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चम्बा , 02 फरवरी [ शिवानी ] ! हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की सुदूर और दुर्गम पांगी घाटी एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण चर्चा में है। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद घाटी के ऊंचे पहाड़ी ढलानों पर हिमालयन थार का एक बड़ा झुंड विचरण करता हुआ देखा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा कैद किया गया इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सफेद बर्फ की चादर से ढके पहाड़ों पर ये फुर्तीले वन्यजीव बड़ी सहजता के साथ भोजन की तलाश में घूम रहे हैं। आमतौर पर हिमालयन थार ऊंचे और पथरीले इलाकों में रहना पसंद करते हैं, लेकिन बर्फबारी के बाद भोजन की तलाश में ये निचले और खुले ढलानों की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दीदार होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि पांगी जैसे क्षेत्रों में हिमालयन थार का इतनी संख्या में दिखना एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। वन विभाग और स्थानीय समुदायों द्वारा वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है। डीएफओ वाइल्डलाइफ चम्बा कुलदीप जमवाल ने बताया कि पांगी में थार की मौजूदगी इस बात का प्रतीक है कि इस क्षेत्र की खाद्य श्रृंखला संतुलित है। उन्होंने बताया कि हिमालयन थार एक मजबूत और गठीले शरीर वाला जंगली जीव है, जो मुख्य रूप से मध्य हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों में पाया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इन वन्यजीवों को दूर से देखें और उन्हें किसी भी तरह से परेशान न करें। उनके प्राकृतिक आवास में शांति बनाए रखना ही उनके संरक्षण की सबसे बड़ी कुंजी है।
चम्बा , 02 फरवरी [ शिवानी ] ! हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की सुदूर और दुर्गम पांगी घाटी एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण चर्चा में है। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद घाटी के ऊंचे पहाड़ी ढलानों पर हिमालयन थार का एक बड़ा झुंड विचरण करता हुआ देखा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा कैद किया गया इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि सफेद बर्फ की चादर से ढके पहाड़ों पर ये फुर्तीले वन्यजीव बड़ी सहजता के साथ भोजन की तलाश में घूम रहे हैं। आमतौर पर हिमालयन थार ऊंचे और पथरीले इलाकों में रहना पसंद करते हैं, लेकिन बर्फबारी के बाद भोजन की तलाश में ये निचले और खुले ढलानों की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दीदार होने की संभावना बढ़ जाती है।
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विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि पांगी जैसे क्षेत्रों में हिमालयन थार का इतनी संख्या में दिखना एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है। वन विभाग और स्थानीय समुदायों द्वारा वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है। डीएफओ वाइल्डलाइफ चम्बा कुलदीप जमवाल ने बताया कि पांगी में थार की मौजूदगी इस बात का प्रतीक है कि इस क्षेत्र की खाद्य श्रृंखला संतुलित है।
उन्होंने बताया कि हिमालयन थार एक मजबूत और गठीले शरीर वाला जंगली जीव है, जो मुख्य रूप से मध्य हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों में पाया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इन वन्यजीवों को दूर से देखें और उन्हें किसी भी तरह से परेशान न करें। उनके प्राकृतिक आवास में शांति बनाए रखना ही उनके संरक्षण की सबसे बड़ी कुंजी है।
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