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बिलासपुर, 31 जनवरी: जिला बिलासपुर में परिवहन विभाग द्वारा 38वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलाए गए सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा अभियान का आज समापन हो गया। समापन अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर ने सड़क सुरक्षा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली डीसी कार्यालय से प्रारंभ होकर बिलासपुर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में संपन्न हुई। रैली में बिलासपुर शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सड़क सुरक्षा का संदेश आमजन तक पहुंचाया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि एक माह तक चले सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा अभियान के दौरान जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा विषय पर क्विज प्रतियोगिताएं, पेंटिंग, कविता पाठ तथा मॉडल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों में जागरूकता उत्पन्न की गई। इसके साथ ही निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविरों तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सजग किया गया। अभियान के अंतर्गत ड्राइविंग स्कूलों, जिला के सभी प्रवेश बिंदुओं तथा राशन डिपो के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई। एडीसी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण तथा पुलिस विभाग के सहयोग से पूरे जिला में निरंतर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी जिला के विभिन्न हिस्सों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित व्यवहार के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि कार में सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा वाहन को निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं। साथ ही कहा कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन चलाना गंभीर अपराध है और इससे स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन को भी खतरा होता है। उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने की भी सलाह दी। अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने ट्रैफिक लाइट, सड़क संकेतों और लेन ड्राइविंग के नियमों का पालन करने, आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा मोड़ या लेन बदलते समय इंडिकेटर के सही उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने वाहनों के नियमित रखरखाव को सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि ब्रेक, लाइट और टायरों की समय-समय पर जांच अनिवार्य रूप से कराई जानी चाहिए। उन्होंने पैदल यात्रियों से भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि जहां फुटपाथ उपलब्ध हो, वहां उसका उपयोग करें और फुटपाथ न होने की स्थिति में सड़क के किनारे सावधानीपूर्वक चलें। सड़क पार करते समय जेबरा क्रॉसिंग का प्रयोग करें तथा सड़क पार करते समय जल्दबाजी या दौड़ना दुर्घटनाओं को न्योता दे सकता है, इसलिए धैर्य और सतर्कता आवश्यक है।उन्होंने बताया कि फोरलेन मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1033 पर संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना या आपात सहायता के लिए 108 एंबुलेंस सेवा तथा 112 आपातकालीन सहायता नंबर उपलब्ध हैं, जबकि किसी भी आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर सहायक आयुक्त राज कुमार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार उपस्थित रहे।
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