गिरी नदी बचाने को ग्रामीण हुए लामबंद, खनन माफिया को खुली चेतावनी अवैध खनन के खिलाफ गिरी नदी किनारे ग्रामीणों का बिगुल, माफिया को चेतावनी
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सिरमौर , 15 मार्च [ विशाल सूद ] ! पांवटा साहिब क्षेत्र में गिरी नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ एक बार फिर स्थानीय लोग लामबंद हो गए हैं। इस बार आंदोलन में ग्रामीण भी खुलकर सामने आ गए हैं, जिससे मामले ने और जोर पकड़ लिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों ने अवैध खनन करने वालों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे तुरंत अपनी गतिविधियां बंद करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गिरी नदी में दिन-रात अवैध खनन चल रहा है, जिससे पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक जंग किरनेश सहित पिछले छह महीनों से इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे लोगों के प्रयासों से कोई ठोस परिणाम निकलेगा। लेकिन जब हालात में सुधार नहीं हुआ तो अब ग्रामीणों को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी,पुरुवाला पुलिस टीम,राजबन पुलिस टीम, और राजबन माइनिंग विभाग, आदि संरक्षण मिल रहा है, जो प्रदेश के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि गिरी और कई नदियों में दिन-रात अवैध खनन जारी है, जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई बार कड़े निर्देश दे चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से खनन माफिया को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि अवैध खनन और अवैध कटान तुरंत बंद किया जाए, लेकिन लालच के कारण यह गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी और सख्त कार्रवाई करना जरूरी हो गया है। वहीं क्षेत्र के आम लोगों ने भी एकजुट होकर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
सिरमौर , 15 मार्च [ विशाल सूद ] ! पांवटा साहिब क्षेत्र में गिरी नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ एक बार फिर स्थानीय लोग लामबंद हो गए हैं। इस बार आंदोलन में ग्रामीण भी खुलकर सामने आ गए हैं, जिससे मामले ने और जोर पकड़ लिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोगों ने अवैध खनन करने वालों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे तुरंत अपनी गतिविधियां बंद करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गिरी नदी में दिन-रात अवैध खनन चल रहा है, जिससे पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
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ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक जंग किरनेश सहित पिछले छह महीनों से इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे लोगों के प्रयासों से कोई ठोस परिणाम निकलेगा। लेकिन जब हालात में सुधार नहीं हुआ तो अब ग्रामीणों को खुद मैदान में उतरना पड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी,पुरुवाला पुलिस टीम,राजबन पुलिस टीम, और राजबन माइनिंग विभाग, आदि संरक्षण मिल रहा है, जो प्रदेश के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि गिरी और कई नदियों में दिन-रात अवैध खनन जारी है, जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई बार कड़े निर्देश दे चुका है।
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दो वर्षों से खनन माफिया को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि अवैध खनन और अवैध कटान तुरंत बंद किया जाए, लेकिन लालच के कारण यह गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी और सख्त कार्रवाई करना जरूरी हो गया है।
वहीं क्षेत्र के आम लोगों ने भी एकजुट होकर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
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