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शिमला , 02 फरवरी [ विशाल सूद ] ! डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महांमत्री भाजपा ने सदन में आज जल शक्ति मंत्री से पूछा कि नव स्थापित एक्वा लाइफ कंजर्वेशन माॅनिटरिंग सेंटर की विशेष रूप से इकोटाॅक्सिकोलाॅजी, जलीय पारिस्थितिकी, स्थानीय पारिस्थितिकी और माइक्रोप्लास्टिक विश्लेषण प्रयोगशालाओं के संबंध में गंगा और अन्य नदियों के लिए इस सेंटर की विशिष्ट विशेषताओं और क्षमताओं का ब्यौरा क्या है ? डाॅल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस के अलावा, कछुओं और घड़ियालों जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों के बचाव और पुनर्वास के लिए स्थापित की गई अन्य विशिष्ट अवसंरचना या उपरकरण कौन से हैं और क्या संयुक्त राष्ट्र द्वारा नमामि गंगा कार्यक्रम को शीर्ष पुनर्रूद्धार पहल के रूप में मान्य दिए जाने के बाद, अन्य नदी संरक्षण कार्यक्रमों के साथ राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की कोई योजना है ? केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चैधरी ने बताया कि गंगा एवं अन्य नदियों हेतु नव-उदघाटित एक्वा लाइफ कंजर्वेशन माॅनिटरिंग सेंटर जिसका उदघाटन 13 जनवरी 2026 को किया गया, को देहरादून स्थित भारती वन्यजीव संस्थान में नदी एवं संबंध मीठे जल के पारिस्थितिकी तंत्रों तथा उनकी जैव विविधता के अनुंसधान एवं निगरानी हेतु एक विशिष्ट सुविधा के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होनें बताया कि इस केंद्र में इकोटाॅक्सिकोलाॅजी, जलीय पारिस्थितिकी एवं स्थानिक पारिस्थितिकी की प्रयोगशालाएं स्थापित हैं। यह गंगा डाॅल्फिन और ऊदबिलाव प्रजातियों सहित जलीय जीवों में प्रदूषण संपर्क के मूल्यांकन हेतु गैर आक्रामक दृष्टिकोण का उपयोग करने वाले अध्ययनों को भी समर्थन करती है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने आगे बताया कि नदियों एवं आर्द्रभूमियों के डिजिटल पेट्रोलिंग एवं निगरानी हेतु समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में एक स्पेशियल माॅनिटरिंग एंड रिपोर्टिंग टूल (स्मार्ट) प्रयोगशाला स्थापित की गई है। यह प्रणाली घडि़याल एवं कछुए आबादी सहित जलीय जीवों एवं उनके आवासों के क्षेत्र-स्तरीय निगरानी में सहायता करती है। इसके अतिरिक्त जब्त किए गए कछुए समूहों एवं बचाए गए घडि़यालों की ट्राएज एवं उपचार हेतु बहराइच जिले में सरयू नदी के किरारे एक ट्रांजिट एवं होल्डिंग सुविधा सृजित किया गया है। उन्होनें बताया कि राज्य वन विभागों के सहयोग से गंगा नदी बेसिन में छह जलीय प्रजाति बचाव एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने सदन को बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत की पवित्र गंगा नदी के पुनर्रूद्धार हेतु नमामि गंगे पहल को कनाडा के माॅनिट्रयल में जैव विविधता पर सम्मेलन के 15वें पक्षकार सम्मेलन में प्राकृतिक दुनिया को पुनर्जीवित करने के लिए दुनिया भर के 70 देशों की 150 से अधिक ऐसी पहलों में से शीर्ष 10 विश्व पुनस्र्थापना प्रमुख पहलों में से एक के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र की मान्यता के बाद, एनएमसीजी ने जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वोतम अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं को आत्मसात किया है।
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