विकास के पैसे वेतन और ऐशो-आराम में उड़ाए, अफसरशाही पर दबाव डालकर झूठे यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट बनवाए : भाजपा प्रवक्ता का कांग्रेस पर तीखा हमला
- विज्ञापन (Article Top Ad) -
शिमला , 04 फरवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता सांदीपनि भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आरडीजी (Revenue Deficit Grant) को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा और आक्रामक पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की नौटंकी कर रहे हैं, जबकि हिमाचल की वित्तीय बदहाली की असली वजह कांग्रेस सरकार की भ्रष्ट, निकम्मी और लूट आधारित नीतियां हैं। सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू आरडीजी बंद होने का रोना रोकर जनता की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह जवाब देना चाहिए कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को जो हजारों करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न योजनाओं के तहत भेजी, उसका उपयोग विकास कार्यों में क्यों नहीं हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में फंड्स का ऐसा खुला दुरुपयोग किया है, जिसकी मिसाल पूरे देश में नहीं मिलती। केंद्र से हिमाचल को भेजी गई राशि को योजनाओं पर खर्च करने के बजाय कांग्रेस सरकार ने अफसरशाही पर दबाव डालकर अनेक विभागों से झूठे और जबरदस्ती बनवाए गए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (UC) प्राप्त किए और उस धन को सीधे प्रदेश की ट्रेजरी में डालकर केवल कर्मचारियों की सैलरी, सरकार की मौज-मस्ती और अपने राजनीतिक खर्चों में झोंक दिया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश के विकास की नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी और कांग्रेस नेताओं के हितों की चिंता कर रहे हैं। हिमाचल को केंद्र से जो पैसा रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मिला, उसे भी कांग्रेस सरकार ने नहीं छोड़ा। रेलवे और स्वास्थ्य के बड़े एमओयू प्रोजेक्ट्स में भी विभागों पर दबाव बनाकर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट हासिल किए गए और करोड़ों रुपये का फंड ट्रेजरी में ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का पुराना चरित्र है—जहां भी पैसा दिखता है वहां विकास नहीं, लूट शुरू हो जाती है। मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को यह बताएं कि आखिर क्यों केंद्रीय योजनाओं के पैसे अस्पतालों, रेल परियोजनाओं और जनकल्याण के कामों पर लगने के बजाय सरकारी खजाने में डालकर खर्च कर दिए गए?सांदीपनि भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार इस स्तर तक बढ़ चुका है कि जिन भवनों और सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर पहले 30 करोड़ रुपये में लगने शुरू हुए थे, वही टेंडर आज कांग्रेस सरकार में बढ़कर 100 से 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। यह पैसा जनता का है, यह पैसा केंद्र से आया था, जिसे गलत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ट्रांसफर कर अब महंगे टेंडरों और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को यह समझना चाहिए कि जनता अब कांग्रेस के बहाने और झूठे आरोपों को स्वीकार नहीं करेगी। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कांग्रेस ने खुद बर्बाद किया है और अब केंद्र पर आरोप लगाकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा स्पष्ट करना चाहती है कि हिमाचल को विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सहायता की आवश्यकता रहती है, लेकिन सहायता के नाम पर कांग्रेस सरकार ने जिस प्रकार से भ्रष्टाचार और फंड दुरुपयोग किया है, उसने प्रदेश को कर्ज और आर्थिक संकट में धकेल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सरकार में ईमानदारी है तो वह एक श्वेत पत्र जारी करे कि केंद्र से मिले फंड कहां-कहां खर्च किए गए और किन योजनाओं में वास्तविक काम हुआ।सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को हिमाचल प्रदेश के विकास की कोई चिंता नहीं है। उनका एकमात्र एजेंडा यही है कि केंद्र से पैसा कैसे आए और उसे किस प्रकार अपने राजनीतिक स्वार्थों और भ्रष्टाचार में इस्तेमाल किया जाए। यही कारण है कि आज प्रदेश की जनता त्रस्त है और कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा प्रदेश की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस सरकार की लूट, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
शिमला , 04 फरवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता सांदीपनि भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आरडीजी (Revenue Deficit Grant) को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा और आक्रामक पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति के लिए केंद्र सरकार को दोष देने की नौटंकी कर रहे हैं, जबकि हिमाचल की वित्तीय बदहाली की असली वजह कांग्रेस सरकार की भ्रष्ट, निकम्मी और लूट आधारित नीतियां हैं।
सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू आरडीजी बंद होने का रोना रोकर जनता की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह जवाब देना चाहिए कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को जो हजारों करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न योजनाओं के तहत भेजी, उसका उपयोग विकास कार्यों में क्यों नहीं हुआ?
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में फंड्स का ऐसा खुला दुरुपयोग किया है, जिसकी मिसाल पूरे देश में नहीं मिलती। केंद्र से हिमाचल को भेजी गई राशि को योजनाओं पर खर्च करने के बजाय कांग्रेस सरकार ने अफसरशाही पर दबाव डालकर अनेक विभागों से झूठे और जबरदस्ती बनवाए गए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (UC) प्राप्त किए और उस धन को सीधे प्रदेश की ट्रेजरी में डालकर केवल कर्मचारियों की सैलरी, सरकार की मौज-मस्ती और अपने राजनीतिक खर्चों में झोंक दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश के विकास की नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी और कांग्रेस नेताओं के हितों की चिंता कर रहे हैं। हिमाचल को केंद्र से जो पैसा रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मिला, उसे भी कांग्रेस सरकार ने नहीं छोड़ा। रेलवे और स्वास्थ्य के बड़े एमओयू प्रोजेक्ट्स में भी विभागों पर दबाव बनाकर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट हासिल किए गए और करोड़ों रुपये का फंड ट्रेजरी में ट्रांसफर कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का पुराना चरित्र है—जहां भी पैसा दिखता है वहां विकास नहीं, लूट शुरू हो जाती है। मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को यह बताएं कि आखिर क्यों केंद्रीय योजनाओं के पैसे अस्पतालों, रेल परियोजनाओं और जनकल्याण के कामों पर लगने के बजाय सरकारी खजाने में डालकर खर्च कर दिए गए?
सांदीपनि भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार इस स्तर तक बढ़ चुका है कि जिन भवनों और सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर पहले 30 करोड़ रुपये में लगने शुरू हुए थे, वही टेंडर आज कांग्रेस सरकार में बढ़कर 100 से 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। यह पैसा जनता का है, यह पैसा केंद्र से आया था, जिसे गलत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ट्रांसफर कर अब महंगे टेंडरों और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को यह समझना चाहिए कि जनता अब कांग्रेस के बहाने और झूठे आरोपों को स्वीकार नहीं करेगी। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कांग्रेस ने खुद बर्बाद किया है और अब केंद्र पर आरोप लगाकर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा स्पष्ट करना चाहती है कि हिमाचल को विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सहायता की आवश्यकता रहती है, लेकिन सहायता के नाम पर कांग्रेस सरकार ने जिस प्रकार से भ्रष्टाचार और फंड दुरुपयोग किया है, उसने प्रदेश को कर्ज और आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सरकार में ईमानदारी है तो वह एक श्वेत पत्र जारी करे कि केंद्र से मिले फंड कहां-कहां खर्च किए गए और किन योजनाओं में वास्तविक काम हुआ।सांदीपनि भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को हिमाचल प्रदेश के विकास की कोई चिंता नहीं है। उनका एकमात्र एजेंडा यही है कि केंद्र से पैसा कैसे आए और उसे किस प्रकार अपने राजनीतिक स्वार्थों और भ्रष्टाचार में इस्तेमाल किया जाए। यही कारण है कि आज प्रदेश की जनता त्रस्त है और कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा प्रदेश की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस सरकार की लूट, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -