसे की बर्बादी हुई। हैरानी की बात यह हैं कि जश्न के मंच पर भी मंत्रियों ने सिर्फ अपना शक्ति प्रदर्शन किया। अन्य कार्यक्रम भी जो किसी ट्रस्ट के तले होने चाहिए थे उसे भी सरकारी कार्यक्रम घोषित करके कांग्रेस पार्टी आलाकमा की खूब आवभगत और प्रशंसा की गई।
हिमाचल प्रदेश में पहले एक सांसद रहे राहुल गाँधी की रैली होती थी और उसमें करोड़ों रुपये खर्च किए जाते थे। कांग्रेस सरकार के द्वारा राहुल गाँधी की रैली में जुटाई गई भीड़ के बसों का किराया जयराम सरकार ने वहन किया। कांग्रेस के सभी नेता यह बताए कि किस हैसियत से हिमाचल प्रदेश के लोगों का पैसा सरकारी कार्यक्रम में राहुल गाँधी के लिए खर्च किया जाता था?
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