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चम्बा , 16 मार्च [ शिवानी ] ! जिला चम्बा के विकास खंड मैहला के अंतर्गत ग्राम पंचायत ब्रेही के पुनर्गठन और सीमा पुनर्निर्धारण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त चम्बा को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपकर नई पंचायत गदियाड़ा के गठन के प्रस्ताव को अवैध घोषित करने और पूर्व में पारित तूर पंचायत के गठन को मान्यता देने की मांग की है। इस प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई अधिवक्ता जय सिंह ने की। ग्रामीणों ने बताया कि 17 नवंबर 2024 को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नई पंचायत तूर के गठन का प्रस्ताव पारित किया था। ग्रामीणों का तर्क है कि भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से तूर पंचायत का गठन ही न्यायोचित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2024 को बुलाई गई ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं था। नियमानुसार, कोरम के अभाव में ली गई कोई भी कार्यवाही कानूनी रूप से मान्य नहीं होती। कोरम पूरा न होने के बावजूद कुछ व्यक्तियों और अधिकारियों ने सरकार को गुमराह किया और नियम विरुद्ध तरीके से गदियाड़ा पंचायत के गठन का प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संलिप्त दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी जायज मांग नहीं मानी गई और तूर पंचायत के बजाय किसी अन्य पंचायत को थोपा गया, तो समस्त ग्रामवासी डी.सी. ऑफिस के बाहर सामूहिक आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चम्बा , 16 मार्च [ शिवानी ] ! जिला चम्बा के विकास खंड मैहला के अंतर्गत ग्राम पंचायत ब्रेही के पुनर्गठन और सीमा पुनर्निर्धारण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त चम्बा को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपकर नई पंचायत गदियाड़ा के गठन के प्रस्ताव को अवैध घोषित करने और पूर्व में पारित तूर पंचायत के गठन को मान्यता देने की मांग की है।
इस प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई अधिवक्ता जय सिंह ने की। ग्रामीणों ने बताया कि 17 नवंबर 2024 को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नई पंचायत तूर के गठन का प्रस्ताव पारित किया था। ग्रामीणों का तर्क है कि भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से तूर पंचायत का गठन ही न्यायोचित है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2024 को बुलाई गई ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं था। नियमानुसार, कोरम के अभाव में ली गई कोई भी कार्यवाही कानूनी रूप से मान्य नहीं होती। कोरम पूरा न होने के बावजूद कुछ व्यक्तियों और अधिकारियों ने सरकार को गुमराह किया और नियम विरुद्ध तरीके से गदियाड़ा पंचायत के गठन का प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया।
ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और संलिप्त दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी जायज मांग नहीं मानी गई और तूर पंचायत के बजाय किसी अन्य पंचायत को थोपा गया, तो समस्त ग्रामवासी डी.सी. ऑफिस के बाहर सामूहिक आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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