बीबीएमबी की लचर सीवरेज व्यवस्था से शहर में महामारी फैलने का खतरा*
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मंडी , 31 मार्च [ विशाल सूद ] : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा में सुंदरनगर की जर्जर और ओवरलोड सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी और लापरवाही के कारण आज सुंदरनगर शहर गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है। राकेश जमवाल ने कहा कि सुंदरनगर की मल निकासी योजना को प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति वर्ष 1992 में शांता कुमार जी की सरकार द्वारा प्रदान की गई थी। यह पूरी योजना वर्ष 1981 की जनगणना को आधार मानकर तैयार की गई थी और इसकी डिज़ाइन अवधि वर्ष 2025 तक निर्धारित की गई थी। लेकिन वर्तमान हालात यह हैं कि यह व्यवस्था अपनी निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सुंदरनगर शहर में तेज़ी से शहरीकरण हुआ है। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज, डेंटल कॉलेज, अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण यहां की स्थायी और अस्थायी (फ्लोटिंग) आबादी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद सरकार ने समय रहते सीवरेज प्रणाली के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जमवाल ने कहा कि वर्तमान में सीवरेज सिस्टम अपनी डिज़ाइन क्षमता से कहीं अधिक दबाव में काम कर रहा है। इसके कारण बार-बार ओवरफ्लो, पाइपलाइन में ब्लॉकेज और गंदे पानी का खुले नालों में बहना आम हो गया है। विशेषकर सुबह के समय और बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे पूरे शहर में दुर्गंध और गंदगी फैल जाती है और महामारी का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस योजना की डिज़ाइन अवधि 2025 तक थी, वह उससे पहले ही पूरी तरह फेल हो चुकी है। यह सरकार की नाकामी और दूरदर्शिता की कमी को दर्शाता है। जमवाल ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय सुंदरनगर के 70 प्रतिशत क्षेत्र को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा गया था, जबकि शेष 30 प्रतिशत क्षेत्र के लिए भी 19 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत नए क्षेत्रों को जोड़ा गया, लेकिन मूल ढांचे के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे समस्याएं और बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत सुंदरनगर के दो शहरी क्षेत्र रोपा और भैछना के लिए 3 करोड़ 85 लाख रुपये की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी गई है, जहां पहले सीवरेज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। लेकिन कार्यों की धीमी गति और सरकार की उदासीनता के कारण आज तक जनता को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि शहर में बीबीएमबी (BBMB) द्वारा संचालित लगभग 50 वर्ष पुरानी मल निकासी योजना भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। चांगर, पुराना बाजार और चौगान जैसे क्षेत्रों में खुले में सीवरेज बह रहा है, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट सवाल किया कि क्या वह वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुंदरनगर की सीवरेज व्यवस्था के ऑगमेंटेशन और अपग्रेडेशन के लिए कोई ठोस योजना बना रही है? यदि हां, तो उसकी समय-सीमा और बजट का विवरण सार्वजनिक किया जाए। जमवाल ने मांग की कि शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाए और नई STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा सिस्टम को मजबूत किया जाए। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करें और संबंधित विभागों को निर्देश दें, ताकि सुंदरनगर की जनता को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर व्यापक जन आंदोलन करेगी।
मंडी , 31 मार्च [ विशाल सूद ] : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा में सुंदरनगर की जर्जर और ओवरलोड सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी और लापरवाही के कारण आज सुंदरनगर शहर गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है।
राकेश जमवाल ने कहा कि सुंदरनगर की मल निकासी योजना को प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति वर्ष 1992 में शांता कुमार जी की सरकार द्वारा प्रदान की गई थी। यह पूरी योजना वर्ष 1981 की जनगणना को आधार मानकर तैयार की गई थी और इसकी डिज़ाइन अवधि वर्ष 2025 तक निर्धारित की गई थी। लेकिन वर्तमान हालात यह हैं कि यह व्यवस्था अपनी निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही पूरी तरह चरमरा चुकी है।
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उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सुंदरनगर शहर में तेज़ी से शहरीकरण हुआ है। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज, डेंटल कॉलेज, अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण यहां की स्थायी और अस्थायी (फ्लोटिंग) आबादी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद सरकार ने समय रहते सीवरेज प्रणाली के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
जमवाल ने कहा कि वर्तमान में सीवरेज सिस्टम अपनी डिज़ाइन क्षमता से कहीं अधिक दबाव में काम कर रहा है। इसके कारण बार-बार ओवरफ्लो, पाइपलाइन में ब्लॉकेज और गंदे पानी का खुले नालों में बहना आम हो गया है। विशेषकर सुबह के समय और बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे पूरे शहर में दुर्गंध और गंदगी फैल जाती है और महामारी का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस योजना की डिज़ाइन अवधि 2025 तक थी, वह उससे पहले ही पूरी तरह फेल हो चुकी है। यह सरकार की नाकामी और दूरदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
जमवाल ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय सुंदरनगर के 70 प्रतिशत क्षेत्र को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा गया था, जबकि शेष 30 प्रतिशत क्षेत्र के लिए भी 19 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके तहत नए क्षेत्रों को जोड़ा गया, लेकिन मूल ढांचे के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे समस्याएं और बढ़ गई हैं।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत सुंदरनगर के दो शहरी क्षेत्र रोपा और भैछना के लिए 3 करोड़ 85 लाख रुपये की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी गई है, जहां पहले सीवरेज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। लेकिन कार्यों की धीमी गति और सरकार की उदासीनता के कारण आज तक जनता को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।
राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि शहर में बीबीएमबी (BBMB) द्वारा संचालित लगभग 50 वर्ष पुरानी मल निकासी योजना भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। चांगर, पुराना बाजार और चौगान जैसे क्षेत्रों में खुले में सीवरेज बह रहा है, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
उन्होंने सरकार से स्पष्ट सवाल किया कि क्या वह वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुंदरनगर की सीवरेज व्यवस्था के ऑगमेंटेशन और अपग्रेडेशन के लिए कोई ठोस योजना बना रही है? यदि हां, तो उसकी समय-सीमा और बजट का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
जमवाल ने मांग की कि शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाए और नई STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा सिस्टम को मजबूत किया जाए।
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करें और संबंधित विभागों को निर्देश दें, ताकि सुंदरनगर की जनता को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर व्यापक जन आंदोलन करेगी।
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