भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने डीसी मंडी को नोटिस जारी करने पर दी प्रतिक्रिया कहा- कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा ने सिर्फ अपने अहम की पूर्ति के लिए जारी किया है नोटिस सर्किट हाउस में गिनकर 10 लोग भी नहीं थे मौजूद, डीसी की हो सकती हैं कई मजबूरियां सीएम ने मंत्रियों को टाइट करके रखा है, इसलिए अब अधिकारियों पर धौंस दिखाकर दर्शाना चाह रहे हैं अपना वर्चस्व
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मंडी , 31 जनवरी [ विशाल सूद ] ! डीसी मंडी अपूर्व देवगन को कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से जारी किए गए प्रिविलेज मोशन को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने प्रतिक्रिया दी है। मंडी में अजय राणा ने कहा कि बतौर डीसी अपूर्व देवगन को दो वर्षों का कार्यकाल अच्छा रहा है। आपदा के समय में इन्हीं के नेतृत्व में प्रशासन ने जो काम किए उसी के दम पर प्रदेश सरकार पड्डल मैदान में अपनी पीठ थपथपा कर चली गई थी। आज उसी अधिकारी को प्रिविलेज मोशन के तहत नोटिस जारी करना सरकार की संकीर्ण सोच का प्रदर्शन कर रहा है। आज लोग सोशल मीडिया पर खुलकर डीसी मंडी के समर्थन में उतरे हैं। यादविंद्र गोमा को नोटिस जारी करने से पहले यह सोच लेना चाहिए था कि उनकी सरकार ने ही उन्हें बीते दो वर्षों से इस पद पर बैठा रखा है। हो सकता है कि अधिकारी की कोई विवश्ता रही हो जिस कारण वे नहीं आ पाए हों। सर्किट हाउस में जिस जनता की मंत्री ने बात कही वहां गिनकर दस लोग भी मौजूद नहीं थे। मंत्री ने खुद कहा कि शाम तक डीसी से उनकी फोन पर बात होती रही और अगले दिन उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अजय राणा ने कहा कि प्रदेश में इन दिनों चर्चा अफसर बनाम बाबू की भी चल रही है। सीएम सुक्खू ने सभी मंत्रियों को टाइट करके रखा है। हो सकता है कि अब यी मंत्री अपना वर्चस्व बचाए रखने के लिए अधिकारियों पर इस तरह से दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हों। हालही में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयानों से भी यही स्पष्ट हुआ है।
मंडी , 31 जनवरी [ विशाल सूद ] ! डीसी मंडी अपूर्व देवगन को कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से जारी किए गए प्रिविलेज मोशन को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने प्रतिक्रिया दी है। मंडी में अजय राणा ने कहा कि बतौर डीसी अपूर्व देवगन को दो वर्षों का कार्यकाल अच्छा रहा है। आपदा के समय में इन्हीं के नेतृत्व में प्रशासन ने जो काम किए उसी के दम पर प्रदेश सरकार पड्डल मैदान में अपनी पीठ थपथपा कर चली गई थी।
आज उसी अधिकारी को प्रिविलेज मोशन के तहत नोटिस जारी करना सरकार की संकीर्ण सोच का प्रदर्शन कर रहा है। आज लोग सोशल मीडिया पर खुलकर डीसी मंडी के समर्थन में उतरे हैं। यादविंद्र गोमा को नोटिस जारी करने से पहले यह सोच लेना चाहिए था कि उनकी सरकार ने ही उन्हें बीते दो वर्षों से इस पद पर बैठा रखा है। हो सकता है कि अधिकारी की कोई विवश्ता रही हो जिस कारण वे नहीं आ पाए हों।
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सर्किट हाउस में जिस जनता की मंत्री ने बात कही वहां गिनकर दस लोग भी मौजूद नहीं थे। मंत्री ने खुद कहा कि शाम तक डीसी से उनकी फोन पर बात होती रही और अगले दिन उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अजय राणा ने कहा कि प्रदेश में इन दिनों चर्चा अफसर बनाम बाबू की भी चल रही है।
सीएम सुक्खू ने सभी मंत्रियों को टाइट करके रखा है। हो सकता है कि अब यी मंत्री अपना वर्चस्व बचाए रखने के लिए अधिकारियों पर इस तरह से दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हों। हालही में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयानों से भी यही स्पष्ट हुआ है।
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