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चम्बा ! श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान राधा अष्टमी के शाही पवित्र स्नान के लिए सचुंई गांव के 10 चेलों को जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी | इसकी जानकारी देते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष श्री मणिमहेश न्यास भरमौर पी पी सिंह ने कहा कि सचूंईं ग्राम पंचायत के शिव के चेलों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से श्री मणिमहेश यात्रा के डल झील मे शाही स्नान के रस्मो रिवाज को पूरा करने हेतु अनुमति मांगी है| जिसमें निर्णय लिया गया है कि केवल 10 चेलों को डल झील पर स्नान के लिए अनुमति दी गई है इनके साथ 6 के करीब वाद्य यंत्रियों को जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी चंबा से चरपट नाथ व दशनामी अखाड़ा छड़ी के साथ आने वाले लोगों ने अभी अनुमति नहीं ली है | भरमौर प्रशासन ने पुलिस थाना प्रभारी भरमौर को 15 जुलाई को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष श्री मणिमहेश न्यास भरमौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण, मणिमहेश यात्रा के दौरान धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का निर्वहन केवल सीमित रूप से एहतियात के तौर पर होगा| फैसले की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए आदेश जारी किए हैं कि राधा अष्टमी से 4 दिन पूर्व हड़सर में पुलिस विभाग के 6 सदस्य की टीम, भरमाणी मंदिर में 3 सदस्य टीम, वह चौरासी मंदिर परिसर गेट पर 2 सदस्य टीम की तैनाती दिन व रात रहेगी| इसके अतिरिक्त श्री मणिमहेश डल झील की ओर जाने वाले समस्त जंगली रास्ते बाया कलाह, बाया कुगती मणिमहेश परिक्रमा के रास्तों से मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोकने हेतु भी पुलिस बल तैनात किए जाएंगे | थाना प्रभारी भरमौर नितिन चौहान ने बताया है कि जम्मू क्षेत्र भदरवाह, डोडा, व भलेष के, जिला प्रशासन की अनुमति से आए 63 के करीब मणिमहेश यात्रियों के जत्थों को 10 से 15 के ग्रुप में डल झील के लिए रवाना कर दिया गया है जो डल झील में पूजा अर्चना व स्नान के बाद देर रात तक पहुंचने के उपरांत हड़सर से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगे |
चम्बा ! श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान राधा अष्टमी के शाही पवित्र स्नान के लिए सचुंई गांव के 10 चेलों को जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी | इसकी जानकारी देते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष श्री मणिमहेश न्यास भरमौर पी पी सिंह ने कहा कि सचूंईं ग्राम पंचायत के शिव के चेलों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से श्री मणिमहेश यात्रा के डल झील मे शाही स्नान के रस्मो रिवाज को पूरा करने हेतु अनुमति मांगी है| जिसमें निर्णय लिया गया है कि केवल 10 चेलों को डल झील पर स्नान के लिए अनुमति दी गई है इनके साथ 6 के करीब वाद्य यंत्रियों को जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी चंबा से चरपट नाथ व दशनामी अखाड़ा छड़ी के साथ आने वाले लोगों ने अभी अनुमति नहीं ली है |
भरमौर प्रशासन ने पुलिस थाना प्रभारी भरमौर को 15 जुलाई को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष श्री मणिमहेश न्यास भरमौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण, मणिमहेश यात्रा के दौरान धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का निर्वहन केवल सीमित रूप से एहतियात के तौर पर होगा|
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फैसले की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए आदेश जारी किए हैं कि राधा अष्टमी से 4 दिन पूर्व हड़सर में पुलिस विभाग के 6 सदस्य की टीम, भरमाणी मंदिर में 3 सदस्य टीम, वह चौरासी मंदिर परिसर गेट पर 2 सदस्य टीम की तैनाती दिन व रात रहेगी|
इसके अतिरिक्त श्री मणिमहेश डल झील की ओर जाने वाले समस्त जंगली रास्ते बाया कलाह, बाया कुगती मणिमहेश परिक्रमा के रास्तों से मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोकने हेतु भी पुलिस बल तैनात किए जाएंगे |
थाना प्रभारी भरमौर नितिन चौहान ने बताया है कि जम्मू क्षेत्र भदरवाह, डोडा, व भलेष के, जिला प्रशासन की अनुमति से आए 63 के करीब मणिमहेश यात्रियों के जत्थों को 10 से 15 के ग्रुप में डल झील के लिए रवाना कर दिया गया है जो डल झील में पूजा अर्चना व स्नान के बाद देर रात तक पहुंचने के उपरांत हड़सर से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगे |
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