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चम्बा , 19 मार्च [ शिवानी ] ! राष्ट्रीय कला मंच जिला चम्बा द्वारा जिला मुख्यालय के कैफे मार्ग पर खुला मंच कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय कलाकारों ने नृत्य, गायन, नाटक और कविता जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। राष्ट्रीय कला मंच जिला चम्बा के सह संयोजक विवेक ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि संस्था संपूर्ण देश भर में कला, संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि खुला मंच का मुख्य उद्देश्य समाज में छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाना, उन्हें उचित प्रशिक्षण देना और क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करना है। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल युवाओं ने ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने मधुर गीतों से वातावरण को संगीतमय बनाया। बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नाटकों और कविताओं ने गहरी छाप छोड़ी। विवेक ठाकुर ने जोर देकर कहा कि यह पहल पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राष्ट्रीय कला मंच भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करता रहेगा।
चम्बा , 19 मार्च [ शिवानी ] ! राष्ट्रीय कला मंच जिला चम्बा द्वारा जिला मुख्यालय के कैफे मार्ग पर खुला मंच कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय कलाकारों ने नृत्य, गायन, नाटक और कविता जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
राष्ट्रीय कला मंच जिला चम्बा के सह संयोजक विवेक ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि संस्था संपूर्ण देश भर में कला, संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि खुला मंच का मुख्य उद्देश्य समाज में छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाना, उन्हें उचित प्रशिक्षण देना और क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करना है।
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इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल युवाओं ने ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने मधुर गीतों से वातावरण को संगीतमय बनाया। बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नाटकों और कविताओं ने गहरी छाप छोड़ी।
विवेक ठाकुर ने जोर देकर कहा कि यह पहल पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राष्ट्रीय कला मंच भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान करता रहेगा।
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