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सोलन , 09 मार्च [ विशाल सूद ] ! डॉक्टर वाई एस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट, नौणी (सोलन) के फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग द्वारा सोमवार को “ट्यूलिप एवं ऑर्किड फेस्टिवल-कम-फ्लावर शो तथा व्यावसायिक फूलों की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, उद्यमियों और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से व्यावसायिक फूलों की खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने की। उन्होंने प्रदर्शनी में सजे विभिन्न व्यावसायिक फूलों का अवलोकन किया और इस पहल की सराहना की। उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सराहनीय है। इससे बागवानों और किसानों को फूलों की व्यावसायिक खेती के नए अवसर मिलेंगे और वे अच्छी आमदनी अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्यूलिप और ऑर्किड जैसी आकर्षक प्रजातियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और इनकी खेती भविष्य में किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों और विद्यार्थियों को फूलों की आधुनिक खेती, पौध उत्पादन, ग्रीनहाउस तकनीक और बाज़ार से जुड़ी जानकारी भी दी। इसके साथ ही आयोजित फ्लावर शो में विभिन्न रंगों के ट्यूलिप और ऑर्किड की खूबसूरत प्रजातियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, उद्यमी, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
सोलन , 09 मार्च [ विशाल सूद ] ! डॉक्टर वाई एस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट, नौणी (सोलन) के फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग द्वारा सोमवार को “ट्यूलिप एवं ऑर्किड फेस्टिवल-कम-फ्लावर शो तथा व्यावसायिक फूलों की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, उद्यमियों और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से व्यावसायिक फूलों की खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने की। उन्होंने प्रदर्शनी में सजे विभिन्न व्यावसायिक फूलों का अवलोकन किया और इस पहल की सराहना की।
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उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सराहनीय है। इससे बागवानों और किसानों को फूलों की व्यावसायिक खेती के नए अवसर मिलेंगे और वे अच्छी आमदनी अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्यूलिप और ऑर्किड जैसी आकर्षक प्रजातियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और इनकी खेती भविष्य में किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों और विद्यार्थियों को फूलों की आधुनिक खेती, पौध उत्पादन, ग्रीनहाउस तकनीक और बाज़ार से जुड़ी जानकारी भी दी। इसके साथ ही आयोजित फ्लावर शो में विभिन्न रंगों के ट्यूलिप और ऑर्किड की खूबसूरत प्रजातियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, उद्यमी, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
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