स्कूली बच्चो को दबाब में बसो में भर-भर कर लाया गया व बाजार जाम से काफ़ी बुजर्गो महिलाओ हॉस्पिटल आवा गवन में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा
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हमीरपुर , 16 दिसंबर [ बिंदिया ठाकुर ] ! सूजानपुर भाजपा मीडिया प्रभारी नरेंद्र ठाकुर ने आज जारी बयान में बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार विधानसभा में बार-बार यह दावा करती रही है कि, चिट्टा जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में आयोजित ‘एंटी-चिट्टा मैराथन’ ने सरकार के इस दावे की पोल खोल दी है। सरकार दबाब में स्कूल के बच्चों की ही भीड़ इकठा कि गई न उन्हें पानी की व्यवस्था न खान पान की व्यवस्था की गई न शौचालय की व्यवस्था की गई , हमीरपुर बाजार जाम से काफ़ी बुजर्गो महिलाओ हॉस्पिटल आवा गवन में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा व व्यापार मंडल,सामजिक संगठन नदारद रहे व अन्य राजनीति दल भी निमत्रण नहीं थे एक तरह का ये मंच सरकारी कार्यक्रम न रह कर कांग्रेस का मंच बन गया यह आयोजन भले ही प्रदेश पुलिस के बैनर तले किया जा रहा हो, लेकिन व्यवहार में इसे पूरी तरह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मैराथन में बदल दिया गया। पूरे मार्ग में कांग्रेस के झंडे लगाए गए, जबकि अन्य राजनीतिक दलों और प्रमुख संगठनों को न तो आमंत्रित किया गया और न ही भागीदारी का अवसर दिया गया। सरकारी खर्च पर आयोजित इस कार्यक्रम को एक दल विशेष से जोड़ देना सरकार की मानसिकता और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश कांग्रेस के लिए चिट्टे के खिलाफ अभियान जनहित से अधिक राजनीतिक लाभ तक सीमित रह गया है। सरकार यदि वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस अभियान में सर्वदलीय सहभागिता सुनिश्चित करती। अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठनों को नजरअंदाज करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जमीनी हकीकत और वास्तविक एकजुटता से कोसों दूर है।
हमीरपुर , 16 दिसंबर [ बिंदिया ठाकुर ] ! सूजानपुर भाजपा मीडिया प्रभारी नरेंद्र ठाकुर ने आज जारी बयान में बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार विधानसभा में बार-बार यह दावा करती रही है कि, चिट्टा जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में आयोजित ‘एंटी-चिट्टा मैराथन’ ने सरकार के इस दावे की पोल खोल दी है। सरकार दबाब में स्कूल के बच्चों की ही भीड़ इकठा कि गई न उन्हें पानी की व्यवस्था न खान पान की व्यवस्था की गई न शौचालय की व्यवस्था की गई , हमीरपुर बाजार जाम से काफ़ी बुजर्गो महिलाओ हॉस्पिटल आवा गवन में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा व व्यापार मंडल,सामजिक संगठन नदारद रहे व अन्य राजनीति दल भी निमत्रण नहीं थे एक तरह का ये मंच सरकारी कार्यक्रम न रह कर कांग्रेस का मंच बन गया
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यह आयोजन भले ही प्रदेश पुलिस के बैनर तले किया जा रहा हो, लेकिन व्यवहार में इसे पूरी तरह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मैराथन में बदल दिया गया। पूरे मार्ग में कांग्रेस के झंडे लगाए गए, जबकि अन्य राजनीतिक दलों और प्रमुख संगठनों को न तो आमंत्रित किया गया और न ही भागीदारी का अवसर दिया गया।
सरकारी खर्च पर आयोजित इस कार्यक्रम को एक दल विशेष से जोड़ देना सरकार की मानसिकता और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश कांग्रेस के लिए चिट्टे के खिलाफ अभियान जनहित से अधिक राजनीतिक लाभ तक सीमित रह गया है।
सरकार यदि वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस अभियान में सर्वदलीय सहभागिता सुनिश्चित करती। अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठनों को नजरअंदाज करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जमीनी हकीकत और वास्तविक एकजुटता से कोसों दूर है।
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