बस स्किट होने के बाद, ब्रेक न लगने के चलते खाई में जा गिरी बस सड़कों किनारे न पैराफिट न ब्रेकेटिंग ओर न ही सड़को की हालत दुरुस्त ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव, न चिकित्सक न अन्य सुविधाएं ठंड की वजह से सड़क पर जमा था पाला, पाले से स्किट हुई बस बस हादसे में चालक की भी मौत, परिचालक सुरक्षित 5 साल की आनाया ने बताया हादसे के बाद का मंजर आनाया बोली पहाड़ आगे आया और चालक से नहीं लगी ब्रेक अपनी दीदी, भाई औऱ माता के साथ सफ़र कर रही थी 5 वर्षीय आनाया हादसे में घायल हुए लोगों के स्वास्थ्य में सुधार, तीन लोगों को किया डिस्चार्ज बस हादसे की न्यायिक जांच, 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
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सिरमौर , 10 जनवरी [ विशाल सूद ] ! जिला के हरिपुरधार में बीते कल पेश आए दर्दनाक बस हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हो गई तो वहीं 53 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं। दर्दनाक बस हादसे की न्यायिक जांच और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने की निर्देश प्रशासन को दिए गए.। दूसरी ओर हादसे के घायलों की हालत में अब सुधार है और सभी लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं । नाहन के डॉक्टर वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हादसे के 20 घायलों में से तीन घायलों को स्वास्थ्य में सुधार के बाद डिस्चार्ज भी कर दिया गया है जबकि अन्य सभी का इलाज सामान्य रूप से किया जा रहा है। आपको बता दें दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में बस मालिक प्रताप सिंह के भी बच्चों समेत अन्य परिजन सवार थे जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे में जहां बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं बस का परिचालक सुरक्षित है। बस में सवार घायल यात्रियों ने बताया कि कभी ना भूलने वाला दर्द दे गया हरिपुरधार बस हादसा औऱ यह दिन एक काला दिन साबित हुआ है । बस हादसे में घायल हुए लोगों ने बताया कि यह दर्दनाक बस हादसा इतना भयानक था कि उन्हें भी अपने सुरक्षित बचने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। घायलों का कहना है कि सर्द मौसम के चलते सड़क पर पाला जमने के बाद बस स्किट हुई और फिर चालक से ब्रेक ना लगने के चलते अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। उन्होंने बताया कि बस में आवश्यकता से ज्यादा सवारियां सवार थी और बस खाई में गिरने के बाद तहस नहस हो गई। घायलों का कहना है की खस्ताहाल सड़कें और सड़कों किनारे न पैराफिट और ना ही बैरिकेटिंग होने के चलते इस तरह के दर्दनाक सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां स्वास्थ्य संस्थानों में भी घायलों को प्राप्त मात्रा में उपचार देने के लिए पुख्ता बंदोबस्त नहीं थे न चिकित्सक और ना ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मिली। जिसके चलते घायलों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा । मार्गो की हालत इतनी बदहाल है की हरिपुरधार से नाहन अस्पताल पहुंचने के लिए 4-4 घंटे का समय लगा। उन्होंने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से इस दर्दनाक बस हादसे के बाद सबक लेने औऱ क्षेत्र में सड़कों की हालत सुधारने के साथ पैराफिट लगाने और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है। उधर बस हादसे में घायल हुई करीब 5 वर्षीय अन्य ने बताया कि वह अपने भाई बहन और माता के साथ बस में माघी का त्यौहार मनाने के लिए जिला शिमला से अपने घर हरिपुरधार के लिए रवाना हुई थी आनाया बताती है कि यहां अचानक से आगे पहाड़ आया चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और ब्रेक ना लगने के कारण बस खाई में जा गिरी। जिसमें उसे भी चोटें आई हैं। उधर मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल नाहन के एमएस डॉक्टर नवीन ने बताया कि हरिपुरधार बस हादसे के 20 घायलों को नाहन अस्पताल लाया गया था जिनमें से तीन लोगों की हालत में सुधार आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है । जबकि अन्य सभी घायलों का नाहन अस्पताल में इलाज चल रहा है । उन्होंने बताया कि सभी लोग अब खतरे से बाहर हैं ।
सिरमौर , 10 जनवरी [ विशाल सूद ] ! जिला के हरिपुरधार में बीते कल पेश आए दर्दनाक बस हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हो गई तो वहीं 53 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं। दर्दनाक बस हादसे की न्यायिक जांच और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने की निर्देश प्रशासन को दिए गए.। दूसरी ओर हादसे के घायलों की हालत में अब सुधार है और सभी लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं । नाहन के डॉक्टर वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हादसे के 20 घायलों में से तीन घायलों को स्वास्थ्य में सुधार के बाद डिस्चार्ज भी कर दिया गया है जबकि अन्य सभी का इलाज सामान्य रूप से किया जा रहा है।
आपको बता दें दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में बस मालिक प्रताप सिंह के भी बच्चों समेत अन्य परिजन सवार थे जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे में जहां बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं बस का परिचालक सुरक्षित है।
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बस में सवार घायल यात्रियों ने बताया कि कभी ना भूलने वाला दर्द दे गया हरिपुरधार बस हादसा औऱ यह दिन एक काला दिन साबित हुआ है । बस हादसे में घायल हुए लोगों ने बताया कि यह दर्दनाक बस हादसा इतना भयानक था कि उन्हें भी अपने सुरक्षित बचने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
घायलों का कहना है कि सर्द मौसम के चलते सड़क पर पाला जमने के बाद बस स्किट हुई और फिर चालक से ब्रेक ना लगने के चलते अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। उन्होंने बताया कि बस में आवश्यकता से ज्यादा सवारियां सवार थी और बस खाई में गिरने के बाद तहस नहस हो गई।
घायलों का कहना है की खस्ताहाल सड़कें और सड़कों किनारे न पैराफिट और ना ही बैरिकेटिंग होने के चलते इस तरह के दर्दनाक सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां स्वास्थ्य संस्थानों में भी घायलों को प्राप्त मात्रा में उपचार देने के लिए पुख्ता बंदोबस्त नहीं थे न चिकित्सक और ना ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मिली। जिसके चलते घायलों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा ।
मार्गो की हालत इतनी बदहाल है की हरिपुरधार से नाहन अस्पताल पहुंचने के लिए 4-4 घंटे का समय लगा। उन्होंने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से इस दर्दनाक बस हादसे के बाद सबक लेने औऱ क्षेत्र में सड़कों की हालत सुधारने के साथ पैराफिट लगाने और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई है।
उधर बस हादसे में घायल हुई करीब 5 वर्षीय अन्य ने बताया कि वह अपने भाई बहन और माता के साथ बस में माघी का त्यौहार मनाने के लिए जिला शिमला से अपने घर हरिपुरधार के लिए रवाना हुई थी आनाया बताती है कि यहां अचानक से आगे पहाड़ आया चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और ब्रेक ना लगने के कारण बस खाई में जा गिरी। जिसमें उसे भी चोटें आई हैं।
उधर मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल नाहन के एमएस डॉक्टर नवीन ने बताया कि हरिपुरधार बस हादसे के 20 घायलों को नाहन अस्पताल लाया गया था जिनमें से तीन लोगों की हालत में सुधार आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है । जबकि अन्य सभी घायलों का नाहन अस्पताल में इलाज चल रहा है । उन्होंने बताया कि सभी लोग अब खतरे से बाहर हैं ।
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