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शिमला , 10 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है.
शिमला , 10 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई.
शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे.
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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है.
इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा.
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी।
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है.
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