Bootstrap
  • हिमाचल टीवी !
    • यूट्यूब चैनल !
    • लाइव टीवी चैनल !
  • क्षेत्र चुनें !
    • सभी
    • अन्य
    • बिलासपुर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • काँगड़ा
    • किन्नौर
    • कुल्लू
    • लाहौल-स्पिति
    • मंडी
    • शिमला
    • सिरमौर
    • सोलन
    • उना
  • वीडियो !
  • मैं भी पत्रकार !
    • मैं भी पत्रकार !
    • डाउनलोड एंड्राइड ऐप !
    • डाउनलोड एप्पल ऐप !
    • विज्ञापन अपलोड करें !
  • शिकायत / सुझाव !
    • शिकायत समाधान अधिकारी !
    • शिकायत दर्ज करें !
    • सुझाव दे !
  • हमारे बारे में !
  • संपर्क करे !
  • हिमाचल टीवी !
    • यूट्यूब चैनल !
    • लाइव टीवी चैनल !
  • क्षेत्र चुनें !
      • सभी
      • अन्य
      • बिलासपुर
      • चंबा
      • हमीरपुर
      • काँगड़ा
      • किन्नौर
      • कुल्लू
      • लाहौल-स्पिति
      • मंडी
      • शिमला
      • सिरमौर
      • सोलन
      • उना

      Khabar Himachal Se

      शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

      Khabar Himachal Se

      हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

      Khabar Himachal Se

      चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !

      Khabar Himachal Se

      चम्बा ! विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट 2026-27: डीएस ठाकुर !

  • वीडियो !
    • खबर हिमाचल से ,वीडियो

      शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

      खबर हिमाचल से ,वीडियो

      हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

      खबर हिमाचल से ,वीडियो

      शिमला ! मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्रीय बजट पर व्यक्त की कड़ी प्रतिक्रिया !

      खबर हिमाचल से ,वीडियो

      शिमला ! केंद्रीय बजट की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने की सराहना !

      खबर हिमाचल से ,वीडियो

      शिमला ! विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट 2026 : डॉ. राजीव बिंदल !

  • मैं भी पत्रकार !
    • मैं भी पत्रकार !
    • डाउनलोड एंड्राइड ऐप !
    • डाउनलोड एप्पल ऐप !
    • विज्ञापन अपलोड करें !
  • शिकायत / सुझाव !
    • शिकायत समाधान अधिकारी !
    • शिकायत दर्ज करें !
    • सुझाव दे !
  • हमारे बारे में !
  • संपर्क करे !
खोजें

अभी प्रचलित

  • चम्बा ! राजकीय महाविद्यालय चम्बा में एनसीसी ‘ए’ सर्टिफिकेट परीक्षा सम्पन्न !
  • शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !
  • हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !
  • चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !
  • चम्बा ! विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट 2026-27: डीएस ठाकुर !
  • हमीरपुर ! सामान्य वर्ग के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक करके सामान्य वर्ग संयुक्त मोर्चा बनाने का लिया निर्णय !
  • शिमला ! केन्द्रीय बजट 2026 में हिमाचल प्रदेश को विशेष प्राथमिकता, संरचनात्मक सुधारों और आत्मनिर्भरता की ठोस सौगातें !
  • शिमला ! विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि प्रदान करने वाला सर्वस्पर्शी बजट : हिमाचल के लिए ईको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास की दिखी नई राह !
  • हमीरपुर ! संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई: राजिंदर राणा !
  • हमीरपुर ! संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई: राजिंदर राणा !
  • शिमला ! संघीय बजट में हिमाचल की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण: विक्रमादित्य सिंह !
  • शिमला ! मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्रीय बजट पर व्यक्त की कड़ी प्रतिक्रिया !
  • शिमला ! विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट 2026 : डॉ. राजीव बिंदल !
  • सोलन ! आसमानी बिजली गिरने से 55 से अधिक भेड़ बकरियों की मौ#त ! 
  • शिमला ! केंद्रीय बजट की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने की सराहना !
  • शिमला ! भारत की आर्थिक मजबूती और हिमाचल के लिए विशेष अवसरों का बजट : डॉ. सिकंदर कुमार !
  • शिमला ! महिला सशक्तिकरण और सबका विकास का बजट : इंदु गोस्वामी !
  • शिमला ! युवा शक्ति, क्रिएटिव इकोनॉमी और नए भारत का बजट : कंगना रनौत !
  • शिमला ! आत्मनिर्भर भारत और एमएसएमई सशक्तिकरण का बजट : हर्ष महाजन !
  • शिमला ! हिमाचल को विकास, स्वास्थ्य और रोजगार का मजबूत बजट : डॉ. राजीव भारद्वाज !
और अधिक खबरें

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

February 1, 2026 @ 09:33 pm

हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

February 1, 2026 @ 07:53 pm

चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !

February 1, 2026 @ 07:31 pm

चम्बा ! विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट 2026-27: डीएस ठाकुर !

February 1, 2026 @ 07:25 pm
होम Khabar Himachal Seशिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !
  • खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

राजस्व घाटा अनुदान बंद करना संघीय ढांचे पर प्रहार हिमाचल के लिए आज का दिन काला अध्याय।

द्वारा
विशाल सूद -
शिमला ( शिमला ) - February 1, 2026 @ 09:33 pm
0

- विज्ञापन (Article Top Ad) -

शिमला , 01 फरवरी [ विशाल सूद ] ! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट स्पष्ट रूप से आम लोगों, मध्यम वर्ग, किसानों, बागवानों और विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की आवश्यकताओं के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग इस बजट से निराश हैं। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को राज्य-विशेष अनुदान दिए जाने का प्रावधान है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) कहा जाता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग के गठन तक केंद्र सरकार द्वारा ये अनुदान नियमित रूप से राज्यों को दिए जाते रहे हैं। लेकिन पहली बार 16वें वित्त आयोग ने इस अनुदान को बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को प्रदान की गई थी। इससे भी अधिक चिंताजनक है 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की सिफारिश न करना। यह निर्णय राज्य की संरचनात्मक वित्तीय चुनौतियों, 67 प्रतिशत से अधिक वन एवं पारिस्थितिक आवरण, पर्वतीय क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति सेवा वितरण की अधिक लागत और हाल के वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्राकृतिक आपदा नुकसान की घोर उपेक्षा है।  ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। इससे राज्य को सेवा वितरण और बढ़ते कर्ज के बीच कठिन निर्णय लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार पक्ष रखने, विस्तृत ज्ञापन और तकनीकी प्रस्तुतियों के बावजूद केंद्र सरकार और वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश की वास्तविकताओं को नजरअंदाज किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थिति इस आशंका को और मजबूत करती है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।  कृषि क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के लिए अपर्याप्त हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियां और खेती की लागत देश के मैदानी राज्यों से बिल्कुल भिन्न हैं। सेब उत्पादक, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार हैं, उन्हें इस बजट में कोई पहचान, कोई सहायता और कोई नीति समर्थन नहीं मिला। यह बागवानों के साथ सीधा अन्याय है और हिमाचल की आर्थिकी पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, हिमाचल प्रदेश की पहचान और रोजगार का प्रमुख स्रोत है, इस क्षेत्र के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बौद्ध सर्किट का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन विश्व-प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों वाले हिमाचल प्रदेश को इससे बाहर रखना स्पष्ट भेदभाव को दर्शाता है। पर्वतीय मार्गों के विकास की घोषणा तो की गई है, लेकिन वास्तविक लाभ भविष्य के अस्पष्ट दिशा-निर्देशों पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे विस्तार जैसे भानुपल्लीदृबिलासपुर और बद्दीदृचंडीगढ़ जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया।  मुख्यमंत्री ने ऋण सीमा को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने पर भी बल दिया।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भले ही बजट में पूंजी निवेश की बात करे, लेकिन पहाड़ी राज्यों के लिए आपदा से सुरक्षा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, जलविद्युत, पर्यटन और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए कोई ठोस या विशेष सहायता दिखाई नहीं देती। हिमालयी राज्यों के लिए अलग आपदा जोखिम सूचकांक और पारिस्थितिक संकेतकों को वित्तीय संवितरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। केन्द्रीय बजट 2026दृ27 हिमाचल प्रदेश के लिए न विकास का रास्ता दिखाता है, न न्याय का। उन्होंने कहा कि राज्यों को दिए जाने वाले ब्याज-मुक्त ऋण की राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये तक ही सीमित रखी गई है और इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। साथ ही, इससे जुड़ी कठोर शर्तें हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए अनुकूल नहीं हैं, क्योंकि यहां विकास की लागत अधिक होती है। इसके अलावा, जीएसटी मुआवजा बंद होने से राज्य को हर वर्ष भारी राजस्व नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है। हिमाचल सरकार वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन केंद्र सरकार से अपेक्षा करती है कि वह राज्यों के साथ संवाद, संवेदनशीलता और सहयोगी संघीयता की भावना को अपनाए। हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर भारत का समावेशी विकास संभव नहीं है। प्रदेश और यहां के लोगों के प्रति अन्याय के खिलाफ राज्य सरकार अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।

शिमला , 01 फरवरी [ विशाल सूद ] ! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट स्पष्ट रूप से आम लोगों, मध्यम वर्ग, किसानों, बागवानों और विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की आवश्यकताओं के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग इस बजट से निराश हैं। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को राज्य-विशेष अनुदान दिए जाने का प्रावधान है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) कहा जाता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग के गठन तक केंद्र सरकार द्वारा ये अनुदान नियमित रूप से राज्यों को दिए जाते रहे हैं। लेकिन पहली बार 16वें वित्त आयोग ने इस अनुदान को बंद कर दिया है।

- विज्ञापन (Article Inline Ad) -

उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को प्रदान की गई थी।

इससे भी अधिक चिंताजनक है 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की सिफारिश न करना। यह निर्णय राज्य की संरचनात्मक वित्तीय चुनौतियों, 67 प्रतिशत से अधिक वन एवं पारिस्थितिक आवरण, पर्वतीय क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति सेवा वितरण की अधिक लागत और हाल के वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्राकृतिक आपदा नुकसान की घोर उपेक्षा है। 

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। इससे राज्य को सेवा वितरण और बढ़ते कर्ज के बीच कठिन निर्णय लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार पक्ष रखने, विस्तृत ज्ञापन और तकनीकी प्रस्तुतियों के बावजूद केंद्र सरकार और वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश की वास्तविकताओं को नजरअंदाज किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थिति इस आशंका को और मजबूत करती है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। 

कृषि क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के लिए अपर्याप्त हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियां और खेती की लागत देश के मैदानी राज्यों से बिल्कुल भिन्न हैं। सेब उत्पादक, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार हैं, उन्हें इस बजट में कोई पहचान, कोई सहायता और कोई नीति समर्थन नहीं मिला। यह बागवानों के साथ सीधा अन्याय है और हिमाचल की आर्थिकी पर प्रहार है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन, हिमाचल प्रदेश की पहचान और रोजगार का प्रमुख स्रोत है, इस क्षेत्र के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बौद्ध सर्किट का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन विश्व-प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों वाले हिमाचल प्रदेश को इससे बाहर रखना स्पष्ट भेदभाव को दर्शाता है। पर्वतीय मार्गों के विकास की घोषणा तो की गई है, लेकिन वास्तविक लाभ भविष्य के अस्पष्ट दिशा-निर्देशों पर छोड़ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि रेलवे विस्तार जैसे भानुपल्लीदृबिलासपुर और बद्दीदृचंडीगढ़ जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया।  मुख्यमंत्री ने ऋण सीमा को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने पर भी बल दिया। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भले ही बजट में पूंजी निवेश की बात करे, लेकिन पहाड़ी राज्यों के लिए आपदा से सुरक्षा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, जलविद्युत, पर्यटन और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए कोई ठोस या विशेष सहायता दिखाई नहीं देती। हिमालयी राज्यों के लिए अलग आपदा जोखिम सूचकांक और पारिस्थितिक संकेतकों को वित्तीय संवितरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। केन्द्रीय बजट 2026दृ27 हिमाचल प्रदेश के लिए न विकास का रास्ता दिखाता है, न न्याय का।

उन्होंने कहा कि राज्यों को दिए जाने वाले ब्याज-मुक्त ऋण की राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये तक ही सीमित रखी गई है और इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। साथ ही, इससे जुड़ी कठोर शर्तें हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए अनुकूल नहीं हैं, क्योंकि यहां विकास की लागत अधिक होती है। इसके अलावा, जीएसटी मुआवजा बंद होने से राज्य को हर वर्ष भारी राजस्व नुकसान झेलना पड़ रहा है।

यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है। हिमाचल सरकार वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन केंद्र सरकार से अपेक्षा करती है कि वह राज्यों के साथ संवाद, संवेदनशीलता और सहयोगी संघीयता की भावना को अपनाए। हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर भारत का समावेशी विकास संभव नहीं है। प्रदेश और यहां के लोगों के प्रति अन्याय के खिलाफ राज्य सरकार अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।

साझा

- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -

अगला लेख
पिछला लेख हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -

लोकप्रिय खबरें/Popular News

चम्बा ! राजकीय महाविद्यालय चम्बा में एनसीसी ‘ए’ सर्टिफिकेट परीक्षा सम्पन्न !

February 1, 2026 @ 03:52 pm

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

February 1, 2026 @ 09:33 pm

हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

February 1, 2026 @ 07:53 pm

चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !

February 1, 2026 @ 07:31 pm

- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -

वीडियो/Videos

खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

खबर हिमाचल से ,वीडियो

हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्रीय बजट पर व्यक्त की कड़ी प्रतिक्रिया !

खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! केंद्रीय बजट की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने की सराहना !

- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -

ताज़ा खबरें/Latest News
  • सभी
  • अन्य
  • बिलासपुर
  • चंबा
  • हमीरपुर
  • काँगड़ा
  • किन्नौर
  • अधिक
    • अन्य
    • बिलासपुर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • काँगड़ा
    • किन्नौर
    • कुल्लू
    • लाहौल-स्पिति
    • मंडी
    • शिमला
    • सिरमौर
    • सोलन
    • उना

खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

विशाल सूद-February 1, 2026 @ 09:33 pm

0
शिमला , 01 फरवरी [ विशाल सूद ] ! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज

हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

February 1, 2026 @ 07:53 pm

चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !

February 1, 2026 @ 07:31 pm

चम्बा ! विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट 2026-27: डीएस ठाकुर !

February 1, 2026 @ 07:25 pm

हमीरपुर ! सामान्य वर्ग के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक करके सामान्य वर्ग संयुक्त मोर्चा बनाने का लिया निर्णय !

February 1, 2026 @ 07:19 pm
संबंधित लेख लेखक से और अधिक

खबर हिमाचल से ,वीडियो

शिमला ! केंन्द्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण : मुख्यमंत्री !

खबर हिमाचल से ,वीडियो

हमीरपुर ! केंद्रीय बजट 2026–27, विकसित भारत की मजबूत नींव — राजेंद्र राणा !

खबर हिमाचल से

चम्बा ! मोहल्ला ओबडी के सभी लोगों ने एकत्रित होकर आने वाले चुनावों का किया बहिष्कार !

साक्षात्कार और रिपोर्ट/Interviews & Reports

खबर हिमाचल से ,Video,रिपोर्ट और साक्षात्कार

लाहौल ! भुंतर भवन स्ट्रांग रूम में शिफ्ट की गई ईवीएम मशीनें !

खबर हिमाचल से ,Video,रिपोर्ट,रिपोर्ट और साक्षात्कार

मंडी की मुरारी धार को पर्यटन की दृष्टि से देश के मानचित्र पर लाने की जरूरत !

Video,रिपोर्ट और साक्षात्कार

ननखड़ी ! सरकार के दो साल का कार्यकाल पुरा होने पर हिम आधार लोक कला मंच ने चलाया जागरूकता अभियान।

Video,रिपोर्ट और साक्षात्कार

मंडी ! राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता है- लेखराज राणा !

- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -

रोजगार/Employment

  • चम्बा ! जिला रोजगार कार्यालय चम्बा द्वारा 16 व 17 अप्रैल को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन !

    April 7, 2025 @ 09:33 pm
  • शिमला ! राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, शिमला में रोज़गार मेले का किया आयोजन  ! 

    August 7, 2024 @ 09:27 pm
  • शिमला ! विदेश में नौकरी करने के लिए होने जा रहे हैं साक्षात्कार !   

    May 6, 2024 @ 06:24 pm

नतीजे/Results

  • हिमाचल ! बिजली बोर्ड को मिले 154 कनिष्ठ अभियंता, स्टाफ नर्स भर्ती का परिणाम घोषित !

    March 30, 2022 @ 12:23 pm
  • हमीरपुर ! इलेक्ट्रीशियन और रिस्टोरर के पदों के लिए ली गई परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित !

    January 4, 2022 @ 06:04 pm
  • हमीरपुर ! स्टोर कीपर पोस्ट कोड 878 की परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित !

    January 4, 2022 @ 11:29 am

मोबाइल एप्लिकेशन/Mobile App

प्रस्तावना !

#KhabarHimachalSe आपके सामने प्रस्तुत है एक सच्चे और ईमानदार प्रयास के साथ ! "खबर हिमाचल से" समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सदैव प्रयतनशील है ! यह मात्र सामान्य न्यूज़ पोर्टल ही नहीं जो ख़बरें कापी पेस्ट करता रहेगा बल्कि जनता की आवाज़ को प्रदेश के हाकिमों तक पहुँचाने की लड़ाई भी लड़ेगा । "खबर हिमाचल से" किसी विभाग/ अधिकारी/ सरकार के उत्पीड़न के विरूद्ध जनता के साथ कन्धे से कन्धा मिला कर खड़ा नज़र आएगा।

"सबका स्थान, एक समान" - "हमारी शक्ति, आपका प्रोत्साहन" !

हमें संपर्क करें: [email protected]

हमारा अनुसरण करे ! !

© 2017 - 2026 Khabar Himachal Se
  • Privacy Policy
  • Rules & Regulation
  • हमारे बारे में !
  • विज्ञापन
  • संपर्क करे !