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शिमला , 15 जुलाई [ विशाल सूद ] ! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में 16वें वित्तायोग के अध्यक्षा डॉ. अरविंद पनगड़िया से भेंट की और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वित्तायोग से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के हर संभव प्रयास कर रही है। सतत विकास लक्ष्यों सहित विभिन्न मानकों पर हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों मेंएक है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग से राज्य के हित में सिफारिश करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में अन्य राज्यों की तुलना में खर्च कई गुना अधिक होता है। इसलिए पहाड़ी राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात से कम से कम दोगुना हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने आयोग से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित राजस्व संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान में भारी कटौती की गई है जिसके चलते राज्य को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। श्री सुक्खू ने पहाड़ी राज्यों के लिए वार्षिक बजट में अलग से ग्रीन फंड का प्रावधान करने अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस विषय में प्रधानमंत्री के साथा भी चर्चा की गई है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन, कर्ज से राहत, स्थानीय निकायों को अनुदान और राज्य के लिए विशेष अनुदान संबंधी दिए गए सुझावों से भी डॉ. पनगड़िया को अवगत करवाया और इन सुझावों को स्वीकार करने का आग्रह किया। डॉ. पनगड़िया ने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
शिमला , 15 जुलाई [ विशाल सूद ] ! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में 16वें वित्तायोग के अध्यक्षा डॉ. अरविंद पनगड़िया से भेंट की और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वित्तायोग से सहयोग का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के हर संभव प्रयास कर रही है। सतत विकास लक्ष्यों सहित विभिन्न मानकों पर हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों मेंएक है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग से राज्य के हित में सिफारिश करने का अनुरोध किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में अन्य राज्यों की तुलना में खर्च कई गुना अधिक होता है। इसलिए पहाड़ी राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात से कम से कम दोगुना हिस्सा मिलना चाहिए।
उन्होंने आयोग से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित राजस्व संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान में भारी कटौती की गई है जिसके चलते राज्य को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
श्री सुक्खू ने पहाड़ी राज्यों के लिए वार्षिक बजट में अलग से ग्रीन फंड का प्रावधान करने अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस विषय में प्रधानमंत्री के साथा भी चर्चा की गई है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन, कर्ज से राहत, स्थानीय निकायों को अनुदान और राज्य के लिए विशेष अनुदान संबंधी दिए गए सुझावों से भी डॉ. पनगड़िया को अवगत करवाया और इन सुझावों को स्वीकार करने का आग्रह किया।
डॉ. पनगड़िया ने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
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