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चम्बा , 03 मार्च [ शिवानी ] ! जिला चम्बा की ग्राम पंचायत करिया के अंतर्गत ग्राम गुवाड़ी के ग्रामीणों ने प्रस्तावित 500 केवी सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण का विरोध जताया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त चम्बा को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर संयंत्र को अन्य स्थान पर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है, वह क्षेत्र गुवाड़ी सहित साथ लगते गांव घुम और लुडू का साझा चारागाह है। यही स्थान पशुओं के चरने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके अतिरिक्त वहीं पर प्राकृतिक जल स्रोत (पनिहारा) भी स्थित है, जहां से ग्रामीण और उनके पशु पानी पीते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों का मुख्य रास्ता भी इसी स्थान से होकर गुजरता है। ऐसे में संयंत्र निर्माण होने पर बच्चों की आवाजाही और पशुपालन दोनों प्रभावित होंगे। लोगों को आशंका है कि चारागाह खत्म होने से पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो सकती है और जल स्रोत प्रभावित होने पर गांव में पेयजल संकट भी गहरा सकता है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि ग्रामीणों की आजीविका और बुनियादी जरूरतों पर असर न पड़े।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी भावनाओं को समझते हुए उचित निर्णय लेगा।
चम्बा , 03 मार्च [ शिवानी ] ! जिला चम्बा की ग्राम पंचायत करिया के अंतर्गत ग्राम गुवाड़ी के ग्रामीणों ने प्रस्तावित 500 केवी सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण का विरोध जताया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त चम्बा को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर संयंत्र को अन्य स्थान पर स्थापित करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है, वह क्षेत्र गुवाड़ी सहित साथ लगते गांव घुम और लुडू का साझा चारागाह है। यही स्थान पशुओं के चरने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके अतिरिक्त वहीं पर प्राकृतिक जल स्रोत (पनिहारा) भी स्थित है, जहां से ग्रामीण और उनके पशु पानी पीते हैं।
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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों का मुख्य रास्ता भी इसी स्थान से होकर गुजरता है। ऐसे में संयंत्र निर्माण होने पर बच्चों की आवाजाही और पशुपालन दोनों प्रभावित होंगे। लोगों को आशंका है कि चारागाह खत्म होने से पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो सकती है और जल स्रोत प्रभावित होने पर गांव में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।
ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि ग्रामीणों की आजीविका और बुनियादी जरूरतों पर असर न पड़े।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी भावनाओं को समझते हुए उचित निर्णय लेगा।
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