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शिमला , 20 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू आज अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ 10 राजाजी मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Mallikarjun Kharge तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने की। बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण आर्थिक एवं नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से राज्य को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए यह सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा हुई कि राज्य के वित्तीय हितों की पूर्ण सुरक्षा हो सके। इसके अतिरिक्त, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई। हिमाचल प्रदेश की सेब आधारित अर्थव्यवस्था पर एफटीए के संभावित प्रतिकूल असर, विशेषकर बागवानों और किसानों की आय पर प्रभाव, को गंभीरता से उठाया गया। राज्य हित में एफटीए को वापस लेने की मांग और बागवानों के संरक्षण हेतु ठोस नीति-निर्माण पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य की आर्थिक स्थिरता और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के हितों की रक्षा हेतु समन्वित रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
शिमला , 20 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू आज अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ 10 राजाजी मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Mallikarjun Kharge तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने की।
बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण आर्थिक एवं नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से राज्य को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए यह सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा हुई कि राज्य के वित्तीय हितों की पूर्ण सुरक्षा हो सके।
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इसके अतिरिक्त, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई। हिमाचल प्रदेश की सेब आधारित अर्थव्यवस्था पर एफटीए के संभावित प्रतिकूल असर, विशेषकर बागवानों और किसानों की आय पर प्रभाव, को गंभीरता से उठाया गया। राज्य हित में एफटीए को वापस लेने की मांग और बागवानों के संरक्षण हेतु ठोस नीति-निर्माण पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य की आर्थिक स्थिरता और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के हितों की रक्षा हेतु समन्वित रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
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