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शिमला , 17 जनवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय सेना अपना 78वाँ सेना दिवस मना रही है और अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) द्वारा निकड्रिन ऑफिसर्स मेस में एट होम का आयोजन किया गया जिसमें राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही 21वीं सदी की उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए भारतीय सेना की तैयारियों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि सेना दिवस कोई औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सेना के साहस, शौर्य और राष्ट्र की संप्रभुता का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि सेना है तो हम है और हम है तो देश है। सेना की बदौलत आज देश और देशवासी सुरक्षित हैं। सेना की महानता को कोई चुनौती नहीं दे सकता। समारोह को संबोधित करते हुए एआरटीआरएसी के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सेना दिवस कोई परेड या उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन वीरों को नमन करने का दिन है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने 21वीं सदी में भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मजबूत कवच के रूप में अपनी भूमिका बार-बार सिद्ध की है।
शिमला , 17 जनवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय सेना अपना 78वाँ सेना दिवस मना रही है और अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) द्वारा निकड्रिन ऑफिसर्स मेस में एट होम का आयोजन किया गया जिसमें राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही 21वीं सदी की उभरती सुरक्षा चुनौतियों के लिए भारतीय सेना की तैयारियों पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि सेना दिवस कोई औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सेना के साहस, शौर्य और राष्ट्र की संप्रभुता का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि सेना है तो हम है और हम है तो देश है। सेना की बदौलत आज देश और देशवासी सुरक्षित हैं। सेना की महानता को कोई चुनौती नहीं दे सकता।
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समारोह को संबोधित करते हुए एआरटीआरएसी के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सेना दिवस कोई परेड या उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन वीरों को नमन करने का दिन है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने 21वीं सदी में भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मजबूत कवच के रूप में अपनी भूमिका बार-बार सिद्ध की है।
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