- विज्ञापन (Article Top Ad) -
चम्बा ! विकास खंड मैहला की नवगठित ग्राम पंचायत तागी में पशु औषधालय को पुनः बहाल करने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने ए. पी.एम.सी. के चेयरमैन ललित ठाकुर के माध्यम से सी.एम. सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया।इस मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र भरमौर के अंतर्गत विकास खंड मैहला की नवगठित ग्राम पंचायत तागी में पशुओं के उपचार के लिए एक पशु औषधालय कई वर्षों से संचालित हो रहा था, किंतु 2 से 3 दिन पूर्व इस पशु औषधालय को किसी अन्य स्थान के पशु औषधालय में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।ग्राम पंचायत तागी की जनसंख्या लगभग 2000 के आसपास है तथा अधिकांश परिवार पशुपालन और 'माल-मवेशियों पर निर्भर हैं। ऐसे में पशुओं के उपचार के लिए इस औषधालय की सुविधा अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां भी काफी कठिन हैं, जिसके कारण पशुओं को उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों तक ले जाना ग्रामीणों के लिए अत्यंतकठिन हो जाता है।उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र ग्राम पंचायत सुनारा का हिस्सा था, किंतु सरकार द्वारा पंचायतों के पुनर्गठन के पश्चात इसे अलग करके ग्राम पंचायत तागी का गठन किया गया है तथा यह पशु औषधालय भी इसी पंचायत के अंतर्गत आता है। लोगों ने मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या तथा पशुपालन पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत तागी में पशु औषधालय को पुनः बहाल करने की कृपा करें, ताकि स्थानीय लोगों को उनके पशुधन के लिए आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके ।
चम्बा ! विकास खंड मैहला की नवगठित ग्राम पंचायत तागी में पशु औषधालय को पुनः बहाल करने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने ए. पी.एम.सी. के चेयरमैन ललित ठाकुर के माध्यम से सी.एम. सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया।इस मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र भरमौर के अंतर्गत विकास खंड मैहला की नवगठित ग्राम पंचायत तागी में पशुओं के उपचार के लिए एक पशु औषधालय
कई वर्षों से संचालित हो रहा था, किंतु 2 से 3 दिन पूर्व इस पशु औषधालय को किसी अन्य स्थान के पशु औषधालय में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।ग्राम पंचायत तागी की जनसंख्या लगभग 2000 के आसपास है तथा अधिकांश परिवार पशुपालन और 'माल-मवेशियों पर निर्भर हैं। ऐसे में पशुओं के उपचार के लिए इस औषधालय की सुविधा अत्यंत आवश्यक है।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां भी काफी कठिन हैं, जिसके कारण पशुओं को उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों तक ले जाना ग्रामीणों के लिए अत्यंतकठिन हो जाता है।उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र ग्राम पंचायत सुनारा का हिस्सा था, किंतु सरकार द्वारा पंचायतों के पुनर्गठन के पश्चात इसे अलग करके ग्राम पंचायत तागी का गठन किया गया है तथा यह पशु औषधालय भी इसी पंचायत के अंतर्गत आता है। लोगों ने मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या तथा पशुपालन पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत तागी में पशु औषधालय को पुनः बहाल करने की कृपा करें, ताकि स्थानीय लोगों को उनके पशुधन के लिए आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके ।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -