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शिमला , 02 फरवरी [ विशाल सूद ] - हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग शिमला के अनुसार राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम सक्रिय रहा, जबकि कुछ स्थानों पर ठंड और कोहरे का असर भी देखने को मिला। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, सबसे ज़्यादा बर्फ़बारी कोठी में 15.0 सेमी, कल्पा 13.6 सेमी, गोंदला 12.0 सेमी, सांगला 10.5 सेमी, खदराला 7.5 सेमी और जोत 6.5 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। केलांग में 3.0 सेमी और मनाली में 2.5 सेमी बर्फबारी हुई, जबकि कुफरी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि 2 और 3 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है। 6 फरवरी को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। वहीं 4, 5, 7 और 8 फरवरी को प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, आने वाले 2–3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री और अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि जनवरी महीने में 23 जनवरी को हुई बर्फबारी से प्रदेश में करीब 3 महीने का ड्राई स्पेल टूटा है। जनवरी के महीने में सामान्य ही बारिश हुई है। इससे पहले भी साल 2021 से 2025 के बीच में जनवरी के महीने में सामान्य बारिश और बर्फबारी जनवरी के महीने में दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अच्छी बर्फबारी और बारिश से ग्राउंड वाटर में बढ़ोतरी हुई है, ग्लेशियर पर भी अच्छी बर्फबारी हुई है। नेचुरल रिसोर्सेस पूरी तरह से रिचार्ज हो गए हैं, जिससे गर्मियों में पानी की कमी नहीं होगी। किसानों और बागवानों के लिए भी यह बर्फबारी ने संजीवनी का काम किया है। जनवरी के महीने में जहां 20 जनवरी तक प्रदेश में सामान्य से 90% तक कम बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद प्रदेश में स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के बाद लम्बे समय से चल रहे ड्राई स्पेल और बारिश की कमी को दूर किया है।
शिमला , 02 फरवरी [ विशाल सूद ] - हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग शिमला के अनुसार राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम सक्रिय रहा, जबकि कुछ स्थानों पर ठंड और कोहरे का असर भी देखने को मिला।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, सबसे ज़्यादा बर्फ़बारी कोठी में 15.0 सेमी, कल्पा 13.6 सेमी, गोंदला 12.0 सेमी, सांगला 10.5 सेमी, खदराला 7.5 सेमी और जोत 6.5 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। केलांग में 3.0 सेमी और मनाली में 2.5 सेमी बर्फबारी हुई, जबकि कुफरी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि 2 और 3 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
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ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है। 6 फरवरी को भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। वहीं 4, 5, 7 और 8 फरवरी को प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
वहीं, आने वाले 2–3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री और अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि जनवरी महीने में 23 जनवरी को हुई बर्फबारी से प्रदेश में करीब 3 महीने का ड्राई स्पेल टूटा है। जनवरी के महीने में सामान्य ही बारिश हुई है। इससे पहले भी साल 2021 से 2025 के बीच में जनवरी के महीने में सामान्य बारिश और बर्फबारी जनवरी के महीने में दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि अच्छी बर्फबारी और बारिश से ग्राउंड वाटर में बढ़ोतरी हुई है, ग्लेशियर पर भी अच्छी बर्फबारी हुई है। नेचुरल रिसोर्सेस पूरी तरह से रिचार्ज हो गए हैं, जिससे गर्मियों में पानी की कमी नहीं होगी। किसानों और बागवानों के लिए भी यह बर्फबारी ने संजीवनी का काम किया है। जनवरी के महीने में जहां 20 जनवरी तक प्रदेश में सामान्य से 90% तक कम बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद प्रदेश में स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के बाद लम्बे समय से चल रहे ड्राई स्पेल और बारिश की कमी को दूर किया है।
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