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हमीरपुर , 06 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के निकट दाडला पंचायत के वार्ड नंबर 4 में इंसानियत और टीमवर्क की एक प्रेरणादायक तस्वीर उस समय देखने को मिली, जब जंगल से पानी और खाने की तलाश में निकला एक हिरण रात के अंधेरे में पानी के खाली और गहरे टैंक में गिर गया। खड्डा गहरा और संकरा होने के कारण हिरण बाहर नहीं निकल सका और पूरी रात वहीं फंसा रहा। अगली सुबह करीब 11 बजे स्थानीय लोगों की नजर टैंक में फंसे हिरण पर पड़ी। तुरंत इसकी सूचना पंचायत उप प्रधान जगन कटोच को दी गई, जिन्होंने बिना देरी किए वन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया। सूचना मिलते ही एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब 8 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में फॉरेस्ट गार्ड टीम, दमकल विभाग, आपदा रेस्क्यू टीम और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों ने बेहतरीन तालमेल के साथ काम किया। टैंक की गहराई और तंग बनावट के कारण ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, लेकिन टीमों ने धैर्य और सावधानी से हर कदम उठाया। शाम करीब 5 बजे सभी की कड़ी मेहनत रंग लाई और हिरण को सुरक्षित खड्डे से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद हिरण की प्राथमिक चिकित्सा की गई, घावों पर मलहम लगाया गया और उसकी सेहत की जांच की गई। इसके बाद हिरण को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इस सफल अभियान में फायर क्रू DCPO मनोज कुमार, HHG हवलदार सुनील कुमार, हवलदार विजय कुमार और SL अजय कुमार की भूमिका सराहनीय रही। स्थानीय लोगों ने उप प्रधान जगन कटोच सहित सभी विभागों की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की। यह घटना साबित करती है कि समय पर सूचना और सामूहिक प्रयास से हर जान बचाई जा सकती है।
हमीरपुर , 06 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के निकट दाडला पंचायत के वार्ड नंबर 4 में इंसानियत और टीमवर्क की एक प्रेरणादायक तस्वीर उस समय देखने को मिली, जब जंगल से पानी और खाने की तलाश में निकला एक हिरण रात के अंधेरे में पानी के खाली और गहरे टैंक में गिर गया। खड्डा गहरा और संकरा होने के कारण हिरण बाहर नहीं निकल सका और पूरी रात वहीं फंसा रहा।
अगली सुबह करीब 11 बजे स्थानीय लोगों की नजर टैंक में फंसे हिरण पर पड़ी। तुरंत इसकी सूचना पंचायत उप प्रधान जगन कटोच को दी गई, जिन्होंने बिना देरी किए वन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया। सूचना मिलते ही एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
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करीब 8 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में फॉरेस्ट गार्ड टीम, दमकल विभाग, आपदा रेस्क्यू टीम और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों ने बेहतरीन तालमेल के साथ काम किया। टैंक की गहराई और तंग बनावट के कारण ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, लेकिन टीमों ने धैर्य और सावधानी से हर कदम उठाया।
शाम करीब 5 बजे सभी की कड़ी मेहनत रंग लाई और हिरण को सुरक्षित खड्डे से बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद हिरण की प्राथमिक चिकित्सा की गई, घावों पर मलहम लगाया गया और उसकी सेहत की जांच की गई। इसके बाद हिरण को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
इस सफल अभियान में फायर क्रू DCPO मनोज कुमार, HHG हवलदार सुनील कुमार, हवलदार विजय कुमार और SL अजय कुमार की भूमिका सराहनीय रही। स्थानीय लोगों ने उप प्रधान जगन कटोच सहित सभी विभागों की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की। यह घटना साबित करती है कि समय पर सूचना और सामूहिक प्रयास से हर जान बचाई जा सकती है।
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