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शिमला , 10 मार्च [ विशाल सूद ] ! डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ने आज सदन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री से पूछा कि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज की गई उच्च अस्वीकृति दर को देखते हुए चम्बा के पता लगाने में कठिन अथवा दस्तावेजों की कमी वाले आवेदकों की सहायता के लिए क्या विशिष्ट उपाय किए जा रहे हैं ? क्या चम्बा के दूरस्थ खंडो में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण पोर्टल पंजीकरण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशिष्ट डिजिटल अवसंरचना सुधार की कोई योजना बनाई गई है ? चम्बा के उन कारीगरों की आय या उत्पदान क्षमता में अनुमानित बढ़ोतरी का ब्यौरा क्या है जिन्होनें पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया है और क्या सरकार व्यापार से जुड़े जोखिमों के विरूद्ध विशिष्ट रूप से चम्बा के पारंपरिक शिल्प के लिए विशेष रियायती बीमा शुरू करने की योजना बना रही है ? सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में एक सुदृढ़ सत्यापन प्रक्रिया है जहां आवेदनों को त्रिस्तरीय ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिसमें ग्राम पंचायत शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन, जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा सत्यापन और एमएसएमई विकास कार्यालय के एक अधिकारी की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी का अनुमोदन जिसमें राज्य/संघ क्षेत्र स्तर बैंकर्स समिति का सदस्य और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के एक सदस्य शामिल होते हैं। केन्द्रीय राज्य मंत्री ने चम्बा जिले सहित दूरस्थ और दस्तावेजीकरण की कमी वाले क्षेत्रों के आवेदकों को सहायता प्रदान करने के लिए किए गए उपायो के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत कारीगरों को अपने आवेदन को पूरा करने और सुधारने में सहायता करने के लिए सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से नामांकन की सुविधा प्रदान की जाती है। एकीकृत पीएम विश्वकर्मा पोर्टल के माध्यम से एक मजबूत प्रौद्योगिकी सक्षम निगरानी फ्रेमवर्क कार्यरत है, जो सत्यापन के सभी चरणों की रियल टाइम में निगरानी रखता है। लाभार्थी का विवरण आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है और साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम प्रधानों को भी आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ऑनबोर्ड किया जाता है। लाभाथी के ऑनबोर्ड, ग्राम प्रधान के ऑनबोर्डिंग के लिए सामान्य सेवा केंद्रों के साथ गहन समन्वय किया गया है। कारीगरों के प्रलेखन और नामांकन को सुगम बनाने के लिए ग्राम पंचायत/यूएलबी स्तर पर जागरूकता और मोबिलाइजेशन शिविर आयोजित किए गए हैं। जिला विशिष्ट बाधाओं को दूर करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, पंचायती राज विभागों, यूएलबी, एसएलबीसी, डीएम/डीसी और एमएसएमई-डीएफओ के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की गई हैं। उन्होनें आगे कहा कि पीएम विश्वकर्मा पोर्टल, चंबा जिले के दूरदराज क्षेत्रों सहित, दूरस्थ क्षेत्रों में सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदनों को आॅनबोर्ड करने के प्रावधान के साथ एक सम्पूर्ण डिजिटल प्लेटफाॅर्म है। 5 मार्च, 2026 तक पोर्टल पर 2.72 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं और सत्यापन के बाद योजना के तहत 30 लाख पंजीकरण पूरे किए गए हैं। केन्द्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, संपार्शिवक मुक्त उच्च रियाती ऋण, आधुनिक टूलकिट, डिजिटल लेनेदेन के लिए आर्थिक प्रोत्साहन और विपणन लिंकेज प्रदान किए जाते हैं। पीएम विश्वकर्मा के तहत चम्बा जिले के पारंपरिक कारीगरों के लिए अलग से रियायती व्यापार जोखिम बीमा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, पात्रता होने पर लाभार्थी मौजूदा सरकारी स्कीमों के तहत सामाजिक सुरक्षा और बीमा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
शिमला , 10 मार्च [ विशाल सूद ] ! डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ने आज सदन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री से पूछा कि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज की गई उच्च अस्वीकृति दर को देखते हुए चम्बा के पता लगाने में कठिन अथवा दस्तावेजों की कमी वाले आवेदकों की सहायता के लिए क्या विशिष्ट उपाय किए जा रहे हैं ? क्या चम्बा के दूरस्थ खंडो में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण पोर्टल पंजीकरण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशिष्ट डिजिटल अवसंरचना सुधार की कोई योजना बनाई गई है ?
चम्बा के उन कारीगरों की आय या उत्पदान क्षमता में अनुमानित बढ़ोतरी का ब्यौरा क्या है जिन्होनें पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया है और क्या सरकार व्यापार से जुड़े जोखिमों के विरूद्ध विशिष्ट रूप से चम्बा के पारंपरिक शिल्प के लिए विशेष रियायती बीमा शुरू करने की योजना बना रही है ?
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में एक सुदृढ़ सत्यापन प्रक्रिया है जहां आवेदनों को त्रिस्तरीय ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिसमें ग्राम पंचायत शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन, जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा सत्यापन और एमएसएमई विकास कार्यालय के एक अधिकारी की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी का अनुमोदन जिसमें राज्य/संघ क्षेत्र स्तर बैंकर्स समिति का सदस्य और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के एक सदस्य शामिल होते हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने चम्बा जिले सहित दूरस्थ और दस्तावेजीकरण की कमी वाले क्षेत्रों के आवेदकों को सहायता प्रदान करने के लिए किए गए उपायो के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत कारीगरों को अपने आवेदन को पूरा करने और सुधारने में सहायता करने के लिए सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से नामांकन की सुविधा प्रदान की जाती है।
एकीकृत पीएम विश्वकर्मा पोर्टल के माध्यम से एक मजबूत प्रौद्योगिकी सक्षम निगरानी फ्रेमवर्क कार्यरत है, जो सत्यापन के सभी चरणों की रियल टाइम में निगरानी रखता है। लाभार्थी का विवरण आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है और साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम प्रधानों को भी आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ऑनबोर्ड किया जाता है। लाभाथी के ऑनबोर्ड, ग्राम प्रधान के ऑनबोर्डिंग के लिए सामान्य सेवा केंद्रों के साथ गहन समन्वय किया गया है।
कारीगरों के प्रलेखन और नामांकन को सुगम बनाने के लिए ग्राम पंचायत/यूएलबी स्तर पर जागरूकता और मोबिलाइजेशन शिविर आयोजित किए गए हैं। जिला विशिष्ट बाधाओं को दूर करने के लिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, पंचायती राज विभागों, यूएलबी, एसएलबीसी, डीएम/डीसी और एमएसएमई-डीएफओ के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की गई हैं।
उन्होनें आगे कहा कि पीएम विश्वकर्मा पोर्टल, चंबा जिले के दूरदराज क्षेत्रों सहित, दूरस्थ क्षेत्रों में सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदनों को आॅनबोर्ड करने के प्रावधान के साथ एक सम्पूर्ण डिजिटल प्लेटफाॅर्म है। 5 मार्च, 2026 तक पोर्टल पर 2.72 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं और सत्यापन के बाद योजना के तहत 30 लाख पंजीकरण पूरे किए गए हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, संपार्शिवक मुक्त उच्च रियाती ऋण, आधुनिक टूलकिट, डिजिटल लेनेदेन के लिए आर्थिक प्रोत्साहन और विपणन लिंकेज प्रदान किए जाते हैं। पीएम विश्वकर्मा के तहत चम्बा जिले के पारंपरिक कारीगरों के लिए अलग से रियायती व्यापार जोखिम बीमा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, पात्रता होने पर लाभार्थी मौजूदा सरकारी स्कीमों के तहत सामाजिक सुरक्षा और बीमा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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