भाजपा ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाकर मुद्दा उठाया, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
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शिमला, 01 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को जानबूझकर टालने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया गया, ताकि सरकार की मंशा को उजागर किया जा सके और इस पर विस्तृत चर्चा हो। रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में होने थे, लेकिन सरकार ने सुनियोजित तरीके से इन चुनावों को टालने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव आयोग से टकराव लिया और प्रशासन को आयोग के निर्देशों का पालन करने से रोका, जिससे वोटर लिस्ट, रोस्टर और चुनाव सामग्री से जुड़ी प्रक्रियाएं बाधित हुईं। उन्होंने कहा कि इसके बाद 8 अक्टूबर को डिजास्टर एक्ट का सहारा लेकर चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रयास किया गया, जो एक संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न करता है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद सरकार का रवैया टालमटोल वाला बना रहा और सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई, जिससे उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि 31 मार्च को रोस्टर जारी होने की बजाय सरकार ने बैकडेट में 30 मार्च 2026 की अधिसूचना जारी कर दी, जिसमें उपायुक्तों को 5 प्रतिशत तक रोस्टर बदलने का अधिकार दे दिया गया। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243(D) का सीधा उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस प्रकार का कोई भी बदलाव विधायिका की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस निर्णय में न तो राज्य चुनाव आयोग से परामर्श लिया गया और न ही पूर्व प्रकाशन की प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में कैबिनेट से मंजूरी लेकर इस प्रकार की अधिसूचना जारी करना पूरी तरह से तानाशाहीपूर्ण निर्णय है। रणधीर शर्मा ने कहा कि यह फैसला पंचायती राज अधिनियम और संविधान दोनों की मूल भावना के खिलाफ है तथा इससे आरक्षण रोस्टर की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने अध्यक्ष महोदय से आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर नियम 67 के तहत विस्तृत चर्चा कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही है और जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है जिससे चुनाव टलते रहें, क्योंकि उन्हें अपनी हार का अंदेशा है।
शिमला, 01 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को जानबूझकर टालने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया गया, ताकि सरकार की मंशा को उजागर किया जा सके और इस पर विस्तृत चर्चा हो।
रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में होने थे, लेकिन सरकार ने सुनियोजित तरीके से इन चुनावों को टालने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव आयोग से टकराव लिया और प्रशासन को आयोग के निर्देशों का पालन करने से रोका, जिससे वोटर लिस्ट, रोस्टर और चुनाव सामग्री से जुड़ी प्रक्रियाएं बाधित हुईं।
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उन्होंने कहा कि इसके बाद 8 अक्टूबर को डिजास्टर एक्ट का सहारा लेकर चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रयास किया गया, जो एक संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न करता है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद सरकार का रवैया टालमटोल वाला बना रहा और सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई, जिससे उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि 31 मार्च को रोस्टर जारी होने की बजाय सरकार ने बैकडेट में 30 मार्च 2026 की अधिसूचना जारी कर दी, जिसमें उपायुक्तों को 5 प्रतिशत तक रोस्टर बदलने का अधिकार दे दिया गया। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243(D) का सीधा उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस प्रकार का कोई भी बदलाव विधायिका की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस निर्णय में न तो राज्य चुनाव आयोग से परामर्श लिया गया और न ही पूर्व प्रकाशन की प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में कैबिनेट से मंजूरी लेकर इस प्रकार की अधिसूचना जारी करना पूरी तरह से तानाशाहीपूर्ण निर्णय है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यह फैसला पंचायती राज अधिनियम और संविधान दोनों की मूल भावना के खिलाफ है तथा इससे आरक्षण रोस्टर की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने अध्यक्ष महोदय से आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर नियम 67 के तहत विस्तृत चर्चा कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही है और जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है जिससे चुनाव टलते रहें, क्योंकि उन्हें अपनी हार का अंदेशा है।
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